Google Pixel Tag: एयरटैग को टक्कर देने आया गूगल का नया ट्रैकर, जानें कीमत फीचर्स और भारत में कब होगी बिक्री
गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नया पिक्सल टैग पेश किया है, जो खोए हुए सामान को ढूंढने में मदद करेगा। इसमें कुछ ऐसे फीचर्स दिए गए हैं जो इसे एप्पल एयरटैग से अलग बनाते हैं। भारत में इसकी कीमत और बिक्री की तारीख भी सामने आ गई है।
In Short
- गूगल पिक्सल टैग एंड्रॉयड यूजर्स के लिए कंपनी का नया ब्लूटूथ ट्रैकर है
- इसमें फिजिकल बटन और चैनल साउंडिंग टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स दिए गए हैं
- भारत में पिक्सल टैग की शुरुआती कीमत ₹3,799 रखी गई है
एप्पल के एयरटैग जैसे ट्रैकर की तलाश कर रहे एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल ने नया पिक्सल टैग पेश किया है। मेड बाय गूगल इवेंट में लॉन्च हुआ यह कंपनी का पहला एंड्रॉयड एक्सक्लूसिव ब्लूटूथ ट्रैकर है। इसकी मदद से यूजर्स अपनी चाबी, बैग या दूसरे सामान की लोकेशन ट्रैक कर सकेंगे। पिक्सल टैग को गूगल के एंड्रॉयड इकोसिस्टम और फाइंड माय डिवाइस नेटवर्क के साथ काम करने के लिए बनाया गया है। अब जानते हैं कि इसके फीचर्स क्या हैं और यह एयरटैग से कितना अलग है।
पिक्सल टैग में मिलेगा फिजिकल बटन
गूगल पिक्सल टैग का डिजाइन ओवल शेप में है और इसे स्टेनलेस स्टील बिल्ड के साथ तैयार किया गया है। इसमें बिल्ट इन स्पीकर दिया गया है, जिसकी मदद से खोए हुए सामान को साउंड के जरिए ढूंढा जा सकता है। इसके अलावा ट्रैकर पर एक फिजिकल बटन भी मिलता है। इस बटन को दबाकर कनेक्टेड स्मार्टफोन पर साउंड ट्रिगर किया जा सकता है। एप्पल एयरटैग में यह फिजिकल बटन नहीं मिलता है।पिक्सल टैग को आईपी67 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंस रेटिंग भी मिली है। यानी इसे धूल और पानी से कुछ हद तक प्रोटेक्शन मिलता है।
चाबी या बैग से जोड़ने के लिए खरीदनी होगी एक्सेसरी
पिक्सल टैग में एयरटैग की तरह कोई अटैचमेंट पॉइंट नहीं दिया गया है। ऐसे में अगर इसे चाबी या बैग के साथ लगाना है तो अलग से एक्सेसरी खरीदनी होगी।यह डिवाइस एंड्रॉयड 9 या उससे नए ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन को सपोर्ट करता है और ब्लूटूथ 6 के साथ आता है। इसमें रिप्लेसेबल बैटरी भी दी गई है।
फाइंड माय डिवाइस नेटवर्क से होगी सामान की ट्रैकिंग
पिक्सल टैग गूगल के फाइंड माय डिवाइस नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। इसका काम एप्पल के फाइंड माय नेटवर्क की तरह होगा। एंड्रॉयड डिवाइसेज के नेटवर्क की मदद से यूजर अपने खोए हुए या गलत जगह रखे सामान की लोकेशन पता कर सकेंगे।
गूगल ने अनवॉन्टेड ट्रैकिंग से बचाने के लिए सेफ्टी फीचर्स भी दिए हैं। अगर कोई अनजान ट्रैकर किसी एंड्रॉयड फोन के साथ ट्रैवल कर रहा है तो फोन यूजर को अलर्ट कर सकता है। पिक्सल टैग पास में डिटेक्ट होने पर आईफोन यूजर्स को भी वॉर्निंग मिल सकती है।
चैनल साउंडिंग से ज्यादा सटीक होगी ट्रैकिंग
पिक्सल टैग का बड़ा फीचर चैनल साउंडिंग टेक्नोलॉजी है। यह दो ब्लूटूथ डिवाइसेज के बीच की दूरी को ज्यादा सटीक तरीके से मापने में मदद करती है।
इस टेक्नोलॉजी में फेज बेस्ड रेंजिंग यानी पीबीआर और राउंड ट्रिप टाइम यानी आरटीटी का इस्तेमाल होता है। दोनों मेजरमेंट को मिलाकर सिस्टम ज्यादा सही तरीके से पता लगा सकता है कि ट्रैकर करीब 1 मीटर, 3 मीटर या 10 मीटर दूर है। यह केवल ब्लूटूथ सिग्नल स्ट्रेंथ के आधार पर दूरी बताने के मुकाबले ज्यादा सटीक तरीका है।
भारत में इतनी होगी पिक्सल टैग की कीमत
भारत में गूगल पिक्सल टैग के सिंगल यूनिट की कीमत ₹3,799 रखी गई है। इसके मुकाबले एप्पल एयरटैग की कीमत ₹3,790 है। वहीं पिक्सल टैग के फोर पैक की कीमत ₹12,900 होगी।
भारत में पिक्सल टैग की सेल नवंबर से शुरू होगी। यानी एंड्रॉयड यूजर्स को गूगल के इस नए ब्लूटूथ ट्रैकर को खरीदने के लिए फिलहाल कुछ समय इंतजार करना होगा।