BRICS 2026: दिल्ली में जुटे देशों के बीच बनीं कई अहम सहमतियां, भारत को क्या मिला? जानें 5 बड़ी बातें
BRICS 2026 का दिल्ली सम्मेलन कई अहम फैसलों के साथ खत्म हुआ। दिल्ली घोषणा पत्र में आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ सख्त रुख से लेकर ग्लोबल वैल्यू चेन और UNSC सुधार तक की बात कही गई। साथ ही पर्यावरण और ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

In Short
- BRICS 2026 के दिल्ली घोषणा पत्र में आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया और पहलगाम हमले का जिक्र हुआ।
- ग्लोबल वैल्यू चेन 2026 से 2030 के तहत बाजार खोलने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- UNSC में सुधार और ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने की मांग दोहराई गई।
दुनिया की आधी आबादी के नुमाइंदे, 40 फीसदी से ज्यादा GDP की हिस्सेदारी, 11 देश, 12 सहयोगी देश और UN समेत 5 इंटरनेशनल संस्थानों की मौजूदगी में दिल्ली में BRICS सम्मेलन का आयोजन हुआ। तीन दिन के मंथन के बाद 18वें BRICS सम्मेलन का दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया गया। इसमें सदस्यों के साझा और उज्ज्वल भविष्य को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश
दिल्ली घोषणा पत्र में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया। इसमें पहलगाम हमले का जिक्र किया गया और टेरर फंडिंग पर सख्त प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी। खास बात यह रही कि पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही आतंकवाद और उसकी फंडिंग के खिलाफ दस्तावेज पर सहमति बनी।
एकतरफा सैन्य कार्रवाई पर चिंता
घोषणा पत्र में एकतरफा युद्ध और सैन्य कार्रवाई को लेकर भी चिंता जताई गई। जंग के बीच कमर्शियल शिपिंग रूट्स को लेकर विवादों को शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कही गई। ऐसे समय में यह चर्चा अहम रही जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध का असर देखने को मिल रहा है।
बाजार और ग्लोबल वैल्यू चेन पर जोर
BRICS ग्लोबल वैल्यू चेन 2026 से 2030 के तहत बाजारों को एक-दूसरे के लिए खोलने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इंटरनेशनल ट्रेड में बिना सोचे-समझे एकतरफा टैरिफ लगाने को लेकर भी चिंता जताई गई। इसके जरिए सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिश की गई।
पर्यावरण के लिए सैटेलाइट सहयोग
पर्यावरण जैसी चुनौतियों पर नजर रखने के लिए BRICS Remote Sensing Satellite Constellation सहयोग समझौते को मंजूरी दी गई। इसके जरिए सदस्य देशों के बीच सैटेलाइट से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया।
UNSC सुधार की मांग दोहराई
BRICS देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC की संरचना में सुधार की मांग को एक बार फिर दोहराया। साथ ही ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने की मांग भी सामने रखी गई।
शांति और स्थिरता के संदेश के साथ सम्मेलन
जब दुनिया के दो हिस्सों में युद्ध की आग धधक रही है और जंग की तपिश में वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है, ऐसे समय में भारत में शांति के बुद्ध संदेश के साथ BRICS 2026 का आयोजन हुआ।
यूक्रेन युद्ध में उलझे रूस से लेकर अमेरिका के साथ संघर्ष में फंसे ईरान तक के नेता भारत में स्थिरता और निर्माण की उम्मीद लेकर पहुंचे। चीन ने भी पहलगाम हमले और टेरर फंडिंग के खिलाफ दस्तावेज पर सहमति दी। साथ ही UNSC सुधार की मांग को माना गया।
इन कूटनीतिक कामयाबियों के अलावा भारत ने अर्थव्यवस्था की ठोस जमीन पर भी मजबूत कदम बढ़ाने पर जोर दिया। BRICS के जरिए डेटा, स्किल, करेंसी और बाजारों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी सहमति बनी।