China Tourism: वीजा फ्री एंट्री से चीन के टूरिज्म को मिला बूस्ट, विदेशी यात्रियों की बढ़ी संख्या
चीन की वीजा फ्री पॉलिसी का असर अब साफ दिख रहा है। 2026 की पहली छमाही में विदेशी टूरिस्ट 20% बढ़े और वीजा फ्री देशों से 1.8 करोड़ यात्री पहुंचे। हालांकि अब चीन के सामने बड़ी चुनौती इन यात्रियों का खर्च और ठहरने का समय बढ़ाने की है।

In Short
- 2026 की पहली छमाही में चीन आने वाले विदेशी टूरिस्ट की संख्या 20% बढ़ी।
- वीजा फ्री देशों से करीब 1.8 करोड़ यात्री चीन पहुंचे।
- विदेशी टूरिस्ट बढ़ने के बावजूद चीन में इनबाउंड टूरिज्म की GDP हिस्सेदारी 0.5% से कम है।
China Tourism: चीन विदेशी टूरिस्ट को वापस लाने के लिए एंट्री आसान करने से लेकर सोशल मीडिया पर अपने शहरों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन का प्रमोशन करने तक कई कदम उठा रहा है। इसके साथ सस्ती फ्लाइट भी यात्रियों को आकर्षित कर रही हैं। इन कोशिशों का असर अब टूरिस्ट की बढ़ती संख्या में साफ दिख रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह वीजा फ्री ट्रैवल बनकर सामने आई है।
पहले 6 महीने में विदेशी टूरिस्ट 20% बढ़े
2026 की पहली छमाही में चीन आने वाले विदेशी टूरिस्ट की संख्या 20% बढ़ी है। ब्लूमबर्ग न्यूज की ओर से बताए गए डेटा के मुताबिक, इस दौरान वीजा फ्री एंट्री वाले देशों से करीब 1.8 करोड़ यात्री चीन पहुंचे। यह बढ़ोतरी कोरोना महामारी के दौरान लगी पाबंदियों के बाद चीन के इनबाउंड टूरिज्म में मजबूत रिकवरी दिखाती है।
2025 में चीन पहुंचे थे करीब 3.5 करोड़ विदेशी टूरिस्ट
चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के डेटा के मुताबिक, 2025 में करीब 3.5 करोड़ विदेशी टूरिस्ट चीन पहुंचे थे। इससे चीन एशिया के बड़े और स्थापित टूरिज्म मार्केट के करीब पहुंच गया। खास बात यह है कि 2025 में चीन आने वाले 70% से ज्यादा विदेशी यात्रियों ने वीजा फ्री व्यवस्था के तहत एंट्री ली थी।
2023 से बढ़ाना शुरू किया था वीजा फ्री एक्सेस
चीन ने 2023 से धीरे-धीरे ज्यादा देशों के लिए वीजा फ्री एक्सेस देना शुरू किया था। शुरुआत में रिकवरी धीमी रही, क्योंकि चीन की सख्त कोविड पाबंदियों का असर लोगों की सोच पर बना हुआ था और इंटरनेशनल फ्लाइट भी पूरी तरह बहाल होने में समय लगा। अब हालात बदल रहे हैं और दक्षिण कोरिया, रूस, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों से बड़ी संख्या में यात्री चीन पहुंच रहे हैं। वियतनाम और रूस से आने वाले यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जबकि दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक विवाद के बीच जापान से आने वाले यात्रियों में गिरावट आई है।
सोशल मीडिया से विदेशी यात्रियों को लुभा रहा चीन
वीजा नियम आसान करने के साथ चीन अपने टूरिज्म का इंटरनेशनल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी जोरदार प्रमोशन कर रहा है। लोकल टूरिज्म अथॉरिटी X और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि ये दोनों प्लेटफॉर्म चीन में ब्लॉक हैं। इन्फ्लुएंसर, सेलिब्रिटी और ऑनलाइन कैंपेन के जरिए ग्रेट वॉल और टेराकोटा वॉरियर्स के अलावा दूसरे शहरों को भी दुनिया के सामने दिखाया जा रहा है। चोंगकिंग अपने पहाड़ी नजारों और नियॉन लाइट वाली स्काईलाइन की वजह से सोशल मीडिया डेस्टिनेशन के तौर पर खास तौर पर प्रमोट किया जा रहा है।
शॉपिंग से टेक कंपनियों तक पहुंच रहे टूरिस्ट
युवा विदेशी टूरिस्ट अब चीन में केवल पुराने टूरिस्ट स्पॉट तक सीमित नहीं हैं। पॉप मार्ट से शॉपिंग, चाइनीज ब्यूटी ब्रांड देखना, हॉट पॉट खाना और हुवावे व डीजेआई जैसी कंपनियों से जुड़े एक्सपीरियंस भी उनके ट्रैवल प्लान का हिस्सा बन रहे हैं। लोकल सरकारें इसके लिए पैसा भी खर्च कर रही हैं। बीजिंग को 2026 में टूरिज्म स्टाफ और ऑनलाइन पब्लिसिटी के लिए अतिरिक्त 26.4 लाख युआन मिले हैं। वहीं शंघाई एक्सपीडिया और बुकिंग डॉट कॉम जैसे इंटरनेशनल होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म पर प्रमोशन के लिए कम से कम 16 लाख युआन खर्च करने की तैयारी में है।
टूरिस्ट बढ़े लेकिन खर्च अभी भी बड़ी चुनौती
विदेशी टूरिस्ट की संख्या तेजी से बढ़ने के बावजूद चीन को उनसे होने वाली कमाई बढ़ाने की जरूरत है। चाइनीज मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में इनबाउंड टूरिज्म की चीन की जीडीपी में हिस्सेदारी 0.5% से भी कम थी, जबकि स्पेन और थाईलैंड जैसी बड़ी टूरिज्म इकनॉमी में यह करीब 8% है। ब्लूमबर्ग की ओर से बताए गए ट्रिप डॉट कॉम डेटा के मुताबिक, चीन आने वाला एक विदेशी टूरिस्ट औसतन करीब 2,240 डॉलर खर्च करता है, जो अमेरिका के स्तर का लगभग 40% है। ऐसे में चीन की अगली चुनौती यात्रियों को ज्यादा समय तक रोकना, उनका खर्च बढ़ाना और उन्हें दोबारा आने के लिए तैयार करना है।