कोर्ट से बड़ा फैसला! 98% फूड सेफ्टी स्कोर के बाद भी बंद रही पुणे की दुकान, FDA पर कोर्ट सख्त

98 फीसदी फूड सेफ्टी कंप्लायंस के बाद भी बंद रही पुणे की मिठाई दुकान, बॉम्बे HC ने FDA को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया

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In Short

  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र FDA को पुणे की मिठाई दुकान को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया
  • दोबारा जांच में दुकान 36 में से 35 फूड सेफ्टी मानकों पर खरी उतरी थी और 98 फीसदी कंप्लायंस हासिल किया था
  • कोर्ट ने लाइसेंस निलंबन जारी रखने के FDA के फैसले पर सवाल उठाते हुए दुकान दोबारा खोलने की अनुमति दी

By Gaurav Kumar:

Bombay High Court: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को पुणे की एक मिठाई की दुकान को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब दुकान ने फूड सेफ्टी और हाइजीन से जुड़े 98 फीसदी मानकों को पूरा कर लिया था, तो इसके बावजूद उसका लाइसेंस क्यों निलंबित रखा गया।

कोर्ट ने गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स का लाइसेंस सस्पेंड रखने के फैसले को रद्द कर दिया और दुकान को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी। FDA को 30 दिनों के अंदर मुआवजे की राशि देने का निर्देश दिया गया है।

हाइजीन की कमी के बाद सस्पेंड हुआ था लाइसेंस

गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स का लाइसेंस 12 जून को एक जांच के बाद निलंबित किया गया था। जांच में हाइजीन और सैनिटेशन से जुड़ी कुछ कमियां सामने आई थीं।

इसके बाद दुकान ने अपनी कमियों को दूर करने की जानकारी देते हुए कंप्लायंस रिपोर्ट जमा की और लाइसेंस निलंबन को चुनौती दी। 13 जुलाई को हुई दोबारा जांच में दुकान 36 में से 35 मानकों पर खरी उतरी। यानी दुकान ने 98 फीसदी कंप्लायंस हासिल कर लिया था।

इसके बावजूद लाइसेंस बहाल नहीं किया गया और दुकान करीब 34 दिनों तक बंद रही। दुकान की ओर से कोर्ट में बताया गया कि बंद रहने की वजह से उसे करीब 8.5 लाख रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा।

बॉम्बे HC ने FDA के फैसले पर उठाए सवाल

बॉम्बे हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी. घुगे और जस्टिस गौतम ए. अंखड़ शामिल थे, ने FDA के फैसले पर सवाल उठाए।

कोर्ट ने कहा कि फूड सेफ्टी नियमों को लागू करना जरूरी है, लेकिन इस मामले में कार्रवाई जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ गई। कोर्ट ने 98 फीसदी कंप्लायंस के बाद भी दुकान बंद रखने पर सवाल उठाते हुए इसे उत्पीड़न बताया।

कोर्ट ने FDA की उस दलील पर भी सवाल किया जिसमें कहा गया था कि कमिश्नर के सामने अपील लंबित होने तक लाइसेंस बहाल नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने दुकान दोबारा खोलने की दी अनुमति

बॉम्बे हाई कोर्ट ने आखिरकार लाइसेंस के लगातार निलंबन को खत्म कर दिया और गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स को दोबारा कारोबार शुरू करने की अनुमति दे दी।

इसके साथ ही महाराष्ट्र FDA को 5 लाख रुपये का मुआवजा 30 दिनों के अंदर देने का आदेश दिया गया। कोर्ट के इस फैसले में कहा गया कि फूड सेफ्टी नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कमियां दूर करने के बाद कारोबार पर लंबे समय तक रोक लगाने के लिए उचित वजह होनी चाहिए।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र FDA की ओर से फूड सेफ्टी जांच तेज की गई है। 13 अगस्त को विभाग ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े 86 फूड कारोबारों की जांच की थी, जिसमें 60 सुधार नोटिस जारी किए गए और 14 लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
 

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