पुराने अकाउंट से लेकर ब्राउजर हिस्ट्री तक...डिजिटल फुटप्रिंट घटाने के लिए आज ही करें ये 5 जरूरी काम
अगर आपको लगता है कि इंटरनेट पर आपकी निजी जानकारी सुरक्षित है, तो एक बार फिर सोचने की जरूरत है। सालों पुराना डिजिटल रिकॉर्ड आज भी आपके लिए खतरा बन सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जानिए कैसे।

In Short
- पुराने और इस्तेमाल न होने वाले ऑनलाइन अकाउंट को सिर्फ लॉगआउट नहीं, बल्कि परमानेंटली डिलीट करें।
- डेटा ब्रोकर्स और सर्च इंजन से नाम, फोन नंबर, पता और दूसरी पर्सनल जानकारी हटाने की रिक्वेस्ट भेजें।
- सोशल मीडिया प्राइवेसी, ऐप परमिशन और ब्राउजर ट्रैकिंग सेटिंग को सख्त करके आगे का डिजिटल फुटप्रिंट कम करें।
इंटरनेट पर सालों से की गई ब्राउजिंग, पुराने अकाउंट और अलग-अलग वेबसाइटों पर दी गई जानकारी मिलकर आपका बड़ा डिजिटल फुटप्रिंट बना देती है। डेटा लीक होने पर पुराना पासवर्ड, फोन नंबर, नाम या घर का पता भी सार्वजनिक हो सकता है। ऐसे खतरे को कम करने के लिए डिजिटल सफाई की शुरुआत इन पांच जरूरी स्टेप्स से करनी होगी।
1: पुराने और बेकार अकाउंट डिलीट करें
पुराने ऑनलाइन अकाउंट डेटा लीक का बड़ा जरिया बन सकते हैं।
- अपनी मुख्य ईमेल आईडी में “वेलकम”, “वेरिफाई”, “रजिस्ट्रेशन” और “फ्री ट्रायल” जैसे शब्द सर्च करें।
- इससे उन वेबसाइटों और ऐप्स का पता लगाया जा सकता है, जहां आपने कभी अकाउंट बनाया था।
- इस्तेमाल न होने वाले अकाउंट से सिर्फ लॉगआउट न करें।
- अकाउंट सेटिंग में जाकर उसे परमानेंटली डिलीट करें।
- जरूरत पड़ने पर डिलीशन डायरेक्टरी की मदद से अकाउंट बंद करने वाली डायरेक्ट लिंक खोजें।
2: डेटा ब्रोकर्स से अपनी जानकारी हटवाएं
डेटा ब्रोकर्स पब्लिक रिकॉर्ड और ऐप एक्टिविटी से निजी जानकारी जुटाकर उसे बेचते हैं।
- गूगल पर अपने नाम के साथ फोन नंबर या मौजूदा शहर का नाम डालकर सर्च करें।
- देखें कि आपकी जानकारी किसी पीपल-सर्च या डायरेक्टरी वेबसाइट पर तो नहीं है।
- संबंधित वेबसाइट के प्राइवेसी या रिमूवल पेज पर जाएं।
- वहां अपनी जानकारी हटाने के लिए ऑप्ट-आउट रिक्वेस्ट भेजें।
- ऑटोमेटेड प्राइवेसी टूल्स का इस्तेमाल करके नियमित रिमूवल रिक्वेस्ट भी भेजी जा सकती है।
- ऐसा इसलिए जरूरी है, क्योंकि डेटा ब्रोकर्स कई बार हटाई गई जानकारी को दोबारा जोड़ देते हैं।
3: सर्च रिजल्ट से पर्सनल जानकारी हटाएं
सर्च इंजन निजी जानकारी वाले पेज को आसानी से लोगों के सामने ला सकते हैं।
- गूगल के ऑफिशियल रिमूवल फॉर्म का इस्तेमाल करें।
- इसके जरिए पर्सनली आइडेंटिफाएबल इंफॉर्मेशन हटाने की रिक्वेस्ट भेजी जा सकती है।
- कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट और डॉक्सिंग से जुड़ा कंटेंट भी हटवाया जा सकता है।
- जिस वेबसाइट पर असली जानकारी मौजूद है, उसके एडमिन या वेबमास्टर से संपर्क करें।
- ईमेल में उस पेज का सही वेब एड्रेस जरूर भेजें।
- उनसे जानकारी डिलीट करने या आपका नाम छिपाने की मांग करें।
4: अकाउंट और ऐप परमिशन सीमित करें
जिन अकाउंट्स का इस्तेमाल जरूरी है, उनकी प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखना जरूरी है।
- सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट करें।
- फोन नंबर या ईमेल से प्रोफाइल खोजने का ऑप्शन बंद करें।
- पुराने पब्लिक पोस्ट और गैर-जरूरी जानकारी हटाएं।
- गूगल, एपल या सोशल लॉगिन से जुड़े थर्ड-पार्टी ऐप्स की जांच करें।
- जिन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं होता, उनका एक्सेस बंद कर दें।
- फोन की सेटिंग में जाकर गैर-जरूरी लोकेशन, कॉन्टैक्ट और कैमरा परमिशन ऑफ करें।
5: ब्राउजर डेटा साफ करें और ट्रैकिंग रोकें
अंत में अपने डिवाइस और ब्राउजर में जमा पुराना डेटा भी साफ करें।
- सभी ब्राउजर से कुकीज और कैश फाइल डिलीट करें।
- सेव किया गया फॉर्म डेटा और ब्राउजिंग हिस्ट्री भी क्लियर करें।
- वेब और लोकेशन हिस्ट्री के लिए ऑटो-डिलीट फीचर ऑन करें।
- हिस्ट्री को हर 3 से 18 महीने में अपने आप मिटाने की सेटिंग की जा सकती है।
- प्राइवेसी-फोकस्ड ब्राउजर का इस्तेमाल करें।
- स्ट्रिक्ट ट्रैकिंग प्रोटेक्शन चालू रखें।
- जरूरत पड़ने पर वीपीएन का इस्तेमाल करें।
इन स्टेप्स से इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन आपका डिजिटल फुटप्रिंट काफी कम हो सकता है और निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल का खतरा भी घटाया जा सकता है।