बिना इजाजत रिकॉर्डिंग पर Meta सख्त, AI ग्लास में बदला सिस्टम, लाइट ढकते ही कैमरा होगा बंद
Meta के AI स्मार्ट ग्लास को लेकर प्राइवेसी से जुड़े सवालों के बीच कंपनी ने एक नया बदलाव किया है. रिकॉर्डिंग फीचर में आई एक खामी को ठीक करने की तैयारी हो रही है. आखिर क्या थी यह समस्या और क्यों बढ़ रही थी लोगों की चिंता, जानिए पूरी खबर में.

Meta अपने AI स्मार्ट ग्लास में एक बड़ा अपडेट जारी कर रहा है. यह बदलाव उस रिकॉर्डिंग खामी को दूर करने के लिए किया जा रहा है जिसकी वजह से कुछ यूजर्स बिना लोगों की जानकारी या सहमति के वीडियो रिकॉर्ड कर पा रहे थे. कंपनी ने कहा है कि नया अपडेट रिकॉर्डिंग के दौरान जलने वाली कैप्चर LED को ज्यादा भरोसेमंद बनाएगा.
Meta AR के वाइस प्रेसिडेंट एलेक्स हिमेल ने Threads पर इस अपडेट की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी लगातार ऐसे बदलाव कर रही है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जब भी फोटो या वीडियो रिकॉर्ड किया जाए तो लोगों को इसकी जानकारी मिल सके.
LED लाइट को लेकर थी समस्या
Meta के AI स्मार्ट ग्लास में एक सफेद कैप्चर लाइट दी गई है, जो यूजर के फोटो लेने या वीडियो रिकॉर्ड करने पर ब्लिंक करती है. इसका उद्देश्य आसपास मौजूद लोगों को यह बताना है कि कैमरा चालू है.
कंपनी के अनुसार, रिकॉर्डिंग के समय अगर इस लाइट को कवर किया जाता है तो कैमरा काम करना बंद कर देना चाहिए. लेकिन कुछ यूजर्स इस सुरक्षा फीचर को बायपास करने में सफल रहे थे. वे पहले रिकॉर्डिंग शुरू कर देते थे और उसके बाद सेंसर को ढक देते थे, जिससे रिकॉर्डिंग जारी रहती थी.
नए अपडेट का उद्देश्य इसी कमी को खत्म करना है ताकि कैप्चर LED सही तरीके से काम करे और रिकॉर्डिंग के दौरान लोगों को संकेत मिल सके.
प्राइवेसी और सेफ्टी को लेकर बढ़ी चिंता
Meta के AI स्मार्ट ग्लास को लेकर प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़े सवाल लगातार बढ़ रहे हैं. कई लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें बिना जानकारी दिए रिकॉर्ड किया गया और बाद में वह कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया.
इन ग्लास के गलत इस्तेमाल को लेकर कई तरह की चिंताएं सामने आई हैं. इनमें बच्चों की निगरानी, मेडिकल अपॉइंटमेंट की रिकॉर्डिंग, हाई सिक्योरिटी जगहों पर वीडियो बनाना और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी रिकॉर्ड करना शामिल है.
सोशल मीडिया पर अब भी मिल रहे हैं ऐसे वीडियो
Instagram के प्रमुख एडम मोसेरी ने यूजर्स को ऐसे कंटेंट पोस्ट करने से बचने की सलाह दी है. हालांकि, ऐसे मामलों में कार्रवाई काफी हद तक यूजर्स की जिम्मेदारी और स्थानीय नियमों पर निर्भर रही है.
Meta ने यूजर्स से जिम्मेदार व्यवहार करने की अपील करते हुए कहा है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी चीज को फोन से रिकॉर्ड नहीं करेगा तो उसे स्मार्ट ग्लास से भी रिकॉर्ड नहीं करना चाहिए.
इसके बावजूद Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना सहमति से बनाए गए रिकॉर्डिंग वीडियो अभी भी देखे जा सकते हैं. इनमें रिटेल कर्मचारियों और परिवारों से जुड़े प्रैंक वीडियो के अलावा ऐसे मामले भी शामिल हैं जिन्हें फ्लर्टिंग के नाम पर यौन उत्पीड़न जैसा बताया गया है.
Meta का नया सॉफ्टवेयर अपडेट रिकॉर्डिंग सुरक्षा में मौजूद एक कमी को दूर करने की कोशिश है, लेकिन AI स्मार्ट ग्लास को लेकर प्राइवेसी और यूजर सेफ्टी की बहस अभी भी जारी है.