बिहार से निकले आदर्श कुमार के रास्ते में आईं कई मुश्किलें, फिर एक मौके ने बदल दी पूरी कहानी
बिहार के मोतिहारी से 14 साल की उम्र में सिर्फ 1,000 रुपये और पुराने लैपटॉप के साथ निकले आदर्श कुमार को जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी कतर में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल राइड स्कॉलरशिप मिली है। इससे पहले उन्हें 22 यूनिवर्सिटीज से रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था।

In Short
- आदर्श कुमार को जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी कतर में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल स्कॉलरशिप मिली
- 14 साल की उम्र में वह 1,000 रुपये और पुराने लैपटॉप के साथ बिहार से कोटा पहुंचे थे
- 22 यूनिवर्सिटीज से रिजेक्शन के बाद जॉर्जटाउन में मिला एडमिशन और फुल राइड स्कॉलरशिप
14 साल की उम्र में बिहार के मोतिहारी से एक पुराना लैपटॉप और 1,000 रुपये लेकर निकले आदर्श कुमार अब जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी कतर में पढ़ाई करने जा रहे हैं। उन्हें करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल राइड स्कॉलरशिप मिली है। इसमें ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, खाना, फ्लाइट, वीजा, हेल्थ इंश्योरेंस और पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्च शामिल होंगे।
जॉर्जटाउन के दोहा स्थित एजुकेशन सिटी कैंपस में आदर्श 70 से ज्यादा देशों के छात्रों के साथ पढ़ाई करेंगे।
कोटा में नहीं मिली कोचिंग की जगह
आदर्श की परवरिश उनकी मां ने अकेले की। आर्थिक मुश्किलों के कारण पढ़ाई के मौके सीमित थे। 14 साल की उम्र में वह कोटा पहुंचे, लेकिन कोचिंग इंस्टीट्यूट की फीस नहीं भर सके।
इसके बाद उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने स्टार्टअप्स और जमीनी स्तर के प्रोजेक्ट्स पर काम किया और बाद में स्किलजो नाम का प्लेटफॉर्म बनाया। इसका मकसद छात्रों को स्किल्स, मेंटरशिप और अवसरों तक पहुंच दिलाना है। यह प्लेटफॉर्म अब करीब 20,000 छात्रों तक पहुंच चुका है।
ग्लोबल स्टूडेंट प्राइज ने दिलाई पहचान
2025 में आदर्श ने करीब 148 देशों से आई 11,000 नामांकनों के बीच ग्लोबल स्टूडेंट प्राइज जीता। इससे उनके काम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली और कई संस्थानों से जुड़ने के मौके मिले।
हालांकि उनकी यूनिवर्सिटी एडमिशन की राह आसान नहीं रही। उन्हें 22 यूनिवर्सिटीज से रिजेक्शन मिला। इसके बाद वह कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा जोन लियू द्वारा शुरू किए गए सेकंड चांस से जुड़े।
बंद हो चुके एडमिशन के बाद मिला मौका
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की रेगुलर एडमिशन प्रक्रिया तब तक बंद हो चुकी थी। सेकंड चांस की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी कतर के साथ एक साझेदारी के जरिए उनकी प्रोफाइल यूनिवर्सिटी तक पहुंची। यूनिवर्सिटी ने उनकी एप्लिकेशन देखने के लिए अपवाद के तौर पर मौका दिया।
आदर्श को एडमिशन और फुल स्कॉलरशिप की जानकारी उस समय मिली जब वह अपनी मां के साथ थे।
पॉलिसी और गवर्नेंस में रुचि
जॉर्जटाउन में आदर्श पॉलिटिकल साइंस, इकनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस पर फोकस करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य आगे चलकर पॉलिसी, गवर्नेंस और सोशल इम्पैक्ट के क्षेत्र में काम करना है।
आदर्श का कहना है कि छोटे शहरों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को खुद को पहले ही दौड़ से बाहर नहीं मानना चाहिए। उनका संदेश है कि रिजेक्शन को अपनी क्षमता का अंतिम फैसला नहीं बनने देना चाहिए।