पाकिस्तान के पंजाब से दिल्ली-NCR तक पहुंचेगा पराली का धुआं? NASA की तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली-NCR में पहले से खराब हवा के बीच पाकिस्तान के पंजाब से आने वाला धुआं नई परेशानी खड़ी कर सकता है। NASA के सैटेलाइट डेटा में पराली जलाने की हजारों घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। जानिए किन इलाकों पर इसका असर पड़ सकता है।

In Short
- पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं भारतीय पंजाब के मुकाबले 4.2 गुना ज्यादा दर्ज हुईं।
- NASA के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब में अक्टूबर के 29 दिनों में 13,241 जगहों पर आग का पता चला।
- दिल्ली में AQI 331 पहुंचा, जबकि कई इलाकों में यह 400 के पार दर्ज किया गया।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बड़े पैमाने पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। आशंका है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ इसका धुआं भारत में पहुंच सकता है। इससे दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद और उत्तर भारत के दूसरे इलाकों में प्रदूषण बढ़ सकता है। इस बीच भारत के पंजाब में भी पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले चार दिनों तक उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, कम से कम एक हफ्ते तक पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ सकती है।
पाकिस्तान के पंजाब में 4.2 गुना ज्यादा पराली जली
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर के शुरुआती 29 दिनों में पाकिस्तान के पंजाब में भारत के पंजाब के मुकाबले 4.2 गुना ज्यादा आग लगने की घटनाएं दर्ज हुईं।
NASA के फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब में 13,241 और भारत के पंजाब में 3,158 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, भारतीय पंजाब के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों में यह संख्या 1,007 रही।
पाकिस्तान में जिन जगहों पर आग का पता चला, उनमें से करीब 92 फीसदी खेतों में थीं और इनके फसल जलाने से जुड़े होने की संभावना जताई गई है।
अक्टूबर के आखिरी दिनों में तेजी से बढ़ीं घटनाएं
अक्टूबर के आखिरी दिनों में पाकिस्तान के पंजाब में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ीं। महीने के अंतिम सात दिनों में 6,655 जगहों पर आग का पता चला। अकेले 29 अक्टूबर को 1,327 घटनाएं दर्ज हुईं।
सबसे ज्यादा मामले लाहौर के आसपास धान उगाने वाले इलाकों में सामने आए। ओकारा में 2,144, गुजरांवाला में 1,011 और ननकाना साहिब में 1,003 घटनाएं दर्ज हुईं।
इसके अलावा पाकपट्टन में 922, शेखूपुरा में 756, हाफिजाबाद में 713 और डेरा गाजी खान में 710 जगहों पर आग का पता चला।
यहां देखें NASA की ओर से शेयर की गई तस्वीर
भारतीय पंजाब के इन जिलों में भी जल रही पराली
भारत के पंजाब में तरनतारन सबसे ज्यादा प्रभावित जिला रहा, जहां 397 मामले सामने आए। इसके बाद अमृतसर में 171 और फिरोजपुर में 104 घटनाएं दर्ज हुईं।
संगरूर, पटियाला, गुरदासपुर, कपूरथला और बठिंडा भी प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
दिल्ली में AQI 331, कई इलाकों में 400 के पार
मंगलवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 331 दर्ज किया गया।
जहांगीरपुरी में AQI 449, रोहिणी में 429, पंजाबी बाग में 424, अलीपुर में 413 और विवेक विहार में 410 रहा। नरेला में 406 और बवाना में 403 दर्ज किया गया।
वहीं, AQI.in के मुताबिक, मंगलवार सुबह 8:31 बजे गाजियाबाद का AQI 516 था। यहां गाड़ियों के धुएं, औद्योगिक गतिविधियों, निर्माण कार्य, सड़क की धूल और कचरा जलाने से भी प्रदूषण प्रभावित हो रहा है।