क्या Airplane Mode से सच में जल्दी चार्ज होता है फोन? जानिए पूरी सच्चाई
फोन जल्दी चार्ज करने के लिए Airplane Mode इस्तेमाल करने की सलाह अक्सर दी जाती है। लेकिन क्या यह तरीका सच में काम करता है या सिर्फ एक myth है? कुछ tests में सामने आए नतीजों के बाद इस आसान trick को लेकर चर्चा बढ़ गई है। जानिए कैसे और क्यों बदल सकता है charging experience।

In Short
- एयरप्लेन मोड में सेल्युलर नेटवर्क, वाई-फाई, ब्लूटूथ और जीपीएस जैसी वायरलेस एक्टिविटी बंद हो जाती है, जिससे फोन कम पावर इस्तेमाल करता है और जल्दी चार्ज हो सकता है।
- स्लैशगियर के टेस्ट के मुताबिक, एयरप्लेन मोड में अलग-अलग फोन और चार्जिंग कंडीशन के आधार पर चार्जिंग टाइम करीब 4 से 11 मिनट तक कम हो सकता है।
- एयरप्लेन मोड में चार्जिंग के दौरान फोन का टेम्परेचर कम रह सकता है, जिससे लिथियम-आयन बैटरी की हेल्थ लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
स्मार्टफोन को जल्दी चार्ज करने के लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते हैं। इन्हीं में से एक तरीका है फोन को चार्जिंग के दौरान एयरप्लेन मोड पर डालना। दावा किया जाता है कि इससे फोन की बैटरी जल्दी भरती है क्योंकि वायरलेस एक्टिविटी कम हो जाती है। लेकिन क्या यह तरीका सच में काम करता है या सिर्फ एक मिथ है? आइए जानते हैं एयरप्लेन मोड से फोन चार्जिंग पर क्या असर पड़ता है और यह कितना फायदेमंद है।
एयरप्लेन मोड कैसे करता है फोन को जल्दी चार्ज?
जब स्मार्टफोन को एयरप्लेन मोड पर रखा जाता है तो यह कई वायरलेस कनेक्शन को बंद कर देता है। इसमें सेल्युलर नेटवर्क, वाई-फाई, ब्लूटूथ और जीपीएस जैसी सर्विस शामिल होती हैं। इन कनेक्शन के बंद होने से फोन को लगातार मोबाइल टावर से सिग्नल पकड़ने और डेटा कनेक्शन बनाए रखने के लिए ज्यादा पावर खर्च नहीं करनी पड़ती।
एयरप्लेन मोड में फोन कॉल, मैसेज और इंटरनेट डेटा को सेंड या रिसीव नहीं कर पाता है। हालांकि, यूजर ऑफलाइन ऐप चला सकता है, अलार्म लगा सकता है, फोटो ले सकता है, डाउनलोड किया हुआ म्यूजिक सुन सकता है और सेव की गई फाइल पढ़ सकता है।
स्लैशगियर की ओर से किए गए टेस्ट के मुताबिक, एयरप्लेन मोड में स्मार्टफोन कुछ मिनट जल्दी चार्ज हो सकता है। अलग-अलग फोन और चार्जिंग कंडीशन के आधार पर चार्जिंग टाइम में करीब 4 से 11 मिनट तक की कमी देखी गई।
बैटरी पर भी पड़ सकता है अच्छा असर
एयरप्लेन मोड में चार्जिंग के दौरान फोन कम पावर इस्तेमाल करता है, जिससे बैटरी पर एक्स्ट्रा लोड कम हो जाता है। खासकर जब फोन लगातार नेटवर्क सर्च करता रहता है तो बैटरी ज्यादा काम करती है। एयरप्लेन मोड इस एक्टिविटी को रोक देता है और चार्जिंग प्रोसेस ज्यादा एफिशिएंट हो सकती है।
इसके अलावा चार्जिंग के समय फोन का टेम्परेचर भी कम रह सकता है। लिथियम-आयन बैटरी के लिए कम टेम्परेचर बेहतर माना जाता है, क्योंकि ज्यादा गर्मी बैटरी की लॉन्ग-टर्म लाइफ को प्रभावित कर सकती है। इसलिए एयरप्लेन मोड में चार्जिंग करने से बैटरी हेल्थ को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
नोटिफिकेशन और कॉल से भी मिलती है राहत
चार्जिंग के दौरान आने वाले कॉल, मैसेज और नोटिफिकेशन फोन की एक्टिविटी बढ़ा देते हैं। एयरप्लेन मोड इन रुकावटों को रोक देता है, जिससे फोन बिना किसी डिस्टर्बेंस के चार्ज हो पाता है।
हालांकि, एयरप्लेन मोड कोई बड़ा चार्जिंग बूस्टर नहीं है। इससे चार्जिंग स्पीड में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आता, लेकिन अगर आपको फोन कुछ मिनट जल्दी चार्ज करना है तो यह एक आसान तरीका साबित हो सकता है।