BRICS Summit: पीएम मोदी ने बढ़ते वैश्विक तनाव पर जताई चिंता, Early Warning System पर बनी सहमति
BRICS Summit के दूसरे दिन PM Modi ने दुनिया में बढ़ते तनाव और संकटों के बीच तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों का असर किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। BRICS में Early Warning System पर सहमति बनी।

In Short
- PM Modi ने BRICS Summit के दूसरे दिन दुनिया में बढ़ते तनाव और संकटों पर चिंता जताई।
- BRICS में संक्रामक बीमारियों के लिए Early Warning System पर सहमति बनी।
- आपदा प्रबंधन के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गईं।
BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और उसके आम लोगों पर पड़ने वाले असर को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया में तनाव की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसका आम लोगों की जिंदगी पर व्यापक और नकारात्मक असर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने यह दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता।
BRICS में Resilience बढ़ाने पर जोर
PM Modi ने कहा कि इसी वजह से BRICS समूह के भीतर मजबूती और संकट से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों की समय रहते पहचान करना जरूरी है।
इसके साथ ही किसी भी संभावित संकट के लिए पहले से तैयार रहना और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ BRICS में resilience को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए Early Warning System
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए BRICS Integrated Early Warning System को लेकर सहमति बनी है।
इस सिस्टम का मकसद संक्रामक बीमारियों से जुड़े संभावित खतरों को समय रहते पहचानना और उनसे निपटने के लिए बेहतर तैयारी करना है। प्रधानमंत्री ने इसे BRICS समूह के भीतर संकट से निपटने की क्षमता मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
आपदा प्रबंधन के लिए Data Integration Guidelines
PM Modi ने यह भी बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। इन दिशानिर्देशों के जरिए Early Warning से जुड़े डेटा को बेहतर तरीके से एकीकृत करने पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दौर में संकटों का असर एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। ऐसे में समय रहते चुनौतियों की पहचान करना और उनके लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है।
तुरंत कार्रवाई पर भी जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सिर्फ चुनौतियों की पहचान करना ही काफी नहीं है। उनके लिए पहले से तैयार रहना और संकट आने पर तुरंत कार्रवाई करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि BRICS ने इसी दृष्टिकोण के साथ समूह के भीतर resilience बढ़ाने पर खास जोर दिया है। इसके तहत संक्रामक बीमारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े Early Warning सिस्टम और दिशानिर्देशों पर सहमति बनाई गई है।