क्या UPI पेमेंट लेने पर दुकानदारों को देना होगा चार्ज? जानिए नया अपडेट
UPI पर MDR चार्ज को लेकर ग्राहकों और छोटे दुकानदारों के मन में कई सवाल हैं। क्या किराना स्टोर, ठेले वाले और छोटे कारोबारी भी इस चार्ज के दायरे में आएंगे? क्या इसका असर आम UPI यूजर्स पर भी पड़ेगा? पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने अब इन सवालों पर अहम जानकारी दी है। पढ़िए पूरी खबर।

In Short
- छोटे व्यापारियों को राहत PCI ने कहा कि किराना स्टोर जैसे छोटे कारोबारियों के लिए UPI पर MDR देना जरूरी नहीं होगा।
- ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा चार्ज UPI का इस्तेमाल करने वाले कंज्यूमर्स से किसी तरह का ट्रांजेक्शन चार्ज लेने का प्रस्ताव नहीं है।
- MDR ग्राहक की फीस नहीं जहां मर्चेंट सर्विस चार्ज लागू होता है वहां यह व्यापारी और सर्विस प्रोवाइडर के बीच का कमर्शियल समझौता होता है।
UPI Payment Charges: UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR चार्ज को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा तेज है। आम ग्राहकों के साथ छोटे कारोबारियों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं कि अगर UPI पर MDR लागू हुआ तो क्या उन्हें भी हर डिजिटल पेमेंट पर चार्ज देना होगा। खासकर किराना स्टोर, मिठाई की दुकान, आइसक्रीम बेचने वाले और ठेले वाले छोटे कारोबारियों को लेकर स्थिति क्या होगी? अब इस पर पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया यानी PCI ने स्थिति साफ की है।
छोटे कारोबारियों को नहीं देना होगा MDR
IAMAI के तहत काम करने वाली पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने X पर बताया कि UPI का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों से किसी तरह का चार्ज लेने का प्रस्ताव नहीं है। साथ ही किराना स्टोर जैसे छोटे व्यापारी भी बिना MDR दिए UPI पेमेंट स्वीकार कर सकेंगे।
PCI की यह सफाई भुगतान और निपटान प्रणाली (संशोधन) विधेयक 2026 के बाद आई है। इसके बाद ऐसी अटकलें लगने लगी थीं कि आने वाले समय में UPI यूजर्स और कारोबारियों को डिजिटल पेमेंट पर चार्ज देना पड़ सकता है।
ग्राहकों के लिए UPI पहले की तरह फ्री
PCI ने कहा कि 2016 में लॉन्च होने के बाद से UPI ग्राहकों के लिए मुफ्त रहा है। आगे भी आम लोग बिना किसी ट्रांजेक्शन फीस के UPI के जरिए तुरंत डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे।
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काउंसिल ने छोटे कारोबारियों को लेकर भी कहा कि उनके लिए UPI पेमेंट लेने पर MDR देना जरूरी नहीं होगा। PCI के मुताबिक छोटे से छोटे कारोबार तक डिजिटल पेमेंट की पहुंच बनाना UPI के विकास का अहम हिस्सा रहा है।
आखिर क्या होता है MDR चार्ज?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR वह फीस है जो कोई व्यापारी डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुविधा के बदले बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है। आम तौर पर इसका भुगतान सीधे ग्राहक नहीं करता।
हालांकि MDR को लेकर यह चिंता जताई जा रही है कि अगर छोटे कारोबारियों पर इसका खर्च बढ़ता है तो वे UPI पेमेंट लेने से बच सकते हैं या इसका बोझ किसी दूसरे तरीके से ग्राहकों पर डाल सकते हैं। वहीं इसके समर्थन में कहा जाता है कि इस तरह के चार्ज से पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर साइबर सुरक्षा और नई सुविधाओं की फंडिंग में मदद मिल सकती है।
मर्चेंट चार्ज का मतलब ग्राहक से पैसा लेना नहीं
PCI ने साफ किया है कि जहां मर्चेंट सर्विस चार्ज लागू होता है वहां यह व्यापारी और सर्विस प्रोवाइडर के बीच का कमर्शियल समझौता होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहक को अलग से चार्ज देना पड़ेगा।
काउंसिल के मुताबिक दुनिया के कई डिजिटल पेमेंट सिस्टम में मर्चेंट सर्विस चार्ज सामान्य व्यवस्था है जबकि ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट की सुविधा मुफ्त और आसानी से मिलती रहती है।