Air India फ्लाइट में 300 फीट की अचानक गिरावट का मामला गंभीर, एविएशन मंत्री बोले- गलती मिली तो होगा एक्शन
फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में अचानक करीब 300 फीट की गिरावट और 17 लोगों के घायल होने के मामले में सरकार सख्त है। एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने कहा कि सेफ्टी से कोई समझौता नहीं होगा और AAIB की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे एक्शन लिया जाएगा।

In Short
- 4 अगस्त को Air India की Phuket-Delhi फ्लाइट AI2379 अचानक करीब 300 फीट नीचे आई थी
- घटना में 17 पैसेंजर और क्रू मेंबर घायल हुए, कुछ को स्पाइनल इंजरी भी हुई
- AAIB फ्लाइट डेटा, एयरक्राफ्ट सिस्टम और मेडिकल रिकॉर्ड समेत सभी पहलुओं की जांच कर रहा है
एयर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट में अचानक करीब 300 फीट की गिरावट और यात्रियों के घायल होने का मामला अब सरकार की कड़ी निगरानी में है। सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने साफ कहा है कि एविएशन सेफ्टी सरकार की सबसे बड़ी प्रायोरिटी है और जांच में किसी भी तरह की गलती सामने आने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। फिलहाल सरकार एयरलाइन से सीधे जानकारी लेने के साथ AAIB की पूरी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
एयर इंडिया से सरकार ने सीधे मांगा पूरा अपडेट
राम मोहन नायडू ने मंगलवार को एयर इंडिया के आउटगोइंग CEO कैंपबेल विल्सन और सीनियर एविएशन अधिकारियों के साथ बैठक की। मंत्री ने कहा कि इस मीटिंग का मकसद एयर इंडिया से घटना की सीधी जानकारी लेना और यह समझना था कि कंपनी अपने स्तर पर क्या कदम उठा रही है। उन्होंने साफ कहा कि रेगुलेटर हो, एयरलाइन हो या कोई दूसरी एजेंसी, एविएशन सेफ्टी के मामले में किसी भी तरफ से समझौता नहीं होना चाहिए।
4 अगस्त को अचानक 300 फीट नीचे आई थी फ्लाइट
यह मामला 4 अगस्त का है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 फुकेत से दिल्ली आ रही थी। एयरबस A320 जब ओडिशा के ऊपर उड़ रही थी, तभी इसमें अचानक करीब 300 फीट की एल्टीट्यूड चेंज हुई। इस दौरान केबिन में अफरा-तफरी मच गई और यात्री व सामान अपनी जगह से उछल गए। घटना में 17 पैसेंजर और क्रू मेंबर घायल हुए, जिनमें कुछ लोगों को स्पाइनल इंजरी भी हुई। विमान ने इसके बाद दोबारा ऊंचाई हासिल की और दिल्ली में सुरक्षित लैंड किया।
AAIB जांच के बाद तय होगा अगला एक्शन
शुरुआत में इस घटना को टर्बुलेंस से जोड़ा गया था, लेकिन अचानक इतनी ऊंचाई कम होने की असली वजह जानने के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB जांच कर रहा है। नायडू ने कहा कि सरकार को AAIB पर पूरा भरोसा है और उसकी फुल रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आगे किस तरह का एक्शन जरूरी है। जरूरत पड़ने पर मौजूदा एविएशन रूल्स में बदलाव भी किए जा सकते हैं।
फ्लाइट डेटा से मेडिकल रिकॉर्ड तक की हो रही जांच
AAIB फ्लाइट डेटा, एयरक्राफ्ट सिस्टम, ऑपरेशनल और मेंटेनेंस रिकॉर्ड के साथ मेडिकल जानकारी और दूसरे एविडेंस की भी जांच कर रहा है। एयर इंडिया ने कहा है कि वह इन्वेस्टिगेशन में पूरा सहयोग करेगी और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर टिप्पणी नहीं करेगी। यह जांच ICAO Annex 13 के तहत की जा रही है।
पायलट की टेस्ट रिपोर्ट ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
मामले में क्रू सेफ्टी और फिटनेस भी जांच के दायरे में है। रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए कन्फर्मेटरी टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद दोनों फ्लाइट क्रू मेंबर्स को रोस्टर से हटा दिया गया है। इस पहलू की भी जांच जारी है और फाइनल रिपोर्ट के बाद ही जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई तय होगी।