ChatGPT से लिखे कंटेंट की अब नहीं छिप पाएगी पहचान? OpenAI ला रही है नया खास फीचर
OpenAI ChatGPT और Codex से जनरेट होने वाले टेक्स्ट में Invisible Watermark जोड़ने जा रही है। शुरुआत EU यूजर्स से होगी और यह बदलाव EU AI Act के तहत किया जा रहा है। वॉटरमार्क आंखों से दिखाई नहीं देगा, लेकिन खास डिटेक्शन सिस्टम इसकी पहचान कर सकेंगे। हालांकि टेक्स्ट को एडिट करने पर इसकी पहचान कमजोर हो सकती है।

In Short
- OpenAI EU में ChatGPT और Codex के टेक्स्ट में Invisible Watermark जोड़ेगी
- textGrain Watermark इंसानों को दिखाई नहीं देगा लेकिन डिटेक्शन सिस्टम इसे पहचान सकेंगे
- - टेक्स्ट में ज्यादा बदलाव या ट्रांसलेशन करने पर Watermark की पहचान मुश्किल हो सकती है
OpenAI यूरोपियन यूनियन यानी EU में ChatGPT और Codex से जनरेट होने वाले टेक्स्ट में Invisible Watermark जोड़ने जा रही है। यह वॉटरमार्क इंसानों को दिखाई नहीं देगा, लेकिन खास डिटेक्शन सिस्टम इसकी पहचान कर सकेगा। कंपनी यह कदम EU AI Act के तहत AI से बने कंटेंट को मशीन के जरिए पहचानने योग्य बनाने के लिए उठा रही है।
OpenAI के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में EU में योग्य ChatGPT और Codex टेक्स्ट आउटपुट पर यह सिस्टम लागू किया जाएगा। फिलहाल इसे ग्लोबल स्तर पर ChatGPT का डिफॉल्ट फीचर बनाने की योजना नहीं है। हालांकि दुनिया भर के API ग्राहक चुनिंदा मॉडल्स के लिए इसे अपनी मर्जी से ऑन कर सकते हैं।
कैसे काम करेगा Invisible Watermark?
OpenAI की इस टेक्नोलॉजी को textGrain कहा जाता है। यह टेक्स्ट में कोई छिपा हुआ कैरेक्टर, स्पेस या खास निशान नहीं जोड़ती। इसके बजाय AI जब जवाब तैयार करता है तो शब्दों या शब्दों के हिस्सों को चुनने के पैटर्न में बेहद हल्का बदलाव किया जाता है। इससे टेक्स्ट में एक सांख्यिकीय संकेत बन जाता है, जिसे कंपनी का डिटेक्टर पहचान सकता है।
इसका मतलब है कि अगर टेक्स्ट के शब्द जस के तस रखकर उसे दूसरी जगह इस्तेमाल किया जाता है, तो यह संकेत बने रहने की उम्मीद है। हालांकि टेक्स्ट को काफी बदलने, दोबारा लिखने, पैराफ्रेज करने या ट्रांसलेट करने पर इसकी पहचान कम भरोसेमंद हो सकती है।
हर बार काम नहीं करेगा Watermark
OpenAI ने साफ किया है कि टेक्स्ट वॉटरमार्किंग की अपनी सीमाएं हैं। खास तौर पर छोटे या ऐसे टेक्स्ट जिनमें शब्द चुनने के विकल्प कम होते हैं, उनमें वॉटरमार्क का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। कंपनी के मुताबिक, वॉटरमार्क मिलने का मतलब यह हो सकता है कि टेक्स्ट का कोई हिस्सा OpenAI सिस्टम ने जनरेट या प्रोसेस किया है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि उसमें इंसान की एडिटिंग या क्रिएटिविटी कितनी थी।
इसी वजह से OpenAI फिलहाल अपना टेक्स्ट वॉटरमार्क डिटेक्टर आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं करा रही है। शुरुआती एक्सेस की मंजूरी प्राप्त रिसर्चर्स और एक्सपर्ट संगठनों को दी जाएगी।
EU AI Act के कारण आया बदलाव
EU AI Act के Article 50 के तहत AI कंपनियों को AI से जनरेट या बदले गए कंटेंट को मशीन द्वारा पहचानने योग्य तरीके से मार्क करने की जरूरत है। इससे लोगों और प्लेटफॉर्म्स के लिए AI-जनरेटेड कंटेंट की पहचान आसान बनाने का लक्ष्य है। ये पारदर्शिता नियम 2 अगस्त 2026 से लागू हुए हैं।
OpenAI का कहना है कि वॉटरमार्क केवल यह संकेत दे सकता है कि टेक्स्ट OpenAI के सिस्टम से जनरेट या प्रोसेस हुआ है। यह टेक्स्ट की सच्चाई, मालिकाना हक या उसमें इंसान के योगदान को साबित नहीं करता।