Fujifilm X-Half Review: रेट्रो लुक, दमदार कैमरा और कुछ कमियां, क्या आपको खरीदना चाहिए?

स्मार्टफोन कैमरों के दौर में Fujifilm X-Half अपने रेट्रो डिजाइन और कॉम्पैक्ट साइज के साथ अलग पहचान बनाने की कोशिश करता है। करीब 15 दिनों के इस्तेमाल में कैमरे की शानदार फोटो क्वालिटी, फिल्म सिमुलेशन और आसान कनेक्टिविटी पसंद आई, लेकिन कुछ कमियां भी सामने आईं। आखिर क्या इसे खरीदना चाहिए?

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By Aryan Sharma:

Fujifilm X-Half कंपनी के उन कैमरों में से एक है, जिसे शायद सबसे ज्यादा गलत समझा गया है। आज के समय में जब स्मार्टफोन कैमरे काफी पावरफुल हो चुके हैं और मिररलेस कैमरों के सिस्टम लगातार ज्यादा कॉम्प्लेक्स होते जा रहे हैं, X-Half इन सबसे बिल्कुल अलग रास्ता अपनाता है।

यह एक छोटा फिक्स्ड-लेंस कैमरा है, जिसका डिजाइन जानबूझकर रेट्रो रखा गया है। कई बार इसका इस्तेमाल थोड़ा अजीब और यहां तक कि गैर-जरूरी तौर पर इम्प्रैक्टिकल भी लगता है। लेकिन करीब 15 दिनों तक इसे इस्तेमाल करने के बाद मुझे लगा कि इसकी यही कमियां और अलग अंदाज इसे खास और दिलचस्प बनाते हैं।

X-Half सीधे Gen Z के उस रेट्रो कैमरा क्रेज को टारगेट करता है, जो आजकल काफी पॉपुलर हो रहा है। इसे साथ लेकर चलने पर आपको पुराने पॉइंट-एंड-शूट कैमरे वाला फील मिलता है, लेकिन 15 साल पुराने कॉम्पैक्ट कैमरे की खराब बैटरी, कमजोर हार्डवेयर और खराब फोटो क्वालिटी जैसी परेशानियां नहीं होतीं। यानी लुक और फील पुराना है, लेकिन टेक्नोलॉजी पूरी तरह नई।

तो क्या करीब 50,000 रुपये खर्च करके Fujifilm X-Half खरीदना सही फैसला है? इसी का जवाब तलाश रहा है Business Today का Fujifilm X-Half रिव्यू। इसमें हम जानेंगे कि इस कैमरे में क्या खास है, इसकी कमियां क्या हैं और किन लोगों के लिए इसे खरीदना सही हो सकता है।

Fujifilm X-Half कैमरे से शूट की गई तस्वीर

छोटा कैमरा, पुरानी यादों का बड़ा अहसास

सबसे पहले जो चीज X-Half में आपका ध्यान खींचती है, वह है इसका बेहद छोटा साइज। बैटरी और मेमोरी कार्ड के साथ इसका वजन करीब 240 ग्राम है। यानी यह आपकी जेब, बैग की फ्रंट पॉकेट या फैनी पैक में भी आसानी से आ जाता है। खासकर ट्रैवल के दौरान यह काफी काम की चीज है। इतना हल्का है कि इसे हर वक्त साथ रखने में कोई परेशानी नहीं होती। और यही इस कैमरे की सबसे बड़ी खासियत भी है, क्योंकि इसे इस तरह बनाया गया है कि आप इसे ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और ज्यादा तस्वीरें क्लिक करें।

इसके साथ रेट्रो फील भी जुड़ा हुआ है। आजकल Gen Z के बीच पुराने डिजिटल कैमरों का क्रेज काफी बढ़ गया है। थोड़ी ग्रेनी, थोड़ी अनपरफेक्ट और नैचुरल दिखने वाली तस्वीरें फिर से ट्रेंड में हैं। लेकिन करीब 15 साल पुराना कॉम्पैक्ट कैमरा खरीदने पर पुरानी बैटरी, पुराने सेंसर और खराब होती फोटो क्वालिटी जैसी दिक्कतों से समझौता करना पड़ता है। X-Half इस ट्रेंड के लिए Fujifilm का जवाब लगता है: रेट्रो लुक, पर बिना पुराना हुए।

