दिल्ली में तेजी से बढ़े H1N1 के मामले, क्या नया स्ट्रेन है वजह? ICMR ने दिया जवाब

भारत में H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच ICMR ने साफ किया है कि फिलहाल फैल रहा वायरस कोई नया स्ट्रेन नहीं है। दिल्ली में मामलों में तेज उछाल जरूर देखा गया है लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वायरस वैक्सीन स्ट्रेन से मेल खाता है।

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In Short

  • ICMR ने कहा भारत में फैल रहा H1N1 कोई नया स्ट्रेन नहीं है
  • दिल्ली में इस साल H1N1 के 1,777 मामले दर्ज किए गए हैं
  • सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द जैसे लक्षण होने पर अस्पताल जाना जरूरी है

By Gaurav Kumar:

भारत में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR के वैज्ञानिकों ने कहा है कि अभी देश में फैल रहा वायरस कोई नया स्ट्रेन नहीं है। इसलिए इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

ICMR के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मुताबिक देश में इस समय Influenza A H1N1 pdm09 वायरस का A/Missouri/11/2025 जैसा स्ट्रेन फैल रहा है। यह वायरस 2025 से सर्कुलेशन में है और उत्तरी गोलार्ध के लिए सुझाई गई वैक्सीन स्ट्रेन से इसका अच्छा मेल है।

दिल्ली में तेजी से बढ़े मामले

दिल्ली में H1N1 के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक सामने आए 2,392 Influenza-A मामलों में से 1,777 H1N1 के हैं। पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले सामने आए थे। शहर में कुल इन्फ्लुएंजा मामलों की संख्या 2,600 के पार पहुंच चुकी है।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा नमी मानसून के दौरान तापमान में बदलाव और घरों के अंदर ज्यादा लोगों के जुटने जैसी स्थितियां संक्रमण बढ़ने की वजह बन रही हैं।

किन मरीजों का इलाज घर पर हो सकता है

हल्के लक्षण वाले मरीज Category A में आते हैं। इनमें हल्का बुखार खांसी गले में दर्द नाक बहना शरीर में दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण शामिल हैं। ऐसे मरीज घर पर आइसोलेशन आराम और लक्षणों के मुताबिक इलाज के साथ ठीक हो सकते हैं। इनके लिए आमतौर पर एंटीवायरल दवा या लैब टेस्ट की जरूरत नहीं होती।

हाई रिस्क ग्रुप में आने वाले मरीजों को तेज बुखार या गंभीर गले की तकलीफ होने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवा दे सकते हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं 65 साल से अधिक उम्र के लोग छोटे बच्चे और पहले से गंभीर बीमारी वाले लोग शामिल हैं।

कब जरूरी है अस्पताल जाना

सांस लेने में परेशानी सीने में दर्द भ्रम बहुत ज्यादा सुस्ती लगातार उल्टी या दस्त खून वाली खांसी या हालत अचानक बिगड़ना गंभीर संकेत हैं। बच्चों में तेज या मुश्किल सांस होंठ या त्वचा नीली पड़ना खाना पीना बंद करना या बहुत ज्यादा सुस्ती भी चेतावनी के संकेत हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री Pankaj Kumar Singh ने तैयारियों की समीक्षा की है। दिल्ली के 35 अस्पतालों को निगरानी में रखा गया है और AIIMS तथा NCDC में टेस्टिंग सुविधाएं सक्रिय की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक बेड ऑक्सीजन जरूरी दवाएं और वेंटिलेटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
 

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