सिलेंडर के दाम बढ़े तो भी नो टेंशन? जानिए LPG के 6 सस्ते विकल्प जिनसे आसानी से बना सकेंगे खाना
एलपीजी सप्लाई संकट के बीच सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये तक बढ़ोतरी कर दी है, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी 115 की रुपये बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि एलपीजी के अलावा और कौन-कौन से रास्ते हैं जिनका इस्तेमाल कर आप खाना बना सकते हैं।

LPG alternatives for home cooking: वेस्ट एशिया में बढ़ती हुई जंग का असर देश की आम जनता की रसोई और होटल बिजनेस पर पड़ने लगा है। एक तरफ गैस की सप्लाई कम हो रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे लोगो के लिए दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है।
सरकार ने पहले ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये तक बढ़ोतरी कर दी है, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी 115 की रुपये बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि एलपीजी के अलावा और कौन-कौन से रास्ते हैं जिनका इस्तेमाल कर आप खाना बना सकते हैं।
1. इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop)
एलपीजी स्टोव के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है इंडक्शन कुकटॉप। यह बिजली से चलता है और सीधे बर्तन को गर्म करता है। इसमें ऊर्जा की बर्बादी नहीं होती है।
आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले गैस स्टोव के मुकाबले इंडक्शन में खाना जल्दी बन जाता है। इसके साथ ही इसमें कई आधुनिक फीचर आते हैं जैसे खुद से चालू या बंद हो जाना, तापमान कंट्रोल करना और पहले से ही खाना पकाने के अलग-अलग मोड जैसे फीचर होते हैं। इन सभी सुविधाओं की वजह से इंडक्शन स्टोव रोजमर्रा में खाना पकाने के लिए एलपीजी का एक अच्छा विकल्प है।
2. एयर फ्रायर (Air Fryer) और माइक्रोवेव ओवन (Microwave Oven)
एयर फ्रायर और माइक्रोवेव पूरी तरह से एलपीजी की जगह नहीं ले सकते हैं, लेकिन इनकी मदद से आप एलपीजी के इस्तेमाल में कमी ला सकते हैं।
इन दोनों के जरिए आप खाने को गर्म कर सकते हैं, ग्रिल कर सकते हैं और बेकिंग जैसे कई प्रकार के इस्तेमाल कर खाना बना सकते हैं। एयर फ्रायर की मदद से कम तेल में कई तरह के व्यंजन पकाए जा सकते हैं।
3. इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर (Electric Pressure Cooker)
इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर आजकल मॉडर्न किचन में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें चावल, दाल, सब्जियां, सूप और यहां तक कि बिरयानी जैसे कई तरह के व्यंजन आसानी से बनाए जा सकते हैं।
यह उपकरण एक ही मशीन में प्रेशर कुकिंग, स्टीमिंग और स्लो कुकिंग जैसे कई काम कर सकता है। क्योंकि यह ऑटोमैटिक तरीके से काम करता है, इसलिए समय की बचत होती है और बार-बार निगरानी की जरूरत नहीं पड़ती। नियमित रूप से इलेक्ट्रिक कुकर का इस्तेमाल करने से एलपीजी गैस की खपत भी कम की जा सकती है।
4. सोलर कुकर (Solar Cooker)
सोलर कुकर खाना पकाने के लिए सूरज की रोशनी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें किसी तरह के ईंधन की जरूरत नहीं होती है। एक बार इंस्टॉल करने के बाद इन्हें बिजली या किसी अन्य गैस की जरूरत नहीं पड़ती।
ऐसे इलाकों में जहां सूरज की रोशनी पर्याप्त मात्रा में आती है, वहां के लोगों के लिए सोलर कुकर एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यह कुकर धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजन जैसे चावल, सब्जियों आदि के लिए उपयुक्त है। हालांकि यह कुकर मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर होता है। धूप न होने पर इसके इस्तेमाल में परेशानी आ सकती है।
5. बायोगैस सिस्टम (Biogas System)
बायोगैस एक तरह की रिन्यूएबल गैस होती है जिसे ऑर्गेनिक वेस्ट जैसे किचन से निकलने वाला कचरा, खेती से पैदा होने वाला कचरा और जानवरों का गोबर शामिल होता है। छोटे बायोगैस सिस्टम को घरों में इंस्टॉल किया जा सकता है। अगर आपके घर में गार्डन है या आप जानवर पालते हैं तो ऐसे में यह आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।
इस सिस्टम में ऑर्गेनिक वेस्ट को गैस में बदल दिया जाता है, जिसका इस्तेमाल बाद में खाना बनाने के लिए होता है। एलपीजी पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ बायोगैस सिस्टम कचरे को मैनेज करने में भी मदद करता है। साथ ही यह कम लागत में आने वाला एक साफ फ्यूल भी है।
6. लकड़ी का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
खाना पकाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल भी एक पारंपरिक तरीका रहा है। ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते हैं। इसमें सूखी लकड़ियों को जलाकर आग पैदा की जाती है, जिस पर खाना पकाया जाता है।
हालांकि लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करते समय धुएं की समस्या हो सकती है। फिर भी गैस की कमी या आपात स्थिति में लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल किया जा सकता है।