IRCTC से टिकट बुकिंग में GPT-6 Astra का कमाल! ट्रेन सर्च करने से लेकर सभी डिटेल भरने तक किया सारा काम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ जवाब देने तक सीमित नहीं रह गया है। एक क्रिएटर के एक्सपेरिमेंट में GPT-6 Astra ने कथित तौर पर IRCTC पर मुंबई से राजकोट की टिकट बुकिंग की लगभग पूरी प्रक्रिया खुद पूरी की। AI ने ब्राउजर नेविगेट किया, जानकारी भरी और पेमेंट स्टेप तक पहुंचा, जहां इंसानी हस्तक्षेप जरूरी रहा।

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मुंबई-राजकोट टिकट AI ने बुक की?
मुंबई-राजकोट टिकट AI ने बुक की?

In Short

  • GPT-6 Astra ने कथित तौर पर IRCTC टिकट बुकिंग की लगभग पूरी प्रक्रिया खुद संभाली।
  • AI ने ब्राउजर नेविगेट कर ट्रेन सर्च, क्लास चयन और पैसेंजर डिटेल भरने जैसे काम किए।
  • पेमेंट, OTP और सिक्योरिटी स्टेप्स पर अभी भी इंसानी हस्तक्षेप की जरूरत बनी हुई है।

By Shakshi:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रह गया है। एक नए एक्सपेरिमेंट ने दिखाया है कि AI एजेंट भविष्य में यूजर्स की जगह कई डिजिटल काम खुद पूरे कर सकते हैं। इंस्टाग्राम क्रिएटर Manthan Jethwani ने GPT-6 Astra की क्षमता को टेस्ट करते हुए दावा किया कि AI ने IRCTC पर मुंबई से राजकोट के लिए दो यात्रियों की AC क्लास टिकट बुकिंग की लगभग पूरी प्रक्रिया खुद संभाल ली।

क्रिएटर ने बताया कि वह पिछले 2-3 दिनों से GPT-6 Astra को टेस्ट कर रहे थे और इस दौरान AI की क्षमताओं ने उन्हें कई बार हैरान किया। उन्होंने कहा कि जब किसी ने उनसे पूछा कि क्या AI IRCTC टिकट बुक कर सकता है, तो उन्होंने अनुमान लगाने के बजाय खुद इसका परीक्षण करने का फैसला किया।

उन्होंने अपने एक्सपेरिमेंट में AI को निर्देश दिया कि मुंबई से राजकोट के लिए दो लोगों की AC टिकट बुक करनी है। इसके बाद AI एजेंट ने ब्राउजर को खुद नेविगेट किया और IRCTC वेबसाइट पर बुकिंग प्रक्रिया शुरू की।

क्रिएटर के मुताबिक, AI ने खुद स्टेशन चुने, यात्रा की तारीख और समय डाला, उपलब्ध ट्रेनों को सर्च किया, ट्रेन और क्लास का चयन किया और यात्रियों की जानकारी भरने तक की प्रक्रिया पूरी कर दी। उन्होंने कहा कि यह देखकर वह खुद हैरान रह गए कि AI सिर्फ जानकारी देने के बजाय वास्तविक डिजिटल काम को अंजाम दे रहा था।

AI Agent और सामान्य चैटबॉट में अंतर

सामान्य AI चैटबॉट से अगर पूछा जाए कि "मुंबई से राजकोट जाने वाली ट्रेन बताओ", तो वह सिर्फ आपको जानकारी उपलब्ध कराएगा। लेकिन AI Agent को अगर कहा जाए कि "IRCTC खोलो और मुंबई से राजकोट की दो AC टिकट बुक करो", तो वह लक्ष्य पूरा करने के लिए कई चरणों में खुद काम करने की कोशिश करता है।

इस एक्सपेरिमेंट में AI ने वेबसाइट के इंटरफेस को समझा, जरूरी विकल्पों को पहचाना और यूजर के निर्देश के आधार पर क्लिक और टाइपिंग जैसे काम किए।

यही Agentic AI की खासियत है, जहां AI सिर्फ जवाब नहीं देता बल्कि किसी काम को पूरा करने के लिए खुद कार्रवाई कर सकता है।

पेमेंट स्टेप पर क्यों रुका AI?

हालांकि, टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया अपने आप पूरी नहीं हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, AI बुकिंग को पेमेंट स्टेज तक लेकर गया, लेकिन अंतिम भुगतान के लिए इंसानी हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी।

IRCTC जैसी सेवाओं में पेमेंट, OTP, CAPTCHA और अकाउंट सिक्योरिटी जैसे स्टेप्स अभी भी यूजर के नियंत्रण में रखे जाते हैं। इसका कारण ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव है।

यानी AI ब्राउजर पर नेविगेशन, जानकारी भरने और विकल्प चुनने जैसे काम कर सकता है, लेकिन संवेदनशील प्रक्रियाओं में इंसान की भूमिका अभी जरूरी बनी हुई है।

AI का नया दौर: बताने से आगे बढ़कर करने तक

इस एक्सपेरिमेंट का सबसे बड़ा संकेत यह है कि AI धीरे-धीरे "कैसे करें" बताने वाले टूल से आगे बढ़कर "खुद करके दिखाने" वाले डिजिटल एजेंट की ओर बढ़ रहा है।

भविष्य में ऐसे AI एजेंट टिकट बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने, फॉर्म भरने और कई दूसरे डिजिटल कामों में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, GPT-6 Astra की सार्वजनिक उपलब्धता और इसकी क्षमताओं को लेकर अभी पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं है। लेकिन इस तरह के प्रयोग दिखाते हैं कि AI का इस्तेमाल आने वाले समय में सिर्फ बातचीत के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक काम पूरे करने के लिए भी किया जा सकता है।

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