AI से लैस हैकर्स का बड़ा साइबर हमला, एक मिनट में 2,900 बार लॉगिन की कोशिश, Microsoft ने किया खुलासा
AI की मदद से साइबर हमलों का खतरा अब और बढ़ता दिख रहा है। Microsoft ने चीन से जुड़े एक हैकिंग ग्रुप की ऐसी गतिविधियों का खुलासा किया है, जिसने कंपनियों के Cloud Systems को निशाना बनाया। आखिर हैकर्स ने किस तकनीक का इस्तेमाल किया और कंपनियों की सुरक्षा पर कितना बड़ा खतरा मंडरा रहा है?

In Short
- Microsoft ने चीन से जुड़े Storm-0940 हैकिंग ग्रुप पर AI की मदद से साइबर हमले करने का आरोप लगाया।
- हैकर्स ने एक मिनट में 2,900 तक लॉगिन प्रयास किए और 1,51,000 से ज्यादा लॉगिन कोशिशें फेल हुईं।
- - कुछ कंपनियों के Cloud Systems में शुरुआती निशाना बनाए जाने के तीन घंटे के भीतर अनधिकृत एक्सेस देखा गया।
चीन से जुड़े एक हैकिंग ग्रुप पर माइक्रोसॉफ्ट ने एआई की मदद से बड़े साइबर हमले करने का आरोप लगाया है। इस ग्रुप ने हजारों कंपनियों के क्लाउड एनवायरनमेंट में सेंध लगाने की कोशिश की। हमले में एआई टूल्स का इस्तेमाल करके तेजी से लॉगिन की कोशिशें की गईं, जिससे कंपनियों के डेटा और सिस्टम की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया। इस पूरे हमले में एआई की भूमिका और इसके काम करने के तरीके को समझना जरूरी है।
एक मिनट में 2900 लॉगिन की कोशिशें
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक स्टॉर्म-0940 नाम के इस हैकिंग ग्रुप ने 2250 से ज्यादा कंपनियों के क्लाउड एनवायरनमेंट को निशाना बनाया। हमलावरों ने कनेक्टवाइज के भरोसेमंद क्लाउड एप्लिकेशन्स का इस्तेमाल किया। इसके लिए उन्होंने आर्टेक्स नाम के ओपन-सोर्स एआई पेनिट्रेशन टेस्टिंग फ्रेमवर्क की मदद ली। यह टूल अपने एआई एजेंट्स के जरिए अपने आप लॉगिन की कोशिशें कर सकता है। हमले के दौरान एक मिनट में 2900 तक लॉगिन प्रयास किए गए, जिनमें से 1,51,000 से ज्यादा बार लॉगिन फेल हुए।
पहले ऐप्स की पहचान पर किया कब्जा
माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, स्टॉर्म-0940 ने सबसे पहले कई कनेक्टवाइज क्लाउड एप्लिकेशन्स से जुड़ी आइडेंटिटीज पर कंट्रोल हासिल किया। इसके बाद आर्टेक्स के एआई एजेंट्स ने उन ऐप्स को पहले से मिली परमिशन्स का फायदा उठाकर ग्राहकों के क्लाउड अकाउंट्स में प्रवेश करने की कोशिश की। इस तरीके से हमलावरों को हर सिस्टम में अलग से सेंध लगाने के बजाय पहले से भरोसेमंद ऐप्स के जरिए पहुंच बनाने का मौका मिला।
तीन घंटे के भीतर मिला अनधिकृत एक्सेस
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि कुछ कंपनियों के क्लाउड एनवायरनमेंट में शुरुआती निशाना बनाए जाने के तीन घंटे के भीतर ही बिना अनुमति के एक्सेस देखा गया। कुछ मामलों में हमलावरों ने सिस्टम में अपनी पहुंच बनाए रखने के लिए नए एप्लिकेशन क्रेडेंशियल्स जोड़े और एडमिन परमिशन्स बदलने की कोशिश की। एक मामले में एक एप्लिकेशन ने खुद को ग्लोबल एडमिनिस्ट्रेटर का रोल देने की कोशिश की। इस रोल के जरिए माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड एनवायरनमेंट पर बड़े स्तर का प्रशासनिक कंट्रोल मिल सकता है।
सितंबर से चल रहा था साइबर हमला
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, यह अभियान सितंबर 2026 के आसपास शुरू हुआ था। इस दौरान स्टॉर्म-0940 ने दुनिया भर में सैकड़ों संगठनों को निशाना बनाकर अपने आप साइबर हमले किए। कनेक्टवाइज ने भी 16 अक्टूबर को जारी अपनी एडवाइजरी में क्लाउड बैकअप एनवायरनमेंट में बिना अनुमति के एक्सेस की कोशिशों की जानकारी दी थी।
कंपनियों को माइक्रोसॉफ्ट की सलाह
माइक्रोसॉफ्ट ने कंपनियों को संदिग्ध ऐप साइन-इन्स की जांच करने, क्रेडेंशियल्स में अनजान बदलावों पर नजर रखने और एडमिन परमिशन्स की समीक्षा करने की सलाह दी है। कंपनियों को बिना अनुमति के एक्सेस रोकने के लिए कनेक्टवाइज की कंटेनमेंट गाइडलाइन्स का पालन करने को भी कहा गया है। यह मामला दिखाता है कि एआई की मदद से साइबर हमलों की रफ्तार और दायरा बढ़ सकता है, जिससे कंपनियों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और हमले रोकने के लिए कम समय मिलता है।