'AI करेगा आपके रोज के काम'... मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बताया भविष्य का बड़ा बदलाव

AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहने वाला है। Meta CEO मार्क जुकरबर्ग ने बताया है कि आने वाले समय में AI एजेंट लोगों के लिए खुद काम कर सकते हैं। आखिर ये टेक्नोलॉजी कैसे बदलेगी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी और Meta क्यों कर रहा है इतना बड़ा निवेश, जानिए पूरी कहानी।

Advertisement

In Short

  • मार्क जुकरबर्ग का दावा, अगले 5 साल में अरबों लोगों के पास ऐसे AI एजेंट हो सकते हैं, जो उनके लिए 24/7 काम करेंगे।
  • AI पर बढ़ते खर्च से Meta का फ्री कैश फ्लो 91% गिरा, फिर भी कंपनी ने 2026 के कैपिटल एक्सपेंडिचर अनुमान को बढ़ाकर 130 बिलियन डॉलर कर दिया।
  • WhatsApp और Instagram में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल, क्योंकि Meta लोगों के रोजमर्रा के कामों में AI एजेंट की भूमिका बढ़ाना चाहती है।

By Gaurav Kumar:

आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के लिए खुद काम करने वाले पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम कर सकता है।

मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग का कहना है कि अगले कुछ सालों में अरबों लोग ऐसे AI एजेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो उनके लक्ष्य समझकर लगातार उनके लिए काम करेंगे।

5 साल में हर व्यक्ति के पास हो सकता है AI एजेंट

मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक AI एजेंट सामान्य चैटबॉट से अलग होंगे। ये सिर्फ बातचीत नहीं करेंगे, बल्कि यूजर की जरूरतों को समझकर खुद से काम कर सकेंगे। ये बैकग्राउंड में भी काम करते रहेंगे, भले ही यूजर उस समय उनसे जुड़ा न हो।

जुकरबर्ग ने कहा कि अगले पांच सालों में यह बहुत मुश्किल है कि दुनिया में अरबों लोगों के पास ऐसा पर्सनल एजेंट न हो, जो उनके लक्ष्यों को समझे और 24 घंटे उनके लिए काम करे। मेटा अब इसी टेक्नोलॉजी को अपने भविष्य के प्रोडक्ट और कमाई के बड़े हिस्से के रूप में देख रही है।

AI पर भारी खर्च से मेटा के कैश फ्लो पर असर

मेटा लगातार AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश कर रही है। कंपनी की दूसरी तिमाही की अर्निंग रिपोर्ट के अनुसार, AI पर बढ़ते खर्च की वजह से फ्री कैश फ्लो 91% गिरकर 784 मिलियन डॉलर रह गया। एक साल पहले यह 8.55 बिलियन डॉलर था।

यह 2022 के बाद मेटा का सबसे कम फ्री कैश फ्लो रहा। कंपनी ने 2026 के कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी बड़े निवेश के अनुमान को भी बढ़ाकर 130 बिलियन डॉलर कर दिया है, जो पहले 125 बिलियन डॉलर था। रिपोर्ट के बाद मेटा के शेयरों में करीब 10% की गिरावट भी देखी गई।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की तैयारी में मेटा

मेटा AI मॉडल चलाने के लिए अपनी कंप्यूटिंग क्षमता तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य इस साल कंप्यूटिंग पावर को 7 गीगावाट और अगले साल 14 गीगावाट तक पहुंचाने का है।

मेटा के पास 32 डेटा सेंटर हैं, जो या तो काम कर रहे हैं या बनाए जा रहे हैं। कंपनी ने म्यूज AI मॉडल फैमिली भी लॉन्च की है, जिसमें म्यूज स्पार्क 1.1 और म्यूज इमेज जैसे मॉडल शामिल हैं। इन्हें मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स ने एक साल से भी कम समय में तैयार किया है।

व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम में दिखेगा AI का ज्यादा इस्तेमाल

जुकरबर्ग का कहना है कि जब लोग कई AI एजेंट का इस्तेमाल शुरू करेंगे, तब मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की भूमिका और बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप अभी मेटा AI का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है।

कंपनी इंस्टाग्राम में भी AI से जुड़े नए फीचर्स लाने की तैयारी कर रही है। मेटा का मानना है कि आने वाले समय में लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए AI एजेंट पर ज्यादा निर्भर हो सकते हैं।

रियलिटी लैब्स को भी उठाना पड़ रहा है बड़ा नुकसान

AI के अलावा मेटा अपनी रियलिटी लैब्स यूनिट पर भी बड़ा खर्च कर रही है। इस यूनिट को दूसरी तिमाही में करीब 4.6 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

2021 से अब तक रियलिटी लैब्स का ऑपरेटिंग लॉस 80 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुका है। इसके अलावा मेटा ने मई में करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद सेवरेंस खर्च भी उठाया है। इसके बावजूद कंपनी AI में निवेश बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

Read more!
Advertisement