अडाणी ग्रुप के एयरलाइन सेक्टर में एंट्री पर नया खुलासा! टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने शेयर किया ये खास पत्र

Adani Group की एयरलाइन योजना को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है। TMC सांसद Mahua Moitra ने यह दस्तावेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उनके मुताबिक, पत्र में Airports Authority of India (AAI) से Adani Group और उसकी सहयोगी कंपनियों को भारत में Scheduled Airline शुरू करने या उसमें निवेश करने की अनुमति देने की मांग की गई है।

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By Gaurav Kumar:

Adani Airports के नाम से सामने आए एक कथित 4 जून के पत्र ने Adani Group की एयरलाइन योजना को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है। TMC सांसद Mahua Moitra ने यह दस्तावेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उनके मुताबिक, पत्र में Airports Authority of India (AAI) से Adani Group और उसकी सहयोगी कंपनियों को भारत में Scheduled Airline शुरू करने या उसमें निवेश करने की अनुमति देने की मांग की गई है।

AAI से मांगी गई थी खास छूट

कथित पत्र AAI के चेयरमैन को संबोधित है और इसमें 4 अप्रैल 2006 के Operation, Management and Development Agreement (OMDA) की Clause 2.5(vi) में संशोधन और छूट की मांग की गई है।

पत्र के मुताबिक, Adani Defence & Aerospace एयरलाइन कारोबार में उतरने की संभावना पर काम कर रहा था। इसमें ब्राज़ीलियाई एयरोस्पेस निर्माता Embraer के साथ भारत में क्षेत्रीय विमान बनाने की क्षमताएं विकसित करने का भी जिक्र है। दस्तावेज के अनुसार, इन पहलों के आधार पर Adani Group क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर केंद्रित नई पीढ़ी की एयरलाइन के विकास में भूमिका निभा सकता है।

कथित पत्र में Adani Defence & Aerospace और उसकी संबद्ध को भारत में Scheduled Airline में सीधे या इन डायरेक्ट रूप से निवेश करने, उसे स्थापित करने, खरीदने, स्वामित्व, प्रोमोट या कंट्रोल करने की अनुमति मांगी गई है। साथ ही Adani Group के एयरपोर्ट ऑपरेटर को ऐसी एयरलाइन में इक्विटी रखने की मंजूरी देने का अनुरोध भी किया गया है।

Airport और Airline के बीच हितों का टकराव?

पत्र में संभावित हितों का टकराव का भी जवाब दिया गया है। इसमें कहा गया है कि IATA-अनुरूप स्लॉट आवंटन, DGCA, MoCA और AERA की निगरानी, ट्रांसपेरेंसी ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स, सूचना अवरोध, रिंग-फेंसिंग और स्वतंत्र शासन जैसे उपायों से एयरपोर्ट न्यूट्रैलिटी बनाए रखी जा सकती है।

Adani Group ने पत्र में तर्क दिया कि ऐसी छूट से एक बड़े नए एयरलाइन ऑपरेटर के आने का रास्ता खुलेगा, जिससे कंपीटिशन बढ़ेगा और एविएशन सेक्टर में रिस्क घटेगा। प्रस्तावित एयरलाइन से Tier-II और Tier-III शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ाने और UDAN के उद्देश्यों को समर्थन मिलने की बात भी कही गई है।

24 जुलाई के बयान से क्यों उठा सवाल?

इस कथित पत्र और Adani Enterprises के 24 जुलाई के बयान के बीच अंतर को लेकर महुआ मोइत्रा ने सवाल उठाए हैं। Adani Enterprises ने उस दिन एयरलाइन शुरू करने की खबरों और मार्केट स्पेकुलेशन को “entirely baseless and factually incorrect” बताया था। कंपनी ने कहा था कि वह एयरलाइन बिजनेस में प्रवेश के किसी प्रस्ताव का वैल्यूएशन नहीं कर रही है।

कथित जून पत्र Adani Airports Holdings की ओर से भेजा गया था, जो Adani Enterprises की subsidiary है, और इसमें Adani Defence & Aerospace तथा उसकी affiliates का स्पष्ट उल्लेख है। हालांकि, Adani Enterprises ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि 24 जुलाई का बयान जून के पत्र में बताए गए airline-related evaluation पर भी लागू होता है या नहीं।

इसी वजह से दोनों दस्तावेजों के बीच तालमेल को लेकर सवाल बना हुआ है।

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