Guest Wi-Fi क्या है, जानें मेन नेटवर्क का पासवर्ड शेयर करना क्यों पड़ सकता है भारी
Wi-Fi पासवर्ड शेयर करते समय ज्यादातर लोग यह नहीं सोचते कि सामने वाले डिवाइस में वायरस भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपके घर का पूरा नेटवर्क खतरे में आ सकता है। Guest Wi-Fi इस परेशानी से बचा सकता है, लेकिन इसके लिए राउटर की एक जरूरी सेटिंग समझना जरूरी है।

In Short
- Guest Wi-Fi मेन नेटवर्क से अलग होता है और पर्सनल डिवाइस को सेफ रखने में मदद करता है।
- मेन Wi-Fi का पासवर्ड शेयर करने से वायरस, डेटा लीक और साइबर अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
- Guest Network के लिए अलग पासवर्ड रखें और WPA2 या WPA3 सिक्योरिटी का इस्तेमाल करें।
Guest Wi-Fi: स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और ऑनलाइन पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ घरों में Wi-Fi की जरूरत भी बढ़ गई है। घर आने वाले मेहमान भी अक्सर इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए Wi-Fi पासवर्ड मांगते हैं। ऐसे में मेन Wi-Fi का पासवर्ड देना आपके नेटवर्क और उससे जुड़े डिवाइस के लिए खतरा बन सकता है। इसी परेशानी से बचने के लिए नए राउटर में Guest Wi-Fi का फीचर दिया जाता है।
क्या होता है Guest Wi-Fi?
Guest Wi-Fi आपके मेन Wi-Fi से अलग बनाया गया एक वायरलेस नेटवर्क होता है। इसका इस्तेमाल घर आए मेहमानों को इंटरनेट देने के लिए किया जाता है। मेहमान Guest Wi-Fi से इंटरनेट चला सकते हैं, लेकिन आमतौर पर वे मेन नेटवर्क से जुड़े लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, प्रिंटर, CCTV कैमरे, NAS स्टोरेज और दूसरे स्मार्ट डिवाइस को नहीं देख पाते।
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इस तरह मेहमानों को इंटरनेट भी मिल जाता है और घर के पर्सनल डिवाइस तथा उनमें मौजूद डेटा भी ज्यादा सेफ रहता है।
Guest Wi-Fi इस्तेमाल करने के फायदे
Guest Wi-Fi का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपका मेन नेटवर्क मेहमानों के डिवाइस से अलग रहता है। आज कई घरों में स्मार्ट बल्ब, स्मार्ट स्पीकर, CCTV कैमरे और दूसरे IoT डिवाइस इस्तेमाल किए जाते हैं। Guest Network इन्हें एक एक्सट्रा सेफ्टी लेयर देता है।
अगर Guest Wi-Fi का पासवर्ड ज्यादा लोगों तक पहुंच जाए, तो केवल उसी नेटवर्क का पासवर्ड बदला जा सकता है। इससे मेन Wi-Fi का पासवर्ड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। कई राउटर में Guest Network की स्पीड, इस्तेमाल का समय और कनेक्ट होने वाले डिवाइस की संख्या भी तय की जा सकती है।
एक गलती से कैसे बढ़ सकता है खतरा?
सभी लोगों को मेन Wi-Fi का पासवर्ड देने से पूरा नेटवर्क खतरे में पड़ सकता है। अगर किसी मेहमान का फोन या लैपटॉप पहले से वायरस से इनफेक्टेड है, तो वह नेटवर्क से जुड़े दूसरे डिवाइस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है।
फाइल शेयरिंग ऑन होने पर पर्सनल डेटा लीक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। स्मार्ट कैमरा, स्मार्ट लॉक और दूसरे IoT डिवाइस भी साइबर हमले का निशाना बन सकते हैं। बार-बार पासवर्ड शेयर करने से उसके लीक होने की संभावना भी बढ़ती है।
कैसे ऑन करें Guest Wi-Fi?
सबसे पहले राउटर के एडमिन पेज में लॉग इन करें। इसके बाद Wireless या Wi-Fi Settings में जाकर Guest Network का ऑप्शन चुनें और उसे Enable करें। Guest Wi-Fi के लिए अलग नाम और मजबूत पासवर्ड रखें।
राउटर में ऑप्शन मिलने पर Client Isolation ऑन करें या Access Local Network को Disable कर दें। इसके बाद मेहमानों को केवल Guest Wi-Fi का पासवर्ड दें।
इन बातों का रखें ध्यान
मेन और Guest Wi-Fi का पासवर्ड कभी एक जैसा न रखें। जरूरत न होने पर Guest Network बंद कर दें। राउटर का फर्मवेयर अपडेट रखें, डिफॉल्ट एडमिन पासवर्ड बदलें और WPA2 या WPA3 सिक्योरिटी का इस्तेमाल करें। पुराने या एंट्री-लेवल राउटर में यह फीचर नहीं मिलता, जबकि ज्यादातर नए Wi-Fi 5, Wi-Fi 6 और Wi-Fi 7 राउटर में Guest Wi-Fi दिया जाता है।