'गिरफ्तार करना है तो कर लो', CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की सरकार को खुली चुनौती
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सरकार को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार करना है तो कर लो लेकिन निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र के लिए लड़ाई जारी रहेगी।

In Short
- अभिजीत दीपके की सरकार को चुनौती, बोले- गिरफ्तार करना है तो कर लो, लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे।
- CJP प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, UAPA लगा दो या NSA, पीछे नहीं हटेंगे।
- CJP के प्रदर्शन पर INDIA ब्लॉक में मतभेद, कांग्रेस ने बनाई दूरी, कई विपक्षी दल समर्थन में उतरे।
Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सरकार को खुली चुनौती दी है। शनिवार को मुंबई से दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में लेना चाहती है तो ऐसा कर सकती है, लेकिन वह निष्पक्ष चुनाव और देश के लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे।
दीपके ने कहा कि सरकार चाहे तो उन पर UAPA या NSA जैसे कानून लगा सकती है, लेकिन इससे उनका विरोध नहीं रुकेगा। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रोकने की मांग की है।
'प्रदर्शन करना हमारा मौलिक अधिकार'
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस पर सवाल उठाते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और आम लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना चाहती है। उन्होंने परिवहन सेवाओं में रुकावट, इंटरनेट पर पाबंदी और पुलिस के लोगों के घर जाने जैसे कदमों की भी आलोचना की।
दीपके ने कहा कि विरोध करना लोगों का मौलिक अधिकार है। संविधान का अनुच्छेद 19 शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को चुनाव से जुड़े मुद्दों पर जनता की प्रतिक्रिया का डर है और लोगों को आंदोलन से दूर रखने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, ये दीपके के आरोप हैं और उपलब्ध जानकारी से इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
CJP के प्रदर्शन में INDIA ब्लॉक की अलग-अलग रणनीति
CJP के आंदोलन को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के दलों में एक राय नहीं है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में अपना अलग देशव्यापी अभियान चला रही है।
कांग्रेस ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में 'जन आंदोलन' की योजना बनाई है और अपने सहयोगी दलों से इसमें शामिल होने की अपील की है। राहुल गांधी भी छात्रों के बीच 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के जरिए अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं।
कई विपक्षी दलों ने किया CJP का समर्थन
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दल, शिवसेना (UBT) और NCP-SP समेत कई विपक्षी दलों ने CJP के आंदोलन को समर्थन दिया है।
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने प्रदर्शन का समर्थन किया, जबकि CPI(M) नेता वृंदा करात ने कहा कि वाम दलों के साथ युवा और छात्र संगठन भी आंदोलन में शामिल होंगे।
विपक्षी दलों की अलग-अलग रणनीति के चलते INDIA ब्लॉक ने सप्ताहांत में अपने सांसदों के संयुक्त प्रदर्शन से दूरी बनाई है। इससे चुनाव और SIR के मुद्दे पर विपक्ष के भीतर अलग-अलग रुख सामने आए हैं।