AI से बदलेगा Standard Chartered का ग्लोबल वर्कफोर्स, भारत में बढ़ सकती है बैंक की भर्ती
Standard Chartered में AI के बढ़ते इस्तेमाल से दुनियाभर में नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है। बैंक कुछ सपोर्ट रोल कम करने की तैयारी में है, लेकिन भारत को लेकर तस्वीर अलग है। बैंक का मानना है कि यहां हेडकाउंट बढ़ सकता है, क्योंकि GCC में अब ज्यादा जटिल और हाई-स्किल काम लाया जा रहा है।

Standard Chartered Plc को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपनाने के साथ अपने ग्लोबल वर्कफोर्स का बैलेंस बदलने की उम्मीद है।ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बैंक की भर्ती बढ़ सकती है। भारत Standard Chartered के सबसे बड़े Global Capability Centre (GCC) का घर है और बैंक यहां लगातार ज्यादा जटिल काम ला रहा है।
ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तनुज कपिलाश्रमी ने बुधवार को Bloomberg TV से कहा कि भारत जैसे बाजारों में बैंक का हेडकाउंट बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि साझा सेवा केंद्रों, खासकर भारत में, बैंक अब ज्यादा “sophisticated work” कर रहा है।
भारत में 22 हजार कर्मचारी
कपिलाश्रमी के मुताबिक, Standard Chartered के भारत स्थित GCC में करीब 22,000 कर्मचारी काम करते हैं। बैंक की कुल ग्लोबल वर्कफोर्स 81,000 से कुछ ज्यादा है और इनमें करीब 50,000 कर्मचारियों को AI की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
कपिलाश्रमी ने मई में ग्रुप COO की जिम्मेदारी संभाली। Standard Chartered से पहले वह HSBC Holdings Plc में काम कर चुकी हैं और वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र में उन्हें दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।
AI से कुछ नौकरियां जाएंगी
Standard Chartered ने मई में कहा था कि वह अगले चार साल में करीब 8,000 सपोर्ट रोल खत्म करने की योजना बना रहा है। यह उन शुरुआती ग्लोबल बैंकों में शामिल है, जिसने AI के कारण हेडकाउंट में संभावित कमी का स्पष्ट लक्ष्य बताया है।
दुनिया भर के बैंक AI का इस्तेमाल नियमित प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने, धोखाधड़ी पकड़ने और कर्ज से जुड़े फैसलों को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं। बैंक जेनरेटिव AI को ग्राहक सेवा और आंतरिक कामकाज में भी इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
भारत क्यों बन रहा है बड़ा AI हब?
Standard Chartered भारत में AI-native टैलेंट बढ़ा रहा है। कपिलाश्रमी के मुताबिक, बैंक को AI से उत्पादकता में फायदा और कॉस्ट टू इनकम रेश्यो में सुधार दिख रहा है। साथ ही, बैंक AI के विस्तार के दौरान उसके इस्तेमाल के लिए जरूरी गार्डरेल तैयार करने पर भी जोर दे रहा है।
भारत में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े बड़े टैलेंट पूल के कारण GCCs तेजी से महत्वपूर्ण बने हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, गुरुग्राम और मुंबई जैसे शहरों में बैंकिंग से जुड़े क्वांट, रिस्क एनालिस्ट, निवेश और टेक्नोलॉजी कर्मचारी काम कर रहे हैं। AI क्षमताओं के बढ़ने से वैश्विक बैंकों के लिए भारत की भूमिका और मजबूत हो रही है।