BT India@100: फोटोग्राफी से आगे निकले ड्रोन, अब खेती से माइनिंग तक बदल रहे काम का तरीका

ड्रोन अब सिर्फ फोटोग्राफी और वीडियो बनाने का जरिया नहीं रह गए हैं। नई तकनीक और सेंसर के साथ इनका इस्तेमाल खेती, माइनिंग, ऑयल और गैस जैसे कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। गरुड़ एयरोस्पेस ने बताया कि ड्रोन किस तरह डेटा और ऑटोमेशन के जरिए बड़े बदलाव ला सकते हैं।

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By Gaurav Kumar:

ड्रोन का इस्तेमाल अब सिर्फ शादी की फोटोग्राफी या वीडियो बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में ड्रोन का इस्तेमाल खेती, माइनिंग, ऑयल एंड गैस, सर्वे और कई अन्य क्षेत्रों में बढ़ रहा है। कंपनियां ड्रोन को नए सेंसर और तकनीक के साथ ज्यादा उपयोगी बना रही हैं।

Business Today India@100 में गरुड़ एयरोस्पेस के फाउंडर ने बताया कि ड्रोन अब सिर्फ उड़ने वाली मशीन नहीं बल्कि डेटा जुटाने वाले एक स्मार्ट सिस्टम के रूप में काम कर रहे हैं।

ड्रोन बन रहे हैं कई सेक्टर की जरूरत

गरुड़ एयरोस्पेस के फाउंडर ने बताया कि कंपनी ने शुरुआत इस सोच के साथ की थी कि ड्रोन को सिर्फ हॉबी फ्लाइंग या फोटोग्राफी तक सीमित नहीं रखना है। उन्होंने कहा कि जब ड्रोन में अलग-अलग तरह के पेलोड और सेंसर लगाए जाते हैं तो यह कई बड़े काम कर सकते हैं। इनमें प्रिसीजन एग्रीकल्चर, माइनिंग, ऑयल और गैस लीकेज डिटेक्शन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

ड्रोन में कैमरा, सेंसर, लिडार, मल्टीस्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल तकनीक जैसी सुविधाओं के जरिए पहले से ज्यादा बेहतर तरीके से डेटा जुटाया जा सकता है।

खेती में ड्रोन से बढ़ेगी दक्षता

उन्होंने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल खेती में कीटनाशक और खाद के छिड़काव के लिए भी किया जा रहा है। इससे काम तेजी से होता है और खर्च कम करने में मदद मिलती है।

उनके मुताबिक, ड्रोन ग्राहकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए बेहतर दक्षता और कम खर्च जैसे फायदे ला रहे हैं।

गरुड़ एयरोस्पेस ने बेचे हजारों ड्रोन

गरुड़ एयरोस्पेस के फाउंडर ने बताया कि कोविड के बाद दुनियाभर में ऑटोमेशन को तेजी मिली और ड्रोन को अपनाने की रफ्तार भी बढ़ी।

उन्होंने कहा कि साल 2022 में प्रधानमंत्री द्वारा 100 जगहों पर कंपनी के 100 ड्रोन लॉन्च किए गए थे, जिसके बाद कई तरह की सेवाओं का विस्तार हुआ।

कंपनी अब तक 7500 से ज्यादा ड्रोन बेच चुकी है और 500 से ज्यादा क्लाइंट्स को सेवाएं दे चुकी है। इसके अलावा कंपनी को 1000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी भी मिल चुकी है।

भारत में ड्रोन टेक्नोलॉजी का अगला चरण

कार्यक्रम में एक अन्य विशेषज्ञ रविचंद्रन ने कहा कि भारत अब एडवांस टेक्नोलॉजी का सिर्फ उपभोक्ता नहीं बल्कि खुद निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत में कई स्टार्टअप अब कमर्शियलाइजेशन और बड़े स्तर पर विस्तार के दौर में हैं। हालांकि, टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन जैसी चुनौतियों को हल करना अभी बाकी है।

उनके मुताबिक, भारत में ड्रोन और दूसरी टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों के लिए आने वाले दो से तीन साल काफी अहम हो सकते हैं।

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