AI की चमक के पीछे छिपा है बड़ा खतरा? अरबपति निवेशक रे डालियो ने बताया क्या बिगाड़ सकता है खेल

AI में बढ़ते निवेश और शेयर बाजार की रिकॉर्ड तेजी के बीच अरबपति निवेशक रे डालियो ने बड़ी चेतावनी दी है। उनका मानना है कि AI बाजार एक ऐसे मोड़ के करीब पहुंच रहा है, जहां भारी कर्ज और बढ़ती ब्याज दरें मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। आखिर AI की तेजी के पीछे कौन से खतरे छिपे हैं और डालियो क्यों चिंतित हैं? जानिए।

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AI के बाजार में बढ़ते खतरे और बुलबुला फूटने की आशंका (AI Generated Image)
AI के बाजार में बढ़ते खतरे और बुलबुला फूटने की आशंका (AI Generated Image)

In Short

  • अरबपति निवेशक रे डालियो ने चेतावनी दी कि AI बाजार का बुलबुला फूटने के करीब पहुंच रहा है।
  • AI कंपनियों का बढ़ता कर्ज और ऊंची ब्याज दरें बाजार के लिए बड़ा जोखिम बन सकती हैं।
  • जोखिम के बावजूद टेक शेयरों में तेजी जारी है और S&P 500 व Nasdaq 100 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे।

By BT बाज़ार डेस्क:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर दुनियाभर में कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं। शेयर बाजार में भी AI से जुड़ी कंपनियों के शेयर तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या AI की यह तेजी जल्द खत्म हो सकती है? अरबपति निवेशक और ब्रिजवॉटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो (Ray Dalio) ने इसे लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि AI बाजार एक ऐसे दौर में पहुंच रहा है, जहां इसका बुलबुला फूटने का खतरा बढ़ रहा है।

AI को लेकर रे डालियो ने क्या कहा?

सिंगापुर में बुधवार को आयोजित फोर्ब्स ग्लोबल सीईओ कॉन्फ्रेंस में रे डालियो ने कहा कि AI इस समय एक क्लासिक बबल यानी ऐसे बुलबुले की स्थिति में है, जहां निवेश और कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

उनके मुताबिक, AI का बुलबुला अभी फूटा नहीं है, लेकिन बाजार उस स्थिति के करीब पहुंच रहा है। डालियो ने कहा कि उन्हें लगता है कि हम इस खतरे के काफी करीब हैं।

AI में भारी निवेश के लिए लिया जा रहा कर्ज

रे डालियो की चिंता की एक बड़ी वजह AI सेक्टर में बढ़ता कर्ज है। टेक्नोलॉजी कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रही हैं।

इस निवेश का बड़ा हिस्सा कर्ज के जरिए जुटाया जा रहा है। डालियो के मुताबिक, जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कंपनियों के लिए कर्ज लेना और उसे चुकाना महंगा हो जाता है। यही स्थिति AI बाजार के बुलबुले को फोड़ने की वजह बन सकती है।

ब्याज दरों में बढ़ने से क्यों है खतरा?

दुनियाभर में बॉन्ड यील्ड कई दशकों के ऊंचे स्तर तक पहुंच गई है। इससे AI के लिए जरूरी बड़े प्रोजेक्ट्स की फंडिंग महंगी हो रही है।

AI डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों को भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। ऐसे में कर्ज की लागत बढ़ने से उनके सामने आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

शेयर बाजार में फिर भी जारी है तेजी

AI सेक्टर को लेकर इन चिंताओं के बावजूद शेयर बाजार में तेजी बनी हुई है। टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई को लेकर निवेशकों की उम्मीदें मजबूत हैं।

इसी भरोसे के चलते इस हफ्ते अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजार इंडेक्स S&P 500 और Nasdaq 100 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे हैं।

हालांकि, बाजार में तेजी का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों से आ रहा है। यही वजह है कि AI सेक्टर में बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सिर्फ ब्याज दरें ही नहीं, ये भी है बड़ा खतरा

रे डालियो ने कहा कि AI का बुलबुला फूटने की वजह सिर्फ बढ़ती ब्याज दरें नहीं होंगी। वेल्थ टैक्स यानी संपत्ति पर टैक्स जैसे फैसले भी बाजार पर असर डाल सकते हैं।

उन्होंने समझाया कि किसी व्यक्ति की संपत्ति की कीमत अरबों डॉलर हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसके पास उतनी नकदी भी मौजूद है।

अगर किसी व्यक्ति को खर्च करने या टैक्स चुकाने के लिए नकदी चाहिए, तो उसे अपनी संपत्ति बेचनी पड़ सकती है। बड़ी संख्या में ऐसा होने पर बाजार में बिकवाली बढ़ सकती है।

क्या AI का बुलबुला सच में फूटने वाला है?

रे डालियो लंबे समय से AI बाजार में बुलबुले बनने की चेतावनी देते रहे हैं। उनका मानना है कि भारी निवेश, बढ़ता कर्ज और महंगी फंडिंग बाजार के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि AI का बुलबुला कब फूट सकता है। उनकी चेतावनी बाजार में बढ़ते जोखिम को लेकर है, न कि किसी तय तारीख पर गिरावट आने की भविष्यवाणी।

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