ब्रायन जॉनसन ने लोंजेविटी रूटीन में जोड़ा डॉग, क्या यही है उनकी सबसे आसान एंटी एजिंग ट्रिक?
अपनी उम्र को धीमा करने के लिए हर तरह के हेल्थ एक्सपेरिमेंट करने वाले ब्रायन जॉनसन ने अब अपनी लोंजेविटी रूटीन में एक डॉग को शामिल किया है। उनका दावा है कि डॉग ओनरशिप लंबी उम्र से जुड़ी हो सकती है। लेकिन इसके पीछे की रिसर्च क्या कहती है और इसकी सच्चाई क्या है?

In Short
- ब्रायन जॉनसन ने अपनी लोंजेविटी रूटीन में बेल्जियन मैलिनॉइस पपी कतारा को शामिल किया
- रिसर्च के अनुसार डॉग ओनरशिप और कम मौत के खतरे के बीच संबंध देखा गया है
- ऑटोइम्यून गैस्ट्राइटिस के बाद भी जॉनसन का एजिंग धीमा करने का मिशन जारी है
अमेरिकी टेक एंटरप्रेन्योर और लोंजेविटी इन्फ्लुएंसर ब्रायन जॉनसन अपनी उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा करने के लिए कई तरह के हेल्थ एक्सपेरिमेंट करते रहे हैं। अब उनकी इस लंबी कोशिश में एक नया साथी जुड़ गया है एक डॉग। जॉनसन ने बेल्जियन मैलिनॉइस पपी को अपनी लोंजेविटी रूटीन का हिस्सा बनाया है और उनका मानना है कि डॉग ओनरशिप लंबे जीवन से जुड़ी हो सकती है।
ब्रायन जॉनसन ने क्यों पाला डॉग?
48 साल के ब्रायन जॉनसन ने 20 अगस्त को बताया कि उन्होंने एक बेल्जियन मैलिनॉइस पपी को अडॉप्ट किया है जिसका नाम उन्होंने कतारा रखा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि डॉग ओनर्स में जल्दी मौत का खतरा करीब 24% कम देखा गया है। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि अब उन्हें क्या करना चाहिए।
जॉनसन का यह कदम उनकी उस सोच से जुड़ा है जिसमें वह शरीर और हेल्थ को हर स्तर पर ऑप्टिमाइज करने की कोशिश करते हैं। हालांकि रिसर्च यह साबित नहीं करती कि डॉग रखने से सीधे इंसान की उम्र बढ़ जाती है बल्कि यह सिर्फ एक एसोसिएशन दिखाती है।
रिसर्च में डॉग ओनरशिप और लंबी उम्र का कनेक्शन
माउंट सिनाई के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. कैरोलिन क्रेमर के नेतृत्व में हुई एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी में पाया गया कि डॉग रखने वालों में सभी कारणों से होने वाली मौत का खतरा कम देखा गया। रिसर्चर्स का कहना है कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं।
डॉग रखने वाले लोग अक्सर अपने पेट को घुमाने के कारण ज्यादा एक्टिव रहते हैं। इसके अलावा डॉग की कंपनी अकेलेपन को कम कर सकती है और लोगों के बीच सोशल इंटरैक्शन भी बढ़ा सकती है। साथ ही किसी एनिमल की देखभाल करने से रोज की रूटीन बेहतर बन सकती है।
सोशल मीडिया पर जॉनसन के लोंजेविटी एक्सपेरिमेंट का मजाक
ब्रायन जॉनसन के इस नए एक्सपेरिमेंट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर मजाक भी किया। कई लोगों ने उनके पुराने क्वांटिफाइड हेल्थ अप्रोच को लेकर मजेदार कमेंट्स किए।
कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा कि अगर एक डॉग से 24% फायदा है तो पांच डॉग रखने से मौत का खतरा 120% कम हो जाएगा। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि 100% इम्मॉर्टैलिटी के लिए 4.16 डॉग्स की जरूरत होगी।
हालांकि असल में ऐसा नहीं है। रिसर्च में सिर्फ डॉग ओनरशिप और बेहतर हेल्थ के बीच कनेक्शन बताया गया है। ज्यादा डॉग रखने से रिस्क उसी हिसाब से कम नहीं होता।
जॉनसन की हेल्थ जर्नी में आया बड़ा मोड़
अपनी हेल्थ को लेकर बेहद सावधान रहने वाले ब्रायन जॉनसन को भी इस साल एक हेल्थ चैलेंज का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया था कि उन्हें ऑटोइम्यून गैस्ट्राइटिस की समस्या का पता चला है।
इस स्थिति में इम्यून सिस्टम पेट की अंदरूनी परत की सेल्स पर हमला करने लगता है। जॉनसन के अनुसार यह बीमारी कई सालों तक बिना लक्षण के रह सकती है और बाद में पेट की परत को नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक लो फेरिटिन लेवल की समस्या के बाद डॉक्टर्स ने इसका पता लगाया। यह मामला दिखाता है कि शरीर को लगातार ट्रैक करने के बावजूद हर चीज को पूरी तरह कंट्रोल करना आसान नहीं है।
ब्रायन जॉनसन का लगातार जारी है लोंजेविटी मिशन
ब्रायन जॉनसन पिछले कई सालों से एजिंग को धीमा करने के लिए कई तरह के एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। उनकी रूटीन में स्ट्रिक्ट डाइट, एक्सरसाइज, स्लीप ऑप्टिमाइजेशन और हेल्थ मॉनिटरिंग जैसे कई तरीके शामिल हैं।
उन्होंने बायोलॉजिकल एजिंग को समझने और उससे जुड़े ट्रीटमेंट पर भी काम को सपोर्ट किया है। 2024 में उन्होंने टेलोमिर फार्मास्यूटिकल्स की एक एक्सपेरिमेंटल लोंजेविटी ड्रग से जुड़े ट्रायल पर भी ध्यान आकर्षित किया था।
यह ट्रीटमेंट क्रोमोसोम के आखिर में मौजूद टेलोमियर्स को टारगेट करने के लिए बनाया गया है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं है कि कोई ट्रीटमेंट इंसानों को हमेशा के लिए जवान रख सकता है। फिलहाल जॉनसन की लोंजेविटी जर्नी में कतारा नाम का डॉग एक नया और आसान बदलाव लेकर आया है।