दिल्ली-NCR में 12 घंटे की बारिश ने मचाई आफत, सड़कें बनीं नदियां और घंटों जाम में फंसे लोग
दिल्ली-NCR में 12 घंटे की तेज बारिश ने कई इलाकों की तस्वीर बदल दी। सड़कें डूब गईं, ट्रैफिक थम गया और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश के बीच सामने आए आंकड़े और अलग-अलग इलाकों के हालात पूरी तस्वीर बताते हैं।

In Short
- दिल्ली में 204.1 एमएम बारिश: अगस्त की सामान्य मासिक बारिश का करीब 90% हिस्सा पहले आठ दिनों में दर्ज हुआ।
- कई इलाकों में भारी वाटरलॉगिंग: एमबी रोड, महिपालपुर, छतरपुर, संगम विहार और साकेत समेत कई जगह सड़कें डूब गईं।
- गुरुग्राम और नोएडा भी प्रभावित: गुरुग्राम में बिल्डिंग कोलैप्स से 2 लोगों की मौत हुई, जबकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी फ्लडिंग और ट्रैफिक जाम रहा।
Delhi NCR rain: तेज बारिश से दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हालात बिगड़ गए। सड़कें पानी में डूब गईं, गाड़ियां फंस गईं और लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम में परेशान होना पड़ा। दिल्ली में लगातार तीसरे दिन मानसून की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कई जगह पानी घरों और अस्पतालों तक पहुंच गया, जबकि कुछ इलाकों में लोगों को घुटने और कमर तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस बारिश ने दिल्ली-NCR की कई बड़ी समस्याएं फिर सामने ला दीं।
दिल्ली में 204.1 एमएम बारिश
सफदरजंग मौसम केंद्र पर शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक 127 एमएम बारिश दर्ज हुई। इसके बाद दिनभर में 77.1 एमएम और बारिश हुई। रात 8.30 बजे तक अगस्त में कुल बारिश 204.1 एमएम पहुंच गई, जो पूरे महीने की सामान्य बारिश का करीब 90 फीसदी है। दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिनों में 2011 के बाद सबसे ज्यादा बारिश दर्ज होने वाली है।
एमबी रोड से छतरपुर तक पानी ही पानी
एमबी रोड सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रहा। सफदरजंग हॉस्पिटल में भी पानी घुस गया, जबकि ग्रेटर कैलाश मेट्रो स्टेशन का एंट्रेंस पानी में डूब गया। कपासहेड़ा, ग्रेटर कैलाश-2, जहांपनाह अर्बन फॉरेस्ट, ओखला, सदर बाजार, महिपालपुर और साकेत में भी भारी वाटरलॉगिंग हुई।
लोगों को घुटने से कमर तक पानी में चलना पड़ा
छतरपुर में स्कूल के बच्चे घुटनों तक पानी में चलते दिखे। संगम विहार में लोग कमर तक पानी के बीच गाड़ियों को धक्का देते नजर आए। खानपुर से ओखला मोड़ तक कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम रहा।
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संगम विहार, देवली और अंबेडकर नगर भी पानी में डूबे रहे। फतेहपुर बेरी की वाल्मीकि बस्ती में बच्चों को नीली प्लास्टिक शीट पर बैठाकर पानी से पार कराया गया।
90 शिकायतें, गुरुग्राम में 2 लोगों की मौत
अथॉरिटीज को वाटरलॉगिंग, पेड़ गिरने, दीवार गिरने और पावर आउटेज से जुड़ी करीब 90 शिकायतें मिलीं। गुरुग्राम में बिल्डिंग कोलैप्स से दो लोगों की मौत हो गई। गुरुग्राम में लगातार तीसरे दिन फ्लडिंग रही। आईएमडी के मुताबिक 72 घंटे में शहर में 172 एमएम बारिश हुई, जिसमें शुक्रवार शाम 5.30 बजे तक 60 एमएम बारिश शामिल है।
नोएडा में भी अंडरपास और सड़कें डूबीं
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी कई सड़कें पानी में डूब गईं और अंडरपास में पानी भर गया। नोएडा में शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटे में 39 एमएम बारिश दर्ज हुई। पुष्प विहार में 147.5 एमएम, छतरपुर में 131 एमएम, पालम में 88.7 एमएम और आया नगर में 87.4 एमएम बारिश हुई।
बारिश कम होगी, लेकिन ड्रेनेज पर सवाल
आईएमडी ने बताया कि दिल्ली-NCR में बारिश की वजह एक्टिव मानसून ट्रफ है। शनिवार से बारिश की एक्टिविटी कम होने की उम्मीद है और अगले दो दिनों में हल्की बारिश हो सकती है। इस बीच रेजिडेंट्स ने क्लॉग्ड ड्रेन्स, खराब रोड डिजाइन और सालों से चली आ रही लापरवाही को जिम्मेदार बताया। वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि बड़े वाटरलॉगिंग हॉटस्पॉट्स को ठीक कर दिया गया है और ज्यादा परेशानी उन गांवों और ग्रामीण इलाकों में है, जहां ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स अभी चल रहे हैं।