Kerala Anti Ragging App: केरल सरकार ने लॉन्च किया एंटी रैगिंग ऐप, छात्र गोपनीय तरीके से कर सकेंगे शिकायत
केरल सरकार ने कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा के लिए एक खास ऐप लॉन्च किया है। इसके जरिए छात्र अपनी परेशानियों की शिकायत गोपनीय तरीके से कर सकेंगे। इस पहल के पीछे एक छात्र की दर्दनाक कहानी जुड़ी है। जानिए ऐप कैसे काम करेगा और सरकार आगे क्या कदम उठाने वाली है।

In Short
- केरल सरकार ने छात्रों की सुरक्षा के लिए सिद्धार्थ स्टूडेंट वेलफेयर ऐप लॉन्च किया है।
- छात्र रैगिंग समेत दूसरी परेशानियों की शिकायत गोपनीय तरीके से कर सकेंगे।
- सरकार पहले ऐप का ट्रायल करेगी और फिर इसे राज्य के कॉलेजों में लागू करने की योजना है।
केरल सरकार ने कॉलेजों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक नई पहल की है। सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 'सिद्धार्थ स्टूडेंट वेलफेयर ऐप' (Siddharth Student Welfare App) लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए छात्र रैगिंग समेत अपनी दूसरी परेशानियों की शिकायत गोपनीय तरीके से कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर मदद भी मांग सकेंगे। ऐप को तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट विमेंस कॉलेज में मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने लॉन्च किया।
किसके नाम पर रखा गया ऐप का नाम?
इस ऐप का नाम जे.एस. सिद्धार्थन के नाम पर रखा गया है। सिद्धार्थन की साल 2024 में वायनाड के कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज में कथित रैगिंग के बाद आत्महत्या से मौत हो गई थी। इस घटना ने उस समय कॉलेजों में रैगिंग को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी थी।
इसी घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह ऐप तैयार किया है, ताकि छात्रों को अपनी परेशानी बताने और मदद मांगने के लिए एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म मिल सके।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
ऐप लॉन्च करने के दौरान मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि केरल में किसी और मां को अपने बच्चे के लिए आंसू न बहाने पड़ें और किसी दूसरे छात्र को सिद्धार्थन जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि इस ऐप को बनाने का विचार सिद्धार्थन की मां की बातों से आया था। सिद्धार्थन की मां ने कहा था कि जिस दर्द से उनका परिवार गुजरा है, वैसा किसी दूसरे परिवार के साथ नहीं होना चाहिए।
पहले ट्रायल के तौर पर शुरू होगा ऐप
उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने कहा कि सरकार और उच्च शिक्षा विभाग की कोशिश है कि राज्य में सिद्धार्थन जैसी घटना दोबारा न हो।
उन्होंने कहा कि कॉलेज कैंपस हिंसा, हंगामे या लड़ाई की जगह नहीं होने चाहिए। कैंपस में अच्छी पढ़ाई, विचारों पर चर्चा और बेहतर शैक्षणिक माहौल होना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों को केरल के किसी भी कॉलेज में भेजते समय उनकी सुरक्षा को लेकर भरोसा होना चाहिए। इसी मकसद से यह ऐप बनाया गया है।
सरकार पहले इस ऐप को कुछ जगहों पर ट्रायल के तौर पर शुरू करेगी। इसके बाद इसे राज्य के दूसरे कॉलेज कैंपस में भी लागू किया जाएगा।
एंटी रैगिंग कानून लाने की भी तैयारी
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार विधानसभा में सिद्धार्थन एंटी रैगिंग एक्ट लाने और उसे पास कराने की भी योजना बना रही है।
इसी कार्यक्रम में युवाओं के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में 300 साइंस सेंटर स्थापित करने की परियोजना भी शुरू की गई।