Microsoft की नई AI चिप से Nvidia को चुनौती! कम बिजली में 40% ज्यादा आउटपुट, जानें कैसे करेगी काम
AI की दुनिया में Nvidia के दबदबे को चुनौती देने के लिए Microsoft ने अपनी नई Maia 300 चिप पेश की है। कंपनी का दावा है कि यह प्रमुख GPU आधारित सिस्टम के मुकाबले समान बिजली में 40% ज्यादा AI टोकन तैयार कर सकती है। आखिर इस चिप में ऐसी क्या खासियत है, Microsoft इसे कहां इस्तेमाल करेगी और क्या इससे Nvidia पर उसकी निर्भरता कम होगी? जानिए।

In Short
- Microsoft ने 12 अक्टूबर को तीसरी पीढ़ी की Maia 300 AI एक्सेलेरेटर चिप पेश की।
- सत्य नडेला का दावा है कि Maia 300 समान बिजली में 40% ज्यादा AI टोकन तैयार कर सकती है।
- कंपनी अपनी AI चिप का इस्तेमाल बढ़ाएगी, लेकिन Nvidia और AMD के प्रोसेसर भी इस्तेमाल करती रहेगी।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में AI चिप को लेकर मुकाबला तेज होता जा रहा है। अब Microsoft ने अपनी नई Maia 300 AI चिप पेश की है, जिसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कामों को ज्यादा तेजी और कम बिजली की खपत के साथ पूरा करना है। कंपनी इस चिप के जरिए Nvidia जैसी कंपनियों के GPU पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है।
Microsoft ने 12 अक्टूबर 2026 को अपनी तीसरी पीढ़ी की Maia AI एक्सेलेरेटर चिप की घोषणा की। यह चिप खासतौर पर उन AI मॉडल को चलाने के लिए बनाई गई है, जिन्हें पहले से ट्रेन किया जा चुका है। कंपनी इसे अपने क्लाउड प्लेटफॉर्म और AI सेवाओं में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है।
कम बिजली में 40% ज्यादा AI आउटपुट का दावा
Microsoft के CEO सत्य नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि Maia 300 चिप प्रमुख GPU आधारित सिस्टम के मुकाबले समान बिजली में 40% ज्यादा AI टोकन तैयार कर सकती है। AI टोकन टेक्स्ट के छोटे हिस्से होते हैं, जिनके जरिए AI मॉडल जवाब तैयार करते हैं।
नडेला के मुताबिक, कंपनी अगले कैलेंडर वर्ष से Maia चिप का इस्तेमाल कई गीगावॉट क्षमता वाले डेटा सेंटर सिस्टम तक बढ़ाने की योजना बना रही है। Microsoft पहले से Maia 200 चिप को अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के डेटा सेंटर में लगा रही है।
Maia 300 AI चिप कैसे करती है काम?
Maia 300 को खासतौर पर AI इंफरेंस के लिए तैयार किया गया है। इंफरेंस वह प्रक्रिया है, जिसमें ट्रेनिंग पूरी कर चुका AI मॉडल यूजर के सवालों का जवाब देता है, कोड लिखता है या दूसरे काम करता है।
इस चिप में आठ HBM4 मेमोरी स्टैक दिए गए हैं, जो अधिकतम 18 TB प्रति सेकंड की मेमोरी बैंडविड्थ प्रदान करते हैं। इसका फायदा यह है कि AI मॉडल बड़ी मात्रा में डेटा को तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं।
एक रैक में लग सकेंगी 96 AI चिप
Microsoft ने Maia 300 में मल्टी-चिपलेट डिजाइन का इस्तेमाल किया है। इसके कंप्यूटिंग चिपलेट TSMC की N2P मैन्युफैक्चरिंग तकनीक पर आधारित हैं। यह डिजाइन प्रोसेसिंग, मेमोरी और डेटा ट्रांसफर से जुड़े कामों को अलग-अलग संभालने में मदद करता है।
कंपनी के मुताबिक, Maia 300 के एक रैक सिस्टम में 96 AI एक्सेलेरेटर लगाए जा सकते हैं। इस सिस्टम की बिजली क्षमता 167 किलोवॉट है और इसमें कुल 27.6 TB HBM मेमोरी मिलती है। इससे एक साथ ज्यादा AI काम पूरे किए जा सकेंगे।
क्या Nvidia पर निर्भरता खत्म हो जाएगी?
Maia 300 के जरिए Microsoft अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा नियंत्रण हासिल करना चाहती है। अपनी चिप होने से कंपनी को AI सेवाओं की लागत और बिजली की खपत बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, Microsoft फिलहाल Nvidia और AMD की चिप का इस्तेमाल बंद नहीं कर रही है। कंपनी अपने डेटा सेंटर में इन कंपनियों के प्रोसेसर भी इस्तेमाल करती रहेगी। ऐसे में Maia 300 को Nvidia के पूरी तरह विकल्प के बजाय Microsoft की अपनी AI कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।