इसकी बनावट मजबूत लगती है, इसके बटन और कंट्रोल का अपना ही मजा है, और इसका वर्टिकल डिस्प्ले फोटो को कैमरे से निकालते ही लगभग इंस्टाग्राम-रेडी लुक देता है।

लेंस की लिमिट?

X-Half में 17.74-मेगापिक्सल का 1-इंच सेंसर है, जिसके साथ फिक्स्ड FUJINON 10.8mm F2.8 लेंस दिया गया है (जो फुल-फ्रेम के हिसाब से 32mm के बराबर है)। इस लेंस में 6-एलिमेंट, 5-ग्रुप ऑप्टिकल कंस्ट्रक्शन है जिसमें तीन एस्फेरिक एलिमेंट्स हैं, और इसका अपर्चर F2.8 से F11 तक जाता है।

यह लेंस शानदार है और काफी शार्प व डिटेल वाली तस्वीरें खींचता है, जो सोशल मीडिया और आम ट्रैवल फोटोग्राफी के लिए जरूरत से ज्यादा अच्छी हैं।

साफ तौर पर, यह एक फिक्स्ड लेंस है। आम तौर पर इसे मैं एक कमी के रूप में बताता, लेकिन यहां मुझे ऐसा नहीं लगता। बल्कि इसे एक लिमिट कहना इसके असल मकसद को नजरअंदाज करना होगा।

इसका फिक्स्ड लेंस होना एक तरह से क्रिएटिव चॉइस है। आपको बार-बार लेंस बदलने की टेंशन नहीं रहती और जो लेंस आपके पास है, उसी से बेहतर फोटो लेने पर फोकस करना पड़ता है।

अगर आप ऐसा कैमरा चाहते हैं जिसमें अलग-अलग लेंस खरीदकर पूरा कलेक्शन बना सकें, तो X-Half आपके लिए नहीं है। लेकिन अगर आपको एक छोटा, सिंपल और तुरंत फोटो क्लिक करने वाला कैमरा चाहिए, तो इसका 32mm के बराबर का लेंस काफी काम का साबित होता है।

मुझे इसका मैन्युअल अपर्चर कंट्रोल इस्तेमाल करने में भी काफी मजा आया। इसे इस्तेमाल करके फोटो क्लिक करने में भी काफी मजा आया। यह उन फीचर्स में से एक है, जो X-Half को सिर्फ एक महंगा खिलौना नहीं, बल्कि एक असली कैमरा होने का एहसास कराता है।

हालांकि, इस्तेमाल के दौरान एक छोटी सी दिक्कत जरूर सामने आती है। इसका अपर्चर लीवर थोड़ा ज्यादा सख्त होना चाहिए था। जब आप कैमरे को दोनों हाथों से पकड़कर शॉट को स्थिर रखने की कोशिश करते हैं, तो आपकी उंगली गलती से लीवर को छू सकती है। ऐसे में बिना इरादे के अपर्चर बदल जाता है।

13 फिल्म सिमुलेशन मोड

Fujifilm के 'फिल्म सिमुलेशन' मोड शायद इस कैमरे को खरीदने की सबसे बड़ी वजह हैं। मैंने फोटो खींचते समय अपना ज्यादातर समय क्लासिक नेगेटिव, सीपिया, ACROS और नॉस्टैल्जिक नेगेटिव मोड्स के साथ बिताया। X-Half में 13 फिल्म सिमुलेशन मोड और 26 क्रिएटिव फिल्टर मिलते हैं।

इसके ग्रेन इफेक्ट्स और अतिरिक्त फिल्टर मजेदार तो हैं, लेकिन मैंने इनका इस्तेमाल कम ही किया। यही बात