Elon Musk के Starlink को टक्कर देने की तैयारी में सुनील मित्तल, सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर बनाया प्लान

सैटेलाइट इंटरनेट की दुनिया में अब मुकाबला तेज होने वाला है। भारतीय अरबपति सुनील भारती मित्तल ने अमेरिका और चीन पर निर्भरता कम करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनकी कंपनी OneWeb का मुकाबला एलन मस्क के Starlink से है। जानिए मित्तल का पूरा प्लान और भारत में किसकी तैयारी आगे है।

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In Short

  • अमेरिका और चीन पर निर्भरता से अलग ग्लोबल सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क बनाने पर जोर।
  • एलन मस्क के Starlink के पास 10,000 से ज्यादा सैटेलाइट, जबकि OneWeb के पास करीब 650 सैटेलाइट।
  • OneWeb, Starlink और Jio को मिल चुके हैं लाइसेंस, लेकिन सेवाएं शुरू करने के लिए अभी कुछ मंजूरियां बाकी हैं।

By Gungun Mishra:

भारतीय अरबपति और भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल सैटेलाइट इंटरनेट की दुनिया में बड़ा दांव लगा रहे हैं। उनका मकसद ऐसा ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क तैयार करना है, जो अमेरिका और चीन पर निर्भर न हो। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मित्तल का मानना है कि आने वाले समय में हर देश को अपने जरूरी कम्युनिकेशन नेटवर्क के लिए दूसरे विकल्प चाहिए होंगे।

ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में सुनील भारती ने कहा कि कोई भी देश पूरी तरह दूसरे देश पर निर्भर नहीं रह सकता। यूरोप और भारत को अपने नेटवर्क की जरूरत है, जबकि चीन भी अपना नेटवर्क विकसित कर रहा है।

Starlink से मुकाबला कितना मुश्किल?

सुनील भारती मित्तल के समर्थन वाली Eutelsat Communications की OneWeb का सीधा मुकाबला एलन मस्क की SpaceX के Starlink से है। हालांकि, दोनों कंपनियों के बीच बड़ा अंतर है।

Starlink के पास 10,000 से ज्यादा सैटेलाइट हैं, जबकि OneWeb के पास करीब 650 सैटेलाइट हैं। Amazon भी हजारों सैटेलाइट वाला अपना नेटवर्क तैयार कर रही है।

ग्राहकों और कमाई के मामले में भी Starlink काफी आगे है। दुनियाभर में उसके कम से कम 1.36 करोड़ ग्राहक हैं। सितंबर में खत्म तीन महीनों के दौरान Starlink ने कनेक्टिविटी से 5 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई की। वहीं, इसी अवधि में Eutelsat के लो-अर्थ-ऑर्बिट कारोबार की कमाई 7.09 करोड़ यूरो रही।

OneWeb में मित्तल ने कितना पैसा लगाया?

भारती एयरटेल ने 2015 में OneWeb में निवेश किया था। साल 2020 में कंपनी को दिवालिया होने से बचाने के लिए भारती और ब्रिटेन सरकार ने मिलकर 1 अरब डॉलर की नई पूंजी लगाने का फैसला किया। इसके बाद भारती ने अतिरिक्त 50 करोड़ डॉलर का निवेश किया।

सुनील भारती मित्तल के लिए सैटेलाइट इंटरनेट सिर्फ ब्रॉडबैंड का कारोबार नहीं है। इसका इस्तेमाल दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने, सैन्य अभियानों और जरूरी कम्युनिकेशन सेवाओं में भी होता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

Jio से मुकाबले के बाद अब अंतरिक्ष में चुनौती

सुनील भारती मित्तल पहले भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर चुके हैं। 2016 में मुकेश अंबानी की Reliance Jio की एंट्री के बाद टेलीकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर शुरू हुआ था।

मित्तल के मुताबिक, उस मुश्किल दौर में भारती ने 34 महीनों में 18 अरब डॉलर जुटाए। इस दौरान उन्होंने अपनी हिस्सेदारी 51% से घटाकर 25% कर दी। आज भारत के निजी मोबाइल बाजार में Airtel और Jio प्रमुख कंपनियां हैं।

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की रेस

भारत में OneWeb, Starlink और Jio को सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लाइसेंस मिल चुके हैं। Amazon Leo भी मंजूरी का इंतजार कर रही है। हालांकि, सेवाएं शुरू करने के लिए अभी सरकारी मंजूरी और स्पेक्ट्रम से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।

सुनील भारती मित्तल का कहना है कि OneWeb ने पांच साल पहले मंजूरी के लिए आवेदन किया था और उसका ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर तीन साल से तैयार है।

उनके मुताबिक, एक सैटेलाइट नेटवर्क बनाने में करीब 10 अरब डॉलर लगते हैं और इसे तैयार करने में सात से आठ साल लग सकते हैं। सैटेलाइट को हर पांच-छह साल में बदलना भी पड़ता है। ऐसे में मित्तल का मानना है कि बाजार में बहुत ज्यादा ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क के लिए जगह नहीं होगी।

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