बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद Oracle CFO की कर्मचारियों को सलाह, सोच-समझकर करें पैसे और संसाधनों का इस्तेमाल

Oracle ने इस साल दूसरी बार बड़े स्तर पर छंटनी शुरू की है, जिससे दुनियाभर में हजारों कर्मचारियों के प्रभावित होने की संभावना है। AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश के बीच कंपनी अपने संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दे रही है। भारत में भी कई कर्मचारियों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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Oracle की दूसरी छंटनी के बाद CFO हिलेरी मैक्ससन ने कर्मचारियों से खर्चों में सावधानी बरतने को कहा।
Oracle की दूसरी छंटनी के बाद CFO हिलेरी मैक्ससन ने कर्मचारियों से खर्चों में सावधानी बरतने को कहा।

In Short

  • ओरेकल की CFO हिलेरी मैक्ससन चाहती हैं कि कर्मचारी पैसे खर्च करते समय सोच-समझकर काम लें.
  • उनके ये बयान Oracle में हाल ही में हुई छंटनी के बाद आए हैं.
  • कहा जा रहा है कि ओरेकल ने हज़ारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिनमें भारत के कर्मचारी भी शामिल हैं.

By Shakshi:

Oracle में बड़े स्तर पर पुनर्गठन (Restructuring) चल रहा है। कंपनी ने इस साल दूसरी बार कर्मचारियों की छंटनी शुरू की है, जिससे दुनियाभर में हजारों नौकरियों पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में भी करीब 3,000 कर्मचारियों के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि कंपनी ने अभी तक प्रभावित कर्मचारियों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।

Oracle की नई Chief Financial Officer (CFO) हिलेरी मैक्ससन ने छंटनी के बीच कर्मचारियों के साथ अपनी पहली कंपनी-स्तरीय मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि कंपनी को अपने पैसे और संसाधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा। उन्होंने कहा कि इसका मतलब कम लोगों से ज्यादा काम करवाना नहीं है, बल्कि उन कामों पर ध्यान देना है जिनसे ग्राहकों और कंपनी को सबसे ज्यादा फायदा मिले।

मैक्ससन ने कर्मचारियों से प्रक्रियाओं को आसान बनाने और संसाधनों का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी को यह तय करना होगा कि कहां निवेश करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

Oracle ने 2026 में दूसरी बार की छंटनी

रिपोर्ट के अनुसार, Oracle ने 14 सितंबर को छंटनी का दूसरा दौर शुरू किया। कर्मचारियों को सुबह ईमेल के जरिए इसकी जानकारी दी गई। इससे पहले कंपनी के वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक कर्मचारियों की संख्या में करीब 21,000 यानी 13 फीसदी की कमी आई थी।

हालांकि, लगभग एक घंटे चली मीटिंग में छंटनी पर सीधे चर्चा नहीं हुई। कंपनी के अधिकारियों ने इसके बजाय ग्रोथ, ग्राहक जरूरतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े अवसरों पर बात की।

Oracle के को-CEO माइक सिसिलिया ने कर्मचारियों से कहा कि वे अपने काम को इस आधार पर देखें कि उससे ग्राहकों को कितना फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने काम के प्रभाव को समझने पर जोर दिया।

AI और डेटा सेंटर में भारी निवेश

Oracle इस समय AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर के विस्तार में तेजी से निवेश कर रही है। कंपनी ने पहली तिमाही में 28.5 अरब डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर बताया, जो पिछले साल 8.5 अरब डॉलर था। वहीं, वित्तीय वर्ष 2027 के लिए कंपनी ने 90 अरब से 95 अरब डॉलर तक के पूंजीगत खर्च का अनुमान लगाया है।

AI में बढ़ते निवेश के साथ Oracle पर वित्तीय अनुशासन बनाए रखने का दबाव भी बढ़ रहा है। कंपनी का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर रेवेन्यू हाल में 121 फीसदी बढ़ा है, लेकिन इसके साथ लागत और निवेश भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

भारत में किन टीमों पर असर की संभावना

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में Oracle की प्रोडक्ट इंजीनियरिंग टीमें छंटनी से ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, सपोर्ट और कंसल्टिंग फंक्शन पर तुलनात्मक रूप से कम असर पड़ने की संभावना जताई गई है।

Oracle के अलावा कई बड़ी टेक कंपनियों ने हाल के महीनों में कर्मचारियों की संख्या कम की है। Uber, Microsoft, Amazon और PayPal जैसी कंपनियां भी लागत कम करने और बिजनेस रणनीति में बदलाव के तहत छंटनी कर चुकी हैं।

AI में बड़े निवेश और लागत नियंत्रण के बीच Oracle का यह कदम टेक सेक्टर में बदलते माहौल को दिखाता है, जहां कंपनियां ग्रोथ के साथ-साथ खर्चों को संतुलित करने पर भी ध्यान दे रही हैं।

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