Noise Cancellation vs Noise Isolation: ज्यादातर लोग नहीं जानते दोनों में अंतर! जानिए आपके लिए क्या बेहतर
ईयरफोन या हेडफोन खरीदते समय नॉइज कैंसलेशन और नॉइज आइसोलेशन को लेकर अक्सर कन्फ्यूजन रहता है। दोनों बाहर की आवाज कम करते हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग है। जानिए कौन-सी टेक्नोलॉजी आपके सफर, ऑफिस और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए ज्यादा बेहतर साबित हो सकती है।

In Short
- नॉइज कैंसलेशन और नॉइज आइसोलेशन दोनों का काम बाहरी शोर कम करना है, लेकिन दोनों की टेक्नोलॉजी और काम करने का तरीका अलग होता है।
- एएनसी लगातार आने वाली आवाजों जैसे ट्रेन, फ्लाइट और इंजन के शोर को कम करने में ज्यादा असरदार होता है, जबकि नॉइज आइसोलेशन फिटिंग के जरिए सामान्य शोर रोकता है।
- हेडफोन चुनते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि आपका इस्तेमाल, सफर की जरूरत और आराम देखकर सही विकल्प चुनना ज्यादा जरूरी है।
Noise Cancellation vs Noise Isolation: ईयरफोन या हेडफोन खरीदते समय Noise Cancellation और Noise Isolation जैसे शब्द अक्सर सामने आते हैं। दोनों का मकसद बाहर की आवाज कम करना है, लेकिन दोनों का तरीका अलग है। एक टेक्नोलॉजी की मदद से शोर घटाता है, जबकि दूसरा कान को ढककर आवाज रोकता है। इसलिए सही विकल्प चुनने से पहले दोनों का काम और इस्तेमाल समझना जरूरी है।
Noise Cancellation कैसे काम करता है?
नॉइज कैंसलेशन, खासकर एक्टिव नॉइज कैंसलेशन यानी एएनसी, बाहर की आवाज को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कम करता है। हेडफोन या ईयरफोन में लगे माइक्रोफोन आसपास के शोर को सुनते हैं। इसके बाद डिवाइस उसी शोर के उलट एक साउंड वेव बनाता है। दोनों वेव आपस में टकराकर बाहरी आवाज का असर घटा देती हैं।
यह टेक्नोलॉजी लगातार आने वाली आवाजों पर ज्यादा असरदार होती है। जैसे हवाई जहाज के इंजन की आवाज, ट्रेन की गड़गड़ाहट, एयर कंडीशनर या पंखे का शोर। हालांकि अचानक आने वाली आवाजें, जैसे हॉर्न या किसी का बोलना, पूरी तरह बंद नहीं होतीं।
Noise Isolation क्या करता है?
नॉइज आइसोलेशन में इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं होता। इसमें ईयरफोन के ईयर टिप्स या हेडफोन के ईयर कप कान को अच्छी तरह ढकते हैं। इससे बाहर की आवाज कान तक कम पहुंचती है।
इसका असर डिवाइस की फिटिंग पर निर्भर करता है। अगर ईयर टिप कान में सही बैठती है, तो आसपास की बातचीत और सामान्य शोर काफी हद तक कम हो सकता है। गलत फिटिंग होने पर नॉइज आइसोलेशन कमजोर हो जाता है।
दोनों में सबसे बड़ा अंतर
नॉइज कैंसलेशन बाहरी शोर को माइक्रोफोन और साउंड वेव की मदद से कम करता है। इसके लिए बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स जरूरी होते हैं। दूसरी ओर, नॉइज आइसोलेशन सिर्फ डिवाइस की बनावट और फिटिंग के जरिए आवाज रोकता है।
एएनसी वाले हेडफोन आमतौर पर महंगे होते हैं और बैटरी का इस्तेमाल करते हैं। नॉइज आइसोलेशन वाले ईयरफोन सरल होते हैं और बिना बैटरी के भी काम करते हैं।
आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर?
जो लोग रोज ट्रेन, मेट्रो या फ्लाइट में सफर करते हैं, उनके लिए नॉइज कैंसलेशन ज्यादा उपयोगी हो सकता है। यह लगातार चलने वाले बैकग्राउंड शोर को कम करके म्यूजिक और कॉल को साफ बनाता है।
घर, ऑफिस या सामान्य इस्तेमाल के लिए अच्छी फिटिंग वाला नॉइज आइसोलेशन भी काफी हो सकता है। यह कम कीमत में बाहरी आवाज घटाता है। आखिर में सही चुनाव आपके बजट, इस्तेमाल और आराम पर निर्भर करता है।