14 साल के सबसे निचले स्तर पर स्मार्टफोन बाजार, ये है सबसे बड़ी वजह
नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर बोझ बढ़ सकता है. AI की बढ़ती मांग से मेमोरी चिप की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर मोबाइल बाजार पर दिख रहा है. जानिए भारत में फोन की कीमतों और सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा.

In Short
- AI की बढ़ती मांग से मेमोरी चिप महंगी, स्मार्टफोन बनाने की लागत बढ़ने से ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है असर.
- भारत में जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान स्मार्टफोन शिपमेंट में करीब 20% गिरावट का अनुमान.
- वैश्विक स्मार्टफोन बाजार 14 साल के निचले स्तर पर, बजट फोन खरीदने वालों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें.
AI की बढ़ती मांग अब स्मार्टफोन खरीदने वालों की जेब पर भारी पड़ सकती है. दुनिया भर में मेमोरी चिप की कमी के कारण फोन बनाना महंगा हो रहा है. इसका असर कीमतों और सप्लाई पर दिखने लगा है. काउंटरपॉइंट रिसर्च के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में 20% की गिरावट आई है.
14 साल के सबसे निचले स्तर पर स्मार्टफोन बाजार
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट 2012 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. यानी पिछले 14 साल में तीसरी तिमाही के दौरान बाजार की ऐसी कमजोर स्थिति नहीं देखी गई थी. इसका सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो 10,000 से 20,000 रुपये के बजट में नया फोन खरीदना चाहते हैं.
AI के कारण क्यों हो रही मेमोरी चिप की कमी?
स्मार्टफोन में दो तरह की मेमोरी चिप इस्तेमाल होती हैं. पहली DRAM, जो फोन की रैम के लिए जरूरी है और दूसरी NAND, जिसमें फोटो, वीडियो और ऐप स्टोर होते हैं.
AI कंपनियां बड़े डेटा सेंटर बना रही हैं, जिनके लिए भारी मात्रा में मेमोरी चाहिए. चिप निर्माता ज्यादा मुनाफे वाले प्रोडक्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं. इससे स्मार्टफोन कंपनियों को मेमोरी चिप महंगी मिल रही हैं और फोन बनाने की लागत बढ़ रही है.
भारत में स्मार्टफोन की बिक्री पर कितना असर?
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, 2026 में अब तक दुनिया भर में स्मार्टफोन की खुदरा कीमतें करीब 20% बढ़ चुकी हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि भारत में हर फोन 20% महंगा हुआ है.
भारत में जुलाई से सितंबर के दौरान स्मार्टफोन शिपमेंट करीब 20% गिरने का अनुमान है. महंगे फोन और कमजोर मांग के चलते कंपनियां त्योहारों से पहले ज्यादा स्टॉक रखने से बच रही हैं. हालांकि, शिपमेंट में गिरावट का मतलब ग्राहकों की खरीदारी में उतनी ही कमी होना नहीं है.
सैमसंग और ऐपल की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी
बाजार में गिरावट के बावजूद सैमसंग ने 23% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ पहला स्थान बनाए रखा. वहीं, ऐपल की हिस्सेदारी 22% रही. दोनों कंपनियों के शिपमेंट घटे, लेकिन बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़ गई.
नया फोन खरीदें या थोड़ा इंतजार करें?
अगर आपका पुराना फोन ठीक चल रहा है और जरूरी ऐप काम कर रहे हैं, तो कुछ समय और इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन बैटरी खराब होने या सिक्योरिटी अपडेट बंद होने पर खरीदारी टालना सही नहीं होगा. नया फोन खरीदते समय कीमतों और बैंक ऑफर्स की तुलना जरूर करें.