Microsoft India में सैलरी हाइक से नाराज कर्मचारी! अब नौकरी छोड़ने पर कंपनी दे रही पैसों का ऑफर
Microsoft India के कर्मचारियों के लिए इस साल सैलरी हाइक के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक सर्वे में ज्यादातर कर्मचारियों ने अपनी बढ़ी हुई सैलरी को लेकर नाराजगी जताई है। इसी बीच कंपनी नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक मदद का ऑफर दे रही है। जानिए पूरा मामला और इसकी शर्तें।

In Short
- Microsoft India के 91% कर्मचारियों को 2026 में 5% या उससे कम सैलरी हाइक मिला।
- सर्वे के मुताबिक, 86% कर्मचारी सैलरी इंक्रीमेंट से नाखुश हैं।
- Microsoft ने योग्य कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है।
दिग्गज टेक कंपनी Microsoft के भारत में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए इस साल सैलरी बढ़ोतरी के आंकड़े निराश करने वाले रहे हैं। वर्कप्लेस नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Blind के एक सर्वे के मुताबिक, 2026 में Microsoft India के 91 फीसदी कर्मचारियों को 5 फीसदी या उससे कम सैलरी हाइक मिला है। यह आंकड़ा ऐसे समय सामने आया है, जब कंपनी अपने कुछ कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प भी दे रही है।
सैलरी हाइक से खुश नहीं हैं कर्मचारी
Blind के सर्वे में भारत के 2,178 प्रोफेशनल्स को शामिल किया गया था। इसके मुताबिक, Microsoft के 91 फीसदी कर्मचारियों को इस साल 5 फीसदी या उससे कम इंक्रीमेंट मिला, जबकि 2025 में यह आंकड़ा सिर्फ 45 फीसदी था।
वहीं, 10 फीसदी से ज्यादा सैलरी हाइक पाने वाले कर्मचारियों की हिस्सेदारी पिछले साल के 27 फीसदी से घटकर सिर्फ 5 फीसदी रह गई है।
सर्वे में Microsoft के करीब 86 फीसदी कर्मचारियों ने अपने सैलरी इंक्रीमेंट पर नाराजगी जताई। कर्मचारियों की असंतुष्टि के मामले में कंपनी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले नियोक्ताओं में शामिल रही। इस मामले में सिर्फ Zoho उससे आगे रही।
नौकरी छोड़ने पर कितना पैसा दे रही Microsoft?
Microsoft ने हाल ही में Voluntary Exit Offer की घोषणा की है। इस योजना के तहत योग्य कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ सकते हैं और बदले में उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी।
कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर Amy Coleman ने 26 अक्टूबर को इस प्रोग्राम की घोषणा की थी। यह भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा की चुनिंदा टीमों में लेवल 70 और उससे नीचे के योग्य कर्मचारियों के लिए है।
दुनियाभर में करीब 60,000 कर्मचारी इस ऑफर के योग्य हैं। भारत में कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक फैसला लेना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को हर पूरे साल की सर्विस के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर बदलने में सहायता मिलेगी।
क्या कम इंक्रीमेंट के कारण कर्मचारी छोड़ेंगे नौकरी?
कम सैलरी हाइक और कंपनी के एग्जिट ऑफर के एक साथ आने से सवाल उठ रहा है कि क्या ज्यादा कर्मचारी नौकरी छोड़ने का फैसला करेंगे।
हालांकि, Microsoft ने दोनों फैसलों के बीच कोई संबंध नहीं बताया है। कंपनी ने यह भी नहीं बताया कि भारत में कितने कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार कर सकते हैं।
AI पर भारी निवेश के बीच क्या बदल रही हैं प्राथमिकताएं?
Microsoft आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ा निवेश कर रही है। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 92.3 अरब डॉलर और नेट प्रॉफिट 32 फीसदी बढ़कर 36.6 अरब डॉलर पहुंच गया।
Blind के सर्वे में 41 फीसदी भारतीय टेक प्रोफेशनल्स ने अपने इंक्रीमेंट के पीछे कंपनी की वित्तीय स्थिति या खर्च कटौती को वजह बताया। वहीं, 18 फीसदी ने AI और ऑटोमेशन से जुड़ी बदलती प्राथमिकताओं को जिम्मेदार माना।
अब कर्मचारियों के सामने सवाल है कि वे Microsoft में भविष्य की संभावनाओं को चुनेंगे या एग्जिट पैकेज लेकर दूसरी नौकरी तलाशेंगे।