हरियाली, फूल और एडवेंचर का मजा... सितंबर ट्रिप के लिए भारत की ये जगहें हैं खास

सितंबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भारत की कई खूबसूरत जगहें आपका इंतजार कर रही हैं। मानसून के बाद हरियाली, फूलों की खूबसूरती, पहाड़ों पर ट्रेकिंग और ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। कास पठार से लेकर हम्पी और सारनाथ तक, ये जगहें खास अनुभव दे सकती हैं।

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In Short

  • सितंबर में मानसून के बाद भारत की कई जगहों पर हरियाली, फूलों और सुहावने मौसम का आनंद लिया जा सकता है।
  • कास पठार, जीरो वैली और मार्का वैली जैसी जगहें प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए खास विकल्प हैं।
  • हम्पी, कच्छ और सारनाथ में सितंबर के दौरान इतिहास, संस्कृति और खूबसूरत नजारों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है।

By Sonam:

सितंबर का महीना घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इस समय मानसून धीरे-धीरे खत्म होने लगता है, लेकिन बारिश की वजह से ज्यादातर जगहों पर हरियाली बनी रहती है। मौसम भी गर्मियों के मुकाबले सुहावना हो जाता है। इसके अलावा सितंबर में देश के कई हिस्सों में अलग-अलग त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखने को मिलते हैं।

अगर आप सितंबर में ट्रिप प्लान कर रहे हैं और प्रकृति, एडवेंचर या ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो भारत में कई शानदार विकल्प मौजूद हैं। कुछ जगहों पर इस समय फूलों की खूबसूरत चादर देखने को मिलती है, तो कहीं पहाड़ों पर ट्रेकिंग का आनंद लिया जा सकता है।

कास पठार, महाराष्ट्र में दिखेगी फूलों की चादर

महाराष्ट्र का कास पठार सितंबर में बेहद खूबसूरत नजर आता है। मानसून के बाद यहां कई तरह के रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं, जिससे पूरा इलाका फूलों की चादर जैसा दिखाई देता है। यह जगह सतारा से करीब 25 किलोमीटर दूर है।

कास पठार में फूलों और पौधों की कई प्रजातियां देखने को मिलती हैं। यहां घूमने के साथ-साथ पर्यटक पास में मौजूद ठोसेघर वॉटरफॉल और सज्जनगढ़ किले को भी देख सकते हैं। फूलों के मौसम में पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित किया जाता है, इसलिए पहले से बुकिंग करना बेहतर रहता है।

अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में प्रकृति और म्यूजिक का मजा
अगर आपको पहाड़, हरियाली और म्यूजिक पसंद है, तो सितंबर में जीरो वैली घूमने जा सकते हैं। इस समय यहां चारों तरफ हरे-भरे धान के खेत नजर आते हैं।

सितंबर में होने वाला जीरो म्यूजिक फेस्टिवल इस जगह को और खास बना देता है। यहां पर्यटक अपातानी गांवों को करीब से देख सकते हैं। इसके अलावा चीड़ के जंगलों और धान के खेतों के बीच घूमने या साइकिल चलाने का भी आनंद लिया जा सकता है।

लद्दाख की मार्का वैली में ट्रेकिंग का अनुभव

लद्दाख की मार्का वैली सितंबर में ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए अच्छी जगह हो सकती है। इस दौरान आसमान साफ रहता है और दिन का तापमान ट्रेकिंग के लिए बेहतर होता है।

Image Credit : Aaj Tak

मार्का वैली ट्रेक के दौरान ऊंचे पहाड़ों, पुराने मठों, छोटे गांवों और पहाड़ी दर्रों के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। रास्ते में पारंपरिक लद्दाखी गांव और प्रार्थना के झंडों से सजे रास्ते भी नजर आते हैं।

पश्चिम बंगाल का डुआर्स इलाका हरियाली से भर जाता है

मानसून के बाद पश्चिम बंगाल का डुआर्स इलाका हरियाली से भर जाता है। यहां के जंगल, चाय के बागान और नदियां सितंबर में बेहद खूबसूरत लगती हैं।

पर्यटक गोरुमारा या जलदापाड़ा नेशनल पार्क के आसपास रुककर जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं। यहां हाथी, गैंडा और गौर जैसे जंगली जानवर देखने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा चाय के बागानों और नदी किनारे बसे गांवों की सैर भी की जा सकती है।

हम्पी में इतिहास के साथ प्राकृतिक नजारों का आनंद

इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए सितंबर में हम्पी घूमना अच्छा विकल्प हो सकता है। बारिश के बाद तुंगभद्रा नदी पानी से भर जाती है और आसपास के खेत हरे-भरे नजर आते हैं।

Image Credit : Aaj Tak

हम्पी में विजयनगर साम्राज्य के पुराने मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों को देखा जा सकता है। इसके अलावा मतंगा हिल से सूर्योदय का खूबसूरत नजारा और नदी में कोरकल राइड का आनंद भी लिया जा सकता है।

कच्छ और सारनाथ भी हैं खास विकल्प

गुजरात का कच्छ सितंबर में बारिश के बाद अलग रूप में नजर आता है। यहां की जमीन पर हरियाली दिखाई देने लगती है और वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है। इस दौरान पर्यटकों की भीड़ भी कम रहती है। यहां भुजोडी, अजरखपुर और निरोना जैसे गांवों में जाकर स्थानीय हस्तशिल्प को करीब से देखा जा सकता है।

वहीं, उत्तर प्रदेश का सारनाथ इतिहास और धर्म में रुचि रखने वालों के लिए खास जगह है। मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने यहीं अपना पहला उपदेश दिया था। सितंबर में यहां का मौसम घूमने के लिए बेहतर रहता है। पर्यटक धमेख स्तूप, अशोक स्तंभ से जुड़े स्थल, मूलगंध कुटी विहार और पुरातत्व संग्रहालय घूम सकते हैं।

सितंबर में ट्रिप प्लान करने की वजह

सितंबर में मानसून के बाद देश की कई जगहों पर हरियाली और खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। कहीं फूलों की खूबसूरती आकर्षित करती है तो कहीं ट्रेकिंग और ऐतिहासिक जगहों को देखने का बेहतर मौका मिलता है। ऐसे में सितंबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।

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