IIT मद्रास का AI मिशन, रिसर्च आइडिया को स्टार्टअप में बदलने के लिए लॉन्च किया AI Studio

IIT मद्रास के Wadhwani School of Data Science and AI ने AI रिसर्च को स्टार्टअप में बदलने के लिए AI Studio लॉन्च किया है। इस प्रोग्राम के जरिए रिसर्चर्स और उद्यमियों को फंडिंग, मेंटरशिप, क्लाउड सपोर्ट और लैब संसाधन मिलेंगे। इसका लक्ष्य हेल्थ AI, एजुकेशन AI और भारतीय भाषाओं से जुड़े AI समाधान को बाजार तक पहुंचाना है।

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IIT मद्रास का AI Studio साल में दो बैच चलाएगा। इसके लिए आवेदन विंटर और स्प्रिंग साइकल में शुरू होंगे। (फोटो: IIT मद्रास)
IIT मद्रास का AI Studio साल में दो बैच चलाएगा। इसके लिए आवेदन विंटर और स्प्रिंग साइकल में शुरू होंगे। (फोटो: IIT मद्रास)

In Short

  • IIT मद्रास का AI Studio रिसर्च आइडिया को स्टार्टअप में बदलने में मदद करेगा।
  • चुने गए स्टार्टअप्स को फंडिंग, मेंटरशिप और टेक्निकल सपोर्ट मिलेगा।
  • प्रोग्राम हेल्थ AI, एजुकेशन AI और Indic Language AI पर फोकस करेगा।

By Shakshi:

IIT मद्रास के Wadhwani School of Data Science and AI (WSAI) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI रिसर्च को स्टार्टअप में बदलने के लिए नया AI Studio लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य रिसर्च लैब में तैयार होने वाली AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस तकनीकों को वास्तविक बिजनेस सॉल्यूशन में बदलना है।

यह वेंचर स्टूडियो रिसर्चर्स, अकादमिक फाउंडर्स और बाहरी उद्यमियों के साथ काम करेगा, ताकि AI से जुड़े आइडिया को शुरुआती रिसर्च चरण से निकालकर बाजार में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट और कंपनियों में बदला जा सके। इसका फोकस हेल्थ AI, एजुकेशन AI, Responsible AI और भारतीय भाषाओं से जुड़े AI समाधान पर रहेगा।

AI स्टार्टअप्स को मिलेगा फंड और मेंटरशिप

AI Studio के पहले बैच में चुनी गई कंपनियों और टीमों को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें शुरुआती फंडिंग, क्लाउड और कंप्यूट क्रेडिट, IIT मद्रास की रिसर्च लैब और डेटा संसाधनों तक पहुंच शामिल है।

इसके अलावा चुने गए स्टार्टअप्स को फैकल्टी और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से मेंटरशिप मिलेगी। उन्हें प्रोडक्ट को बाजार के हिसाब से तैयार करने यानी प्रोडक्ट-मार्केट फिट हासिल करने में भी मदद दी जाएगी।

प्रोग्राम में Entrepreneur-in-Residence की सुविधा भी होगी, जिससे स्टार्टअप्स को आगे की फंडिंग और IIT मद्रास के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम से जुड़ने का रास्ता मिलेगा।

कौन आवेदन कर सकता है?

IIT मद्रास और WSAI के रिसर्चर्स, दूसरे संस्थानों के अकादमिक फाउंडर्स और AI, मशीन लर्निंग या डेटा साइंस पर काम कर रहे बाहरी उद्यमी इस प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले चरण में एक ट्रेनिंग प्रोग्राम और बूटकैंप होगा, जिसमें बड़ी संख्या में उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे। इसके बाद चुनी गई कुछ टीमों को पूरा स्टूडियो प्रोग्राम मिलेगा।

पहले बैच के लिए आवेदन 3 अक्टूबर से शुरू होंगे। चुनी गई टीमों के लिए वेंचर डेवलपमेंट और मूल्यांकन कार्यक्रम करीब छह महीने का होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है।

AI रिसर्च को लैब से बाहर लाने की कोशिश

WSAI के प्रमुख प्रोफेसर बालारमन रविंद्रन ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य AI को लैब से निकालकर वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान तक पहुंचाना है।

AI Studio की CEO रूपा करेमुंगिकर ने कहा कि यह ऐसा समय है जब AI, बेहतर रिसर्च और भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षा एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम का उद्देश्य रिसर्च आधारित कंपनियां बनाना है जो वास्तविक बाजार की जरूरतों को पूरा कर सकें।

IIT मद्रास के मुताबिक, यह पहल उसके मौजूदा डीप-टेक इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को और मजबूत करेगी। संस्थान का कहना है कि उसके इनक्यूबेशन नेटवर्क से सैकड़ों डीप-टेक स्टार्टअप्स को समर्थन मिला है, जिनकी कुल वैल्यूएशन करीब 8 अरब डॉलर है और जिन्होंने 11,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं।

नया AI Studio अब AI और डेटा साइंस रिसर्च को आइडिया से लेकर स्टार्टअप, फंडिंग और बिजनेस विस्तार तक पहुंचाने के लिए एक संरचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा।

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