अब टैब बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्रोम में आ रहा Gemini AI का ऐसा फीचर जो बदल देगा ब्राउजिंग
गूगल क्रोम में अब एआई का नया दौर शुरू होने जा रहा है। जेमिनी एआई के आने से यूजर्स वेबपेज का सार समझ सकेंगे, सवाल पूछ सकेंगे और कई काम बिना ऐप बदले कर पाएंगे। हालांकि, एंड्रॉयड पर यह सुविधा फिलहाल सिर्फ अमेरिका में उपलब्ध है और भारत के यूजर्स को इंतजार करना होगा।

In Short
- गूगल क्रोम के एंड्रॉयड वर्जन में जेमिनी एआई की शुरुआत हुई
- जेमिनी वेबपेज समरी, सवालों के जवाब और कई कामों में मदद करेगा
- ऑटो ब्राउज फीचर कई स्टेप वाले ऑनलाइन काम पूरे करने में सक्षम होगा
Google Gemini AI: फोन पर इंटरनेट चलाते समय बार-बार अलग-अलग टैब खोलना, जानकारी कॉपी करना और ऐप बदलना जल्द ही कम हो सकता है। गूगल अपने जेमिनी एआई असिस्टेंट को क्रोम के एंड्रॉयड वर्जन में ला रहा है। इसके जरिए यूजर्स जिस वेबपेज को देख रहे होंगे, उसी के आधार पर जानकारी समझ सकेंगे, सवाल पूछ सकेंगे और कई काम कर सकेंगे।
यह फीचर फिलहाल अमेरिका में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। इससे पहले जेमिनी इन क्रोम डेस्कटॉप डिवाइस पर उपलब्ध था।
वेबपेज का सार बताएगा जेमिनी
क्रोम में जेमिनी की मदद से यूजर्स किसी भी वेबपेज का छोटा सार यानी समरी हासिल कर सकेंगे। अगर कोई लंबा आर्टिकल पढ़ने का समय नहीं है, तो एआई उसके मुख्य पॉइंट्स बता सकेगा। इसके अलावा यूजर्स वेबपेज पर मौजूद जानकारी को लेकर सवाल भी पूछ सकेंगे। इससे किसी खास जानकारी को ढूंढना और कंटेंट को समझना आसान होगा।
जेमिनी, गूगल कैलेंडर और गूगल कीप जैसे दूसरे गूगल ऐप्स के साथ भी काम कर सकेगा। इससे यूजर्स को बार-बार अलग-अलग ऐप खोलने की जरूरत कम होगी।
ऑटो ब्राउज करेगा कई स्टेप वाले काम
जेमिनी का ऑटो ब्राउज फीचर इसे और ज्यादा उपयोगी बनाता है। यह सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वेब पर कई स्टेप वाले काम भी कर सकेगा। इसके अलावा यह प्रोडक्ट की तुलना करने, ऑफर ढूंढने, रेस्टोरेंट रिजर्वेशन, अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने और ट्रैवल बुकिंग जैसे कामों में भी मदद कर सकता है।
यह फीचर फिलहाल अमेरिका में गूगल एआई प्रो और गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है।
एआई ब्राउजिंग के लिए सुरक्षा इंतजाम
एआई को वेबसाइट पर काम करने की अनुमति देने से सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठते हैं। गूगल ने बताया है कि ऑटो ब्राउज में प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय लगाए गए हैं।
अगर किसी वेबसाइट पर छिपे निर्देश एआई को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, तो जेमिनी उन्हें संभालने के लिए सुरक्षा सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा किसी संवेदनशील काम को पूरा करने से पहले जेमिनी यूजर से अनुमति भी मांगेगा।
भारत में अभी करना होगा इंतजार
भारत के एंड्रॉयड यूजर्स के लिए अभी यह फीचर उपलब्ध नहीं है। गूगल की जानकारी के मुताबिक, जेमिनी इन क्रोम का एंड्रॉयड वर्जन फिलहाल सिर्फ अमेरिका में रोलआउट किया गया है।
हालांकि, भारत में डेस्कटॉप पर जेमिनी इन क्रोम पहले से उपलब्ध है। डेस्कटॉप वर्जन में हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट भी दिया गया है।
भारत में एंड्रॉयड यूजर्स को क्रोम पर जेमिनी एआई का यह नया अनुभव पाने के लिए अभी गूगल के विस्तार का इंतजार करना होगा