मेटा के अपराध, जुकरबर्ग की माफी...20 साल में 8 बार माफी मांग चुके हैं Mark Zuckerberg, जानिए कौन-कौन से थे कारण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटने के बाद मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से लिखित माफी मांगी है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है। पिछले दो दशकों में प्राइवेसी, डेटा लीक, बच्चों की सुरक्षा और कंटेंट मॉडरेशन जैसे कई बड़े विवादों पर भी उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी है।

Mark Zuckerberg apology: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग ने भारत सरकार से लिखित रूप में माफी मांगी है।
इसके अलावा मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और डीपफेक कंटेंट की निगरानी में हुई गंभीर चूक को भी स्वीकार किया है। कंपनी ने इस लापरवाही के लिए भी सरकार से माफी मांगी है।
आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे इससे पहले आखिर कब-कब मार्क जकरबर्ग या उनकी कंपनी मेटा ने पब्लिकली माफी मांगी है।
1) 2026: भारत सरकार से लिखित माफी
अगस्त 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में मेटा ने भारत सरकार से लिखित रूप में माफी मांगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने माना कि कंटेंट मॉडरेशन के दौरान यह गलती हुई। इसके अलावा मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म पर Child Sexual Abuse Material (CSAM), डीपफेक और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट की निगरानी में हुई कमियों को भी स्वीकार किया। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।
2) 2024: बच्चों की सुरक्षा को लेकर पीड़ित परिवारों से माफी
जनवरी 2024 में अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर मेटा से कड़े सवाल पूछे गए। सुनवाई के दौरान मौजूद पीड़ित परिवारों की ओर देखते हुए मार्क जुकरबर्ग खड़े हुए और कहा कि उन्हें उन परिवारों की पीड़ा का गहरा अफसोस है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मेटा बच्चों की सुरक्षा के लिए नए टूल्स, बेहतर कंटेंट मॉडरेशन और सख्त सुरक्षा उपायों पर लगातार काम कर रही है।
3) 2018: Cambridge Analytica डेटा स्कैंडल पर माफी
2018 में फेसबुक का सबसे बड़ा डेटा लीक विवाद सामने आया, जिसमें करीब 8.7 करोड़ यूजर्स का डेटा राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म Cambridge Analytica तक पहुंचने का आरोप लगा। विवाद के बाद मार्क जुकरबर्ग ने अखबारों में फुल-पेज माफीनामा प्रकाशित कराया, कई इंटरव्यू में गलती स्वीकार की और अमेरिकी कांग्रेस में कहा, "It was my mistake, and I'm sorry." इसके बाद कंपनी ने यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए कई बड़े बदलाव किए।
4) 2017: Puerto Rico VR Tour पर माफी
सितंबर 2017 में हरिकेन मारिया से तबाह Puerto Rico की स्थिति दिखाने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक की वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक का डेमो दिया। इस दौरान उनका मुस्कुराता हुआ वर्चुअल अवतार तबाही के बीच दिखाई दिया, जिसे लोगों ने असंवेदनशील बताया। आलोचना बढ़ने पर जुकरबर्ग ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों तक वहां की स्थिति पहुंचाना था, लेकिन अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।
5) 2011: FTC प्राइवेसी केस के बाद गलती मानी
2011 में अमेरिकी Federal Trade Commission (FTC) ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि कंपनी ने यूजर्स को उनकी निजी जानकारी साझा करने के तरीके को लेकर गुमराह किया। मामले के समझौते के तहत फेसबुक को नियमित प्राइवेसी ऑडिट और कड़े नियम मानने पड़े। इसके बाद कंपनी ने अपनी प्राइवेसी नीतियों में सुधार का वादा किया और यूजर्स को बेहतर नियंत्रण देने की बात स्वीकार की।
6) 2010: प्राइवेसी विवाद और लीक हुए प्राइवेट मैसेज पर खेद
2010 में फेसबुक की प्राइवेसी सेटिंग्स को लेकर भारी विवाद हुआ। यूजर्स का कहना था कि उनकी निजी जानकारी जरूरत से ज्यादा सार्वजनिक हो रही है और प्राइवेसी कंट्रोल समझना मुश्किल है। इस पर मार्क जुकरबर्ग ने माना कि कंपनी इस मामले में "चूक गई" (We just missed the mark) और आसान प्राइवेसी सेटिंग्स देने का वादा किया। इसी दौरान उनके कुछ पुराने निजी संदेश भी लीक हुए, जिन पर विवाद होने के बाद उन्होंने यूजर्स का भरोसा बनाए रखने की बात कही।
7) 2007: Beacon ट्रैकिंग प्रोग्राम पर माफी
2007 में फेसबुक ने Beacon नाम का विज्ञापन सिस्टम शुरू किया था। यह फीचर यूजर्स की दूसरी वेबसाइटों पर की गई खरीदारी और ऑनलाइन गतिविधियों को उनकी स्पष्ट अनुमति के बिना फेसबुक पर शेयर कर देता था। इसको लेकर भारी विरोध हुआ। विवाद बढ़ने पर मार्क जुकरबर्ग ने माना कि कंपनी से गलती हुई है, यूजर्स से माफी मांगी और बाद में Beacon फीचर को पूरी तरह बंद कर दिया।
8) 2006: News Feed लॉन्च के बाद माफी
2006 में फेसबुक ने पहली बार News Feed फीचर लॉन्च किया। इसके जरिए यूजर्स की गतिविधियां अपने-आप उनके दोस्तों की फीड में दिखने लगीं। लाखों यूजर्स ने इसे प्राइवेसी का उल्लंघन बताया और विरोध शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर मार्क जुकरबर्ग ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और माना कि फेसबुक लोगों की चिंताओं को सही तरीके से समझ नहीं पाया। इसके बाद कंपनी ने नए प्राइवेसी कंट्रोल्स जोड़े।
फेसबुक शुरू करने से पहले Facemash वेबसाइट के लिए भी मार्क जकरबर्ग ने मांगी थी माफी
फेसबुक शुरू करने से पहले साल 2003 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान मार्क जुकरबर्ग ने Facemash नाम की वेबसाइट बनाई थी। इस वेबसाइट पर छात्रों की तस्वीरों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया था, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने वेबसाइट बंद कर दी। इस घटना के बाद जुकरबर्ग ने अपनी गलती स्वीकार की और माना कि बिना अनुमति लोगों का डेटा और तस्वीरें इस्तेमाल करना गलत था। यही घटना आगे चलकर प्राइवेसी को लेकर उनके लिए पहली बड़ी सीख साबित हुई।