GRAP की पाबंदियों के बाद भी दिल्ली की हवा खराब! AQI 331 पहुंचा, कई इलाकों में 400 के पार
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सख्त नियम लागू हैं, लेकिन हवा की हालत लगातार खराब बनी हुई है। कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बॉर्डर पर गाड़ियों की जांच से लंबा जाम लग रहा है। जानिए किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण है और आगे क्या होगा।

In Short
- दिल्ली का औसत AQI 331 पहुंचा, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार दर्ज हुआ।
- GRAP-2 की सख्ती के बीच दिल्ली के बॉर्डर पर लंबा जाम, 609 गाड़ियों को वापस भेजा गया।
- IMD और IITM का अनुमान, आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा बेहद खराब रह सकती है।
दिल्ली में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। GRAP के तहत पाबंदियां लागू होने के बावजूद राजधानी की हवा बेहद खराब बनी हुई है। दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 331 दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में यह 400 के पार पहुंच गया। आसमान में स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है। वहीं, प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच तेज होने से लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली के इन इलाकों में AQI 400 के पार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा AQI 449 दर्ज किया गया। इसके बाद रोहिणी में 429 और पंजाबी बाग में 424 रहा। विवेक विहार में AQI 410, अलीपुर में 413, नरेला में 406 और बवाना में 403 दर्ज किया गया।
इसके अलावा मुंडका में AQI 396, ITO में 373, मंदिर मार्ग पर 368 और ओखला फेज-2 में 352 रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है।
दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू, आगे भी राहत की उम्मीद कम
बिगड़ती हवा को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सोमवार को पूरे दिल्ली-NCR में GRAP-2 के नियम लागू कर दिए। भारतीय मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में रह सकती है।
GRAP-2 के तहत सड़कों की मशीनों से नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम भी शामिल हैं।
दिल्ली की सीमाओं पर लंबा जाम, 609 गाड़ियां वापस भेजीं
प्रदूषण से जुड़े नियमों की सख्ती से जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा, दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-सोनीपत और दिल्ली-नजफगढ़ बॉर्डर पर लंबा जाम लगा।
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर सिरहौल टोल प्लाजा के पास NH-48 पर कई किलोमीटर तक गाड़ियों की कतारें लगी रहीं। आया नगर बॉर्डर पर BS-VI मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली गाड़ियों को वापस भेजा गया।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, रविवार से 7,657 गाड़ियों की जांच की गई और 609 गाड़ियों को वापस भेजा गया। नो-एंट्री नियम तोड़ने पर 433 चालान भी काटे गए।
76 कमर्शियल गाड़ियों के परमिट पर कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने नो-एंट्री नियमों का उल्लंघन करने वाली 76 कमर्शियल गाड़ियों के परमिट निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की है। इनमें 10 गाड़ियां दिल्ली और 66 दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड हैं।
दिल्ली की गाड़ियों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जबकि बाकी मामलों में संबंधित परिवहन अधिकारियों को सिफारिश भेजी गई है।
इसके अलावा भारी और कमर्शियल गाड़ियों की अवैध एंट्री रोकने के लिए सेंट्रल रेंज में 12 विशेष चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। इनमें राजघाट, IP फ्लाईओवर, युधिष्ठिर सेतु, शांति वन चौक, बुराड़ी फ्लाईओवर, पिंजरा टी-पॉइंट, इंद्रलोक और चंदगी राम अखाड़ा शामिल हैं।