B-2 बॉम्बर, लुकास ड्रोन, F-35 फाइटर: Operation Epic Fury में ईरान पर US ने कौन-कौन से हथियार किए तैनात?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने 'Operation Epic Fury' नाम से सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसका उद्देश्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और उन ठिकानों को निशाना बनाना है, जो तत्काल खतरा पैदा कर सकते हैं।

Advertisement

By Gaurav Kumar:

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने 'Operation Epic Fury' नाम से सैन्य कार्रवाई शुरू की है, जिसका उद्देश्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और उन ठिकानों को निशाना बनाना है, जो तत्काल खतरा पैदा कर सकते हैं।

यह जानकारी 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई के बाद जारी की गई। इस ऑपरेशन को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान में समन्वित हमलों के रूप में अंजाम दिया। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता और बढ़ गई।

ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए आधुनिक हथियार

CENTCOM के अनुसार, Operation Epic Fury में इन सभी हथियारों का इस्तेमाल किया गया है:

  • B-2 Stealth Bombers

  • Lucas Drones

  • Patriot Interceptor Missile Systems

  • THAAD Anti-Ballistic Missile Systems

  • F-18 Fighter Jets

  • F-16 Fighter Jets

  • F-22 Fighter Jets

  • A-10 Attack Jets

  • F-35 Stealth Fighters

  • EA-18G Electronic Attack Aircraft

  • Airborne Early Warning & Control Aircraft

  • Airborne Communication Relay

  • P-8 Maritime Patrol Aircraft

  • RC-135 Reconnaissance Aircraft

  • MQ-9 Reapers

  • M-142 High Mobility Artillery Rocket Systems

  • Nuclear-Powered Aircraft Carriers

  • Guided-Missile Destroyers

  • Counter-Drone Systems

  • Refueling Tanker Aircraft

  • Refueling Ships

  • C-17 Globemaster Cargo Aircraft

  • C-130 Cargo Aircraft

किन्हें बनाया गया निशाना?

CENTCOM के मुताबिक इस ऑपरेशन के निशाने में ये सब शामिल हैं:

  • Command and Control Centres

  • IRGC Joint Headquarters

  • IRGC Aerospace Forces Headquarters

  • Integrated Air Defence Systems

  • Ballistic Missile Sites

  • Iranian Navy Ships

  • Iranian Navy Submarines

  • Anti-ship Missile Sites

  • Military Communication Capabilities

अमेरिकी सैनिकों की गई जान

ईरान के खिलाफ चलते ऑपरेशन्स में अमेरिका के 3 सर्विस मेंबर्स शहीद हो गए हैं, वही 5 ऑफिसर्स को गंभीर चोटें आई हैं। इस संघर्ष में अमेरिका को होने वाला यह पहला नुकसान है। इसके साथ ही यूएस सेंट्रल कमांड ने यह भी माना है कि कुछ सैनिकों को छोटे घाव लगे हैं, लेकिन चोटों के बारे में जानकारी साझा नहीं की गई है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये 3 अमेरिकी जवान कुवैत के बेस में मारे गए थे । इसके साथ ही यूएस मिलिट्री के अनुसार उन्होंने 1000 से ज्यादा ईरानी टारगेट्स को अपना निशाना बनाया था। शनिवार को किए अपने हमले में अमेरिका ने B-2 Bombers का इस्तेमाल करके 2000 lb बम गिराये थे, जिनका निशाना ईरान की अंडरग्राउंड मिलिट्री फैसिलिटी थी।

वही रविवार को अमेरिकी सेना द्वारा किसी भी सैनिक की मौत की बात सामने नहीं आई थी। हालाकि ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अमेरिका ने स्वीकार किया कि उसके 3 जवान इसमें शहीद हुए वही 5 लोग गंभीर रूप से घायल है।

अपने सैनिकों की मौत का बदला लेगा अमेरिका

अपने वीडियो में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली बार हुआ है कि किसी अमेरिकी जवान की जान गई हो। इससे पहले जब पिछले साल अमेरिका ने ईरान पर मिसाइल अटैक किया था या जब वेनेजुएला में अमेरिका ने वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया था, तब किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई थी।

ट्रंप ने कहा कि दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि यह जंग खत्म होने से पहले शायद कुछ और नुकसान हो भी हों। लेकिन अमेरिका इनका बदला लेगा और उन आतंकवादियों को करारा जवाब देगा जो हमारे खिलाफ लड़ रहे हैं। साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि 48 ईरानी नेता अभी तक मारे जा चुके हैं, 9 ईरानी वॉरशिप्स को नष्ट किया जा चुका है और यूएस की नेवी ईरान के खिलाफ अपना ऑपरेशन जारी रखे हुए है।

Read more!
Advertisement