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Homeट्रेंडिंगPhotosपश्चिम बंगाल से गुजरात तक बनेगा 2,052 KM लंबा फ्रेट कॉरिडोर! इन राज्यों और उद्योगों को होगा फायदा

पश्चिम बंगाल से गुजरात तक बनेगा 2,052 KM लंबा फ्रेट कॉरिडोर! इन राज्यों और उद्योगों को होगा फायदा

भारतीय रेलवे पश्चिम बंगाल से गुजरात तक 2,052 किलोमीटर लंबा नया फ्रेट कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट से देश के औद्योगिक शहरों और बंदरगाहों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। जानिए प्रस्तावित रूट, प्रोजेक्ट की खासियत और रेलवे की तैयारियों से जुड़ी अहम जानकारी।

Sonam
UPDATED: Oct 15, 2026 17:36 IST
Dankuni Surat Freight Corridor
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नए फ्रेट कॉरिडोर की तैयारी तेज

भारतीय रेलवे पश्चिम बंगाल से गुजरात तक प्रस्तावित नए फ्रेट कॉरिडोर के अलाइनमेंट पर विचार कर रहा है। रेलवे बोर्ड संबंधित पक्षों से बातचीत कर रहा है। फिलहाल प्रोजेक्ट योजना के चरण में है। निर्माण शुरू होने या कॉरिडोर के चालू होने की तारीख तय नहीं हुई है।

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2,052 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर

बजट में घोषित यह प्रस्तावित फ्रेट कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक करीब 2,052 किलोमीटर लंबा होगा। इसका उद्देश्य माल ढुलाई के लिए अलग रेल नेटवर्क विकसित करना है। हालांकि, अभी इसके अंतिम रूट और परिचालन व्यवस्था पर काम होना बाकी है।

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ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की क्या है खासियत?

सरकार ने इसे ग्रीनफील्ड डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बताया है। इसका मतलब है कि मालगाड़ियों के लिए नया कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। यह किसी मौजूदा यात्री ट्रेन का नया रूट नहीं होगा, बल्कि माल परिवहन के लिए अलग बुनियादी ढांचा तैयार करने की योजना है।

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औद्योगिक शहरों को कैसे मिलेगा फायदा?

कॉरिडोर का रूट तय करते समय कच्चे माल के स्रोतों, मैन्युफैक्चरिंग सेंटर और बड़े बाजारों को ध्यान में रखा जा रहा है। इसका मकसद उद्योगों के बीच माल परिवहन को बेहतर बनाना है। अंतिम अलाइनमेंट तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।

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बंदरगाहों तक माल पहुंचाना होगा आसान?

प्रस्तावित कॉरिडोर का एक बड़ा उद्देश्य प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करना है। इससे भविष्य में माल ढुलाई की दक्षता बढ़ सकती है। हालांकि, परिवहन लागत कितनी घटेगी या कारोबारियों को कितनी बचत होगी, इसका अभी कोई निश्चित आंकड़ा सामने नहीं आया है।

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कब तक तैयार होगा नया फ्रेट कॉरिडोर?

फिलहाल कॉरिडोर के अंतिम रूट, जरूरी मंजूरियों, जमीन और निर्माण से जुड़े फैसलों का इंतजार है। इसके बाद टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। रेलवे ने अभी इसके चालू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। इसलिए इसे फिलहाल प्रस्तावित परियोजना ही माना जाना चाहिए।

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