LinkedIn का बड़ा फैसला: फ्री स्पीच नहीं; प्रोफेशनल पहचान और भरोसा बनाए रखना है कंपनी की प्राथमिकता!

लिंक्डइन पर अब सिर्फ नौकरी और नेटवर्किंग ही नहीं बल्कि राय और विचार साझा करने का चलन भी बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी ने कंटेंट को लेकर अपना रुख साफ किया है। आखिर क्यों लिंक्डइन ने फ्री स्पीच से अलग अपनी पहचान बताई और यूजर्स के लिए क्या संकेत दिए हैं पढ़ें पूरी कहानी।

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By Gaurav Kumar:

भारत में लिंक्डइन का इस्तेमाल अब सिर्फ नौकरी खोजने और प्रोफेशनल नेटवर्किंग तक सीमित नहीं रह गया है। अब लोग इस प्लेटफॉर्म पर अपनी राय रखने अपनी पहचान बनाने और पब्लिक इमेज मजबूत करने के लिए भी एक्टिव हैं। ऐसे में कंटेंट मॉडरेशन को लेकर लिंक्डइन ने अपना रुख साफ कर दिया है।

लिंक्डइन इंडिया के कंट्री हेड कुमारेश पट्टाबिरामन ने कहा कि प्लेटफॉर्म का फोकस भरोसा बनाए रखना है और प्रोफेशनल पहचान को सुरक्षित रखने के लिए कंटेंट मॉडरेशन जरूरी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि लिंक्डइन कोई फ्री स्पीच प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि आर्थिक अवसर का प्लेटफॉर्म है जहां बातचीत प्रोफेशनल सीमाओं में रहनी चाहिए।

लिंक्डइन पर नहीं चलेगा कुछ भी पोस्ट करना

कुमारेश ने बताया कि लिंक्डइन पर पोस्ट की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और रिपोर्ट किए गए मामलों में ह्यूमन रिव्यू दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यूजर्स के पोस्ट कम्युनिटी गाइडलाइंस के हिसाब से हों।

उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म पर अच्छे और बड़े मुद्दों पर चर्चा की पूरी जगह है लेकिन बातचीत का तरीका सम्मानजनक होना चाहिए। यानी किसी मुद्दे पर राय रखी जा सकती है लेकिन ऐसा कंटेंट जो गलत जानकारी फैलाए या किसी की छवि खराब करे उस पर कार्रवाई की जा सकती है।

प्रोफेशनल नेटवर्क से बदल रहा लिंक्डइन का रोल

भारत में लिंक्डइन की भूमिका तेजी से बदल रही है। अब प्रोफेशनल्स फाउंडर्स और क्रिएटर्स सीधे बड़े लोगों तक पहुंचने के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले जो चर्चाएं दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होती थीं अब उनका हिस्सा लिंक्डइन पर भी दिखाई दे रहा है।

इस बदलाव से लिंक्डइन को फायदा भी मिल रहा है क्योंकि भारत के व्हाइट कॉलर वर्कफोर्स और बिजनेस कम्युनिटी के बीच इसकी पहुंच बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ कंटेंट मॉडरेशन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।

लिंक्डइन ने बताई अपनी सीमा

कुमारेश ने कहा कि अगर किसी यूजर को कोई पोस्ट गलत लगती है तो वह प्लेटफॉर्म के रिपोर्ट फीचर के जरिए इसकी जानकारी दे सकता है। इसके बाद लिंक्डइन अपनी पॉलिसी के आधार पर फैसला करता है कि पोस्ट नियमों के खिलाफ है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक अवसर और दुनिया के बड़े मुद्दों पर चर्चा लिंक्डइन का हिस्सा है। खासतौर पर एआई जैसे बदलावों पर बातचीत जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर वर्कफोर्स और इकोनॉमी पर पड़ रहा है।

सोशल मीडिया के बदलते दौर में लिंक्डइन की रणनीति

भारत में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। नई पीढ़ी और प्रोफेशनल्स अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हैं। इससे पर्सनल एक्सप्रेशन और प्रोफेशनल ब्रांडिंग के बीच की सीमा भी कम हो रही है।

लिंक्डइन अब इस बढ़ती भागीदारी को बनाए रखना चाहता है लेकिन प्लेटफॉर्म को दूसरे सोशल मीडिया की तरह विवादों वाली जगह नहीं बनने देना चाहता। कंपनी का कहना है कि लिंक्डइन की पहचान जॉब्स नेटवर्किंग मेंटरशिप बिजनेस डील और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी कम्युनिटी के रूप में बनी रहनी चाहिए।

भारत के प्रोफेशनल्स के लिए क्यों अहम है लिंक्डइन का फैसला

लिंक्डइन का यह रुख भारत के प्रोफेशनल्स के लिए अहम है क्योंकि अब यह प्लेटफॉर्म करियर ग्रोथ के साथ-साथ पहचान और प्रतिष्ठा बनाने का बड़ा माध्यम बन चुका है। कंपनी संकेत दे रही है कि ज्यादा पहुंच के साथ यूजर्स को प्रोफेशनल व्यवहार के नियमों का भी ध्यान रखना होगा।

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