उम्र के हिसाब से सोशल मीडिया एक्सेस देने की तैयारी! ये राज्य सरकार योजना पर कर रही है विचार

ये राज्य सरकार बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए उम्र आधारित सोशल मीडिया एक्सेस पॉलिसी पर काम कर रही है, जिससे सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा मिल सके।

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By Gaurav Kumar:

विशाखापत्तनम में गूगल के नए एआई डेटा सेंटर की आधारशिला रखे जाने के साथ ही भारत ने डिजिटल दुनिया में एक लंबी छलांग लगा दी है। लेकिन इस तकनीकी विकास के साथ-साथ सरकार अब डेटा की सुरक्षा और बच्चों की इंटरनेट सेफ्टी को लेकर भी काफी सख्त नजर आ रही है। आंध्र प्रदेश सरकार अब सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए 'उम्र के हिसाब से एक्सेस' देने की योजना पर विचार कर रही है।

सोशल मीडिया पर उम्र की पाबंदी की तैयारी

आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने विशाखापत्तनम में इस कार्यक्रम के दौरान साफ किया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर एक ऐसी पॉलिसी पर काम कर रही है, जिससे सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सुरक्षित बनाया जा सके। लोकेश ने बताया कि वे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मिलकर डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा कवच तैयार कर रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को सोशल मीडिया पर केवल वही कंटेंट दिखे जो उनकी उम्र के लिहाज से सही हो।

डिजीलॉकर से होगी उम्र की पहचान

इससे पहले आई खबरों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश सरकार एक ऐसे डिजिटल सिस्टम पर विचार कर रही है जहां 'डिजीलॉकर' के जरिए उम्र का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इससे कम उम्र के बच्चों को उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दूर रखने में मदद मिलेगी जो उनके लिए सही नहीं हैं। नारा लोकेश ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के डिजिटल और एआई इकोसिस्टम को बनाने में राष्ट्रीय सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनका कहना है कि वे भारत और आंध्र प्रदेश के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करने पर एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

विशाखापत्तनम बनेगा नया एआई-पट्टनम

विशाखापत्तनम में बन रहे गूगल के इस विशाल डेटा सेंटर को नारा लोकेश ने आजादी के बाद का सबसे बड़ा 'एफडीआई' (विदेशी निवेश) करार दिया है। उन्होंने इसे इतिहास रचने वाला पल बताया। वहीं, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल को विशाखापत्तनम के लिए 'साइबराबाद मोमेंट' कहा और शहर को 'एआई-पट्टनम' का नया नाम दिया। वैष्णव का मानना है कि इस एआई हब के आने से भारत डेटा और एआई सिस्टम के संचालन के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद ठिकाना बन जाएगा। अब चुनौती एआई की रफ्तार और डेटा की निजता के बीच सही संतुलन बनाने की होगी।

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