एप्पल, सैमसंग से लेकर शाओमी तक...मोबाइल कंपनियों की बढ़ी मुश्किलें, त्योहारी सीजन में भी बिक्री धड़ाम
त्योहारी सीजन में स्मार्टफोन खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए एक अहम खबर है। भारत में लगातार तीसरी तिमाही स्मार्टफोन शिपमेंट में गिरावट आई है और जुलाई-सितंबर में यह 20% तक लुढ़क गई। महंगे मोबाइल, बढ़ती चिप कीमतें और AI की बढ़ती मांग ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। आखिर इसके पीछे क्या वजहें हैं?

त्योहारी सीजन में जहां बाजारों में खरीदारी का जोर है, वहीं देश की स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मोबाइल फोन की बिक्री में ऐसी गिरावट आई है, जिसने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में लगातार तीन तिमाहियों से स्मार्टफोन की शिपमेंट घट रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि हर तिमाही के साथ गिरावट और तेज होती जा रही है।
साल की पहली तिमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट में पिछले साल के मुकाबले 6 फीसदी की गिरावट आई थी। अप्रैल से जून के बीच यह गिरावट बढ़कर 11 फीसदी हो गई। यह 2013 के बाद की सबसे कमजोर दूसरी तिमाही रही। अब जुलाई से सितंबर के बीच शिपमेंट में 20 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
महंगे मोबाइल ने बिगाड़ा ग्राहकों का बजट
स्मार्टफोन बाजार की इस हालत के पीछे सबसे बड़ी वजह कीमतों में लगातार बढ़ोतरी है। एप्पल ने जून में अपने कंप्यूटर की कीमतें 60 फीसदी तक बढ़ाईं, जबकि सितंबर में हैंडसेट के दाम 40 फीसदी तक बढ़ाए।
इस साल अब तक स्मार्टफोन की औसत कीमत करीब 21 फीसदी बढ़ चुकी है। सबसे ज्यादा मार सस्ते स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ी है। एंट्री-लेवल मोबाइल फोन की कीमतों में करीब 32 फीसदी का उछाल आया है।
काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि इस साल त्योहारी सीजन में स्मार्टफोन की बिक्री संख्या के लिहाज से 12 फीसदी घट सकती है। हालांकि, बिक्री की कुल वैल्यू 5 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। यानी ग्राहक फोन कम खरीद रहे हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
दुनिया भर में स्मार्टफोन कंपनियों को झटका
यह संकट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। जुलाई से सितंबर के बीच दुनियाभर में स्मार्टफोन शिपमेंट 22 फीसदी घटकर 25.53 करोड़ यूनिट रह गई। यह अब तक की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है।
सैमसंग की शिपमेंट 5.8 फीसदी और एप्पल की 4 फीसदी घटी। वहीं, शाओमी की शिपमेंट करीब 30 फीसदी, ओप्पो की लगभग 35 फीसदी और वीवो की बिक्री करीब एक तिहाई गिर गई।
AI की बढ़ती डिमांड बनी मोबाइल कंपनियों की मुसीबत
स्मार्टफोन इंडस्ट्री के संकट की एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता कारोबार है। टेक कंपनियां AI डेटा सेंटर पर भारी निवेश कर रही हैं। इससे मेमोरी चिप की मांग तेजी से बढ़ी है। चिप बनाने वाली कंपनियां ज्यादा मुनाफे वाले AI बाजार को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे मोबाइल कंपनियों के लिए चिप की सप्लाई घट रही है।
काउंटरपॉइंट के मुताबिक, मेमोरी की कीमतें एक साल पहले के मुकाबले करीब पांच गुना तक पहुंच गई हैं। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष, महंगी शिपिंग और कमजोर करेंसी ने भी लागत बढ़ाई है। त्योहारी डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन मेमोरी की कीमतें कब घटेंगी, इसे लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।