दिल्ली की जहरीली हवा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! CJI ने उठाए सवाल, कहा- सिर्फ आदेशों से नहीं होगा सुधार

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने सुप्रीम कोर्ट की चिंता बढ़ा दी है। AQI 400 के करीब पहुंचने पर CJI सूर्यकांत ने ट्रैफिक और प्रदूषण रोकने के उपायों पर सवाल उठाए। कोर्ट ने गरीबों को जिम्मेदार ठहराने पर भी टिप्पणी की। जानिए सुनवाई में स्कूलों और पाबंदियों को लेकर क्या कहा गया।

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In Short

  • दिल्ली में AQI 400 के करीब पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता जताई।
  • CJI सूर्यकांत ने दिल्ली-एनसीआर में भारी ट्रैफिक और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं पर सवाल उठाए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ पाबंदियां लगाने से प्रदूषण नहीं रुकेगा, लोगों के व्यवहार में बदलाव जरूरी है।

By Gungun Mishra:

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। शुक्रवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने दिल्ली की खराब होती हवा और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए केवल आदेश जारी करना काफी नहीं है। लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना भी जरूरी है।

PTI के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, "हम लगातार बातें करते हैं, बयान देते हैं, लेकिन असली मुद्दा यह है कि AQI पहले ही 400 के करीब पहुंच चुका है।"

दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि दिवाली के त्योहार और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने से प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया है।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में लगने वाले भारी ट्रैफिक का जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि सड़कों पर गाड़ियां एक-दूसरे से सटकर चल रही हैं। बेंच ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि अब तक प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

कोर्ट ने गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह बताया।

गरीबों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत

CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रदूषण के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। गरीब लोग प्रदूषण पैदा नहीं करते, बल्कि सबसे ज्यादा इसका नुकसान उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में उन लोगों की भूमिका है जो ज्यादा खर्च करने की क्षमता रखते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिवाली का समय उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है जिनकी कमाई त्योहारों और मौसमी कामकाज पर निर्भर करती है।

CJI ने कहा कि अमीर लोगों ने दिवाली पर उपहार देने की परंपरा को सामाजिक प्रतिष्ठा और स्टेटस सिंबल बना दिया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

स्कूल बंद करने और पराली जलाने पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर AQI और बढ़ता है तो सभी उम्र के बच्चों के लिए स्कूलों में फिजिकल क्लास बंद करने का फैसला विशेषज्ञों की राय के आधार पर लिया जाएगा।

कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से किसानों को जागरूक करने की अपील की। बेंच के मुताबिक, जब किसान पराली जलाने के आर्थिक पहलुओं को समझेंगे तो वे इसे जलाना बंद कर देंगे।

कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ पाबंदियां लगाने से समस्या नहीं सुलझेगी। जितने ज्यादा आदेश दिए जाएंगे, उल्लंघन भी उतने बढ़ सकते हैं।

दिल्ली में AQI 391, कई इलाकों में हालात गंभीर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का AQI 391 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।

शहर के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 30 पर सुबह हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में रही।

दोपहर 12 बजे मुंडका में AQI 446, बवाना में 435, दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस में 427, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 425 और द्वारका सेक्टर-8 में 424 दर्ज किया गया।

वहीं, JNU में 414, बुराड़ी क्रॉसिंग में 412 और IIT दिल्ली में AQI 403 रहा।

CPCB के मुताबिक, AQI 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।

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