अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद बड़ा फैसला! सुरक्षा में तैनात 1,155 UPSSF पद होंगे स्थायी
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शासन ने मंदिर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के 1,155 अस्थायी पदों को अब स्थायी करने का फैसला लिया है।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में हाल ही में सामने आई चढ़ावा चोरी की घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शासन ने मंदिर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के 1,155 अस्थायी पदों को अब स्थायी करने का फैसला लिया है।
राम मंदिर की सुरक्षा का घेरा काफी मजबूत है। अभी यहां सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। सरकार के इस नए फैसले के बाद सुरक्षा ढांचे में सेनानायक, उप सेनानायक, सहायक सेनानायक, दलनायक, उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी और आरक्षी चालक जैसे महत्वपूर्ण पद स्थायी हो गए हैं। इसके अलावा चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियो निरीक्षक, प्रधान परिचालक, सहायक परिचालक और कार्यशाला सहायक के पदों को भी स्थायी श्रेणी में रखा गया है।
दूसरी तरफ, चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। मामले के विवेचक ने अदालत में सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दी है, जिस पर सुनवाई शुक्रवार को होनी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एसआईटी की एक नई रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि चोरी की असल रकम करोड़ों रुपये में थी, जबकि आधिकारिक तौर पर केवल लाखों रुपये की बरामदगी दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज देखकर संदिग्धों को पकड़ा था, जिसके बाद करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये बरामद किए गए। सूत्रों का आरोप है कि एसआईटी को पूरी रकम की जानकारी नहीं दी गई, बल्कि उसे केवल एक हिस्सा ही बताया गया।
इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक सतीश महाना ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन्हें लगता है कि उनका दान चोरी हुआ है, हो सकता है कि उन्होंने वह दान सच्ची श्रद्धा से न दिया हो। बहरहाल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और एसआईटी की जांच के बीच अब सबकी निगाहें शुक्रवार को होने वाली रिमांड सुनवाई पर टिकी हैं।