दिल्ली में बढ़ेगा सोलर पावर का दायरा, Master Plan 2047 में स्वच्छ ऊर्जा का नया रोडमैप
दिल्ली के Master Plan 2047 में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसमें नहरों और नालों से सोलर और हाइड्रो पावर बनाने खेती के साथ सोलर फार्म विकसित करने और मेट्रो बस डिपो में अक्षय ऊर्जा इस्तेमाल बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया गया है।

In Short
- Master Plan 2047 में नहरों और नालों की ऊर्जा क्षमता का आकलन कर सोलर और हाइड्रो पावर बनाने का प्रस्ताव।
- ग्रीनफील्ड क्षेत्रों में खेती के साथ सोलर पावर उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना।
- बस डिपो और मेट्रो स्टेशनों की बिजली जरूरतों को अक्षय ऊर्जा से पूरा करने की सिफारिश।
Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के भविष्य के विकास के लिए तैयार किए गए Master Plan 2047 में अक्षय ऊर्जा बढ़ाने को लेकर एक नया प्रस्ताव रखा गया है। इसमें शहर की मौजूदा नहरों और नालों का इस्तेमाल सोलर और हाइड्रो पावर बनाने के लिए करने की योजना बनाई गई है।
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने मंजूरी दे दी है और अब इसे आगे की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। इस योजना का उद्देश्य मौजूदा ढांचे और उपलब्ध जगहों का बेहतर इस्तेमाल कर दिल्ली की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाना है।
नहरों और नालों से पैदा होगी ग्रीन एनर्जी
Master Plan 2047 के ड्राफ्ट में दिल्ली की नहरों और नालों की ऊर्जा क्षमता का आकलन करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें कहा गया है कि इन जगहों का इस्तेमाल तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव होने पर सोलर और हाइड्रो एनर्जी उत्पादन के लिए किया जा सकता है।
इस योजना के जरिए शहर में पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर स्वच्छ ऊर्जा बनाई जा सकेगी। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
खेती के साथ सोलर पावर बनाने की योजना
मास्टर प्लान में ग्रीनफील्ड क्षेत्रों में Agriculture-cum-Solar Farm Scheme का भी प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत जमीन का इस्तेमाल खेती और सोलर पावर उत्पादन दोनों के लिए किया जा सकेगा।
इस योजना का उद्देश्य एक ही जमीन से कृषि गतिविधियों और अक्षय ऊर्जा उत्पादन दोनों को बढ़ावा देना है।
बस डिपो और मेट्रो स्टेशन में भी होगी सोलर ऊर्जा
दिल्ली के नए मास्टर प्लान में बस डिपो और मेट्रो स्टेशनों की बिजली जरूरतों को भी अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने की सिफारिश की गई है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में सोलर पावर के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
दिल्ली में बढ़ेगा सोलर पावर पर फोकस
अक्षय ऊर्जा से जुड़े ये प्रस्ताव दिल्ली सरकार के सोलर पावर बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले साल ग्रीन बजट पेश करते हुए राजधानी में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया था।
इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए अलग बजट प्रावधान भी किया गया था।
स्वच्छ ऊर्जा को शहरी विकास से जोड़ने की तैयारी
Master Plan 2047 में अक्षय ऊर्जा को दिल्ली के लंबे समय के शहरी विकास की रणनीति में शामिल किया गया है। इसके तहत संबंधित एजेंसियां तकनीकी और आर्थिक रूप से उपयुक्त जगहों की पहचान करेंगी।
अगर केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाती है तो यह योजना दिल्ली को बड़े सोलर प्रोजेक्ट पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने का रास्ता दे सकती है।