इंस्टाग्राम की डिजाइन पर अमेरिका में क्यों मचा बवाल? टीनएजर्स की लत के आरोपों से बढ़ीं मेटा की मुश्किलें
यह मामला सिर्फ Instagram के ज्यादा इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि क्या इसके कुछ फीचर्स किशोरों को जानबूझकर बार-बार ऐप खोलने के लिए बनाए गए थे। अब कोर्ट में Meta की डिजाइन, उसकी इंटरनल रिसर्च और बच्चों की मेंटल हेल्थ से जुड़े कई बड़े दावों की जांच होगी।

In Short
- Tennessee में Meta के खिलाफ सात हफ्ते का ट्रायल शुरू होगा, जिसमें Instagram की डिजाइन को किशोरों की लत और मेंटल हेल्थ पर असर से जोड़ा गया है।
- राज्य का आरोप है कि Meta को अपनी इंटरनल रिसर्च से नुकसान की जानकारी थी, फिर भी Reels, ऑटोप्ले और नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स में जरूरी बदलाव नहीं किए गए।
- Tennessee Meta पर जुर्माना और Instagram के फीचर्स में बदलाव का कोर्ट ऑर्डर चाहता है; कानून के तहत हर उल्लंघन पर 1,000 डॉलर तक फाइन लग सकता है।
Instagram: सोशल मीडिया आज टीनएजर्स की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। वे यहां दोस्तों से जुड़ते हैं, वीडियो देखते हैं और अपना काफी समय बिताते हैं। लेकिन अब सवाल सिर्फ स्क्रीन टाइम का नहीं है, बल्कि यह भी है कि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल उनकी मेंटल हेल्थ पर कैसा असर डाल रहा है।
यह भी है कि ऐप्स की बनावट यूजर्स के व्यवहार को किस तरह बदलती है। इसी मुद्दे को लेकर अमेरिका में Meta के खिलाफ बड़ा कानूनी मामला शुरू होने जा रहा है। रॉयटर्स के रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के टेनेसी राज्य में मेटा प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ बीते सोमवार से ज्यूरी चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह ट्रायल करीब सात हफ्ते तक चल सकता है।
राज्य का आरोप है कि इंस्टाग्राम की डिजाइन टीनएजर्स को बार-बार ऐप खोलने और जरूरत से ज्यादा समय बिताने के लिए उकसाती है। टेनेसी के अटॉर्नी जनरल जोनाथन स्क्रेमेटी के ऑफिस ने यह केस दायर किया है।
राज्य का कहना है कि मेटा ने टेनेसी के कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ को तोड़ा और लोगों को इंस्टाग्राम के इस्तेमाल से जुड़े खतरे के बारे में पूरी और सही जानकारी नहीं दी।
अपनी रिसर्च जानने के बाद भी फीचर्स नहीं बदलने का आरोप
मुकदमे में कहा गया है कि मेटा के पास ऐसी इंटरनल रिसर्च थी, जिसमें इंस्टाग्राम के इस्तेमाल से किशोरों पर पड़ने वाले नेगेटिव असर की जानकारी दी गई थी। इसके बाद भी कंपनी ने उन फीचर्स को चलने दिया, जिन्हें नुकसान पहुंचाने वाला बताया जा रहा था। आरोप है कि यूजर्स को इनसे जुड़े रिस्क के बारे में भी साफ तौर पर नहीं बताया गया।
टेनेसी राज्य ने यह भी दावा किया है कि मेटा के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग को कंपनी के कई कर्मचारियों ने किशोरों पर पड़ रहे असर को लेकर बार-बार अलर्ट किया था। इसके बाद भी नुकसान कम करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए और इसके लिए पर्याप्त फंड भी नहीं दिया गया। अब सवाल है कि इंस्टाग्राम के किन फीचर्स को इस मामले में जिम्मेदार बताया गया है?
Reels और नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स पर सवाल
इस केस में इंस्टाग्राम के ऑटोप्ले, रील्स वीडियो, बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन और कुछ समय बाद गायब हो जाने वाले कंटेंट जैसे फीचर्स की जांच होगी। टेनेसी का कहना है कि इन फीचर्स की डिजाइन ऐसी है, जो यूजर्स को बार-बार ऐप खोलने और उस पर ज्यादा समय बिताने के लिए खींचती है।
राज्य चाहता है कि मेटा पर फाइन लगाया जाए और कोर्ट कंपनी को इंस्टाग्राम के उन फीचर्स में बदलाव करने का ऑर्डर दे, जिन्हें किशोरों की मेंटल हेल्थ के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है। टेनेसी के कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ के तहत हर नियम तोड़ने पर 1,000 डॉलर तक का फाइन लगाया जा सकता है। लेकिन मेटा ने इन आरोपों के जवाब में क्या कहा है?
Meta ने आरोपों से किया इनकार
मेटा का कहना है कि वह करीब एक दशक से किशोरों के लिए उम्र के हिसाब से सेफ डिफॉल्ट सेटिंग्स और पैरेंटल कंट्रोल बना रही है। कंपनी के मुताबिक, इन टूल्स की मदद से माता-पिता बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सही लिमिट तय कर सकते हैं।
कंपनी ने यह भी कहा है कि नुकसान से जुड़े ज्यादातर आरोप इंस्टाग्राम पर यूजर्स की ओर से पोस्ट किए गए कंटेंट पर आधारित हैं। मेटा ने दलील दी है कि अमेरिका का फेडरल लॉ सेक्शन 230 उसे दूसरे यूजर्स की ओर से पोस्ट किए गए कंटेंट की जिम्मेदारी से बचाता है। हालांकि, इससे पहले एक दूसरे अमेरिकी राज्य में मेटा को बड़ा झटका लग चुका है।
पहले New Mexico में लगा था 375 मिलियन डॉलर का झटका
टेनेसी का ट्रायल किसी अमेरिकी राज्य की ओर से मेटा के खिलाफ चलाया जाने वाला दूसरा बड़ा केस है। इससे पहले न्यू मैक्सिको में ज्यूरी ने माना था कि मेटा ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के इस्तेमाल से जुड़े खतरे के बारे में लोगों को सही जानकारी नहीं दी।
उस मामले में ज्यूरी ने न्यू मैक्सिको राज्य को 375 मिलियन डॉलर का डैमेज देने का फैसला सुनाया था। कोर्ट अब यह भी देख रही है कि क्या मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स में बदलाव करने और नुकसान की भरपाई के लिए ज्यादा रकम देने का ऑर्डर दिया जाना चाहिए।
मेटा के खिलाफ अमेरिका में इसी तरह के हजारों केस चल रहे हैं। बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर लगभग हर अमेरिकी राज्य ने कंपनी पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में टेनेसी केस का फैसला बाकी मामलों पर भी असर डाल सकता है।