Dabur ने FSSAI के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती! ब्रांड छवि को नुकसान का आरोप
याचिका में डाबर ने कहा है कि FSSAI ने बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए मैनेजमेंट आदेश पारित किया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और वैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है।

Dabur India ने खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें कंपनी को शहद, देसी घी, खाद्य तेल समेत कई उत्पादों पर "100 per cent" जैसे दावों के साथ बिक्री करने से रोक दिया गया है।
बीते गुरुवार को कंपनी की ओर से वरिष्ठ वकील ने मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष मामले का जिक्र किया। याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति स्वराना कांता शर्मा की अदालत में सुनवाई होगी।
डाबर ने आदेश को प्राकृतिक न्याय के खिलाफ बताया
याचिका में डाबर ने कहा है कि FSSAI ने बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए मैनेजमेंट आदेश पारित किया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और वैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है।
कंपनी का यह भी कहना है कि FSSAI के पास इस तरह का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। याचिका के मुताबिक आदेश स्पष्ट कारणों पर आधारित नहीं है, अस्पष्ट है और बिना उचित विचार के जारी किया गया है।
ब्रांड की छवि खराब होने का भी आरोप
डाबर ने अदालत में कहा कि "100%" जैसे दावों का इस्तेमाल कई अन्य बड़ी खाद्य कंपनियां भी अलग-अलग उत्पाद कैटेगरियों में करती हैं। इसके बावजूद केवल डाबर के खिलाफ कार्रवाई कर FSSAI ने सार्वजनिक रूप से आदेश जारी किया, जिससे कंपनी की ब्रांड छवि को नुकसान पहुंचा।
FSSAI ने क्या कहा था?
सोमवार को FSSAI ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया था कि उसने Dabur India को "100 per cent" दावों वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने का आदेश दिया है। इनमें शहद, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, गाय का घी, नारियल पानी, नारियल दूध और अन्य उत्पाद शामिल हैं।
नियामक के अनुसार "100 per cent Natural", "100 per cent Pure", "100 per cent Purity Guaranteed", "100 per cent Organic" और "100 per cent Tender Coconut Water" जैसे दावे FSS (Advertising & Claims) Regulations, 2018 का उल्लंघन करते हैं। FSSAI का कहना है कि ऐसे दावे अस्पष्ट हैं, उनकी पुष्टि नहीं की जा सकती और वे उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं।
FSSAI ने Dabur को ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने और 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) सौंपने का भी निर्देश दिया था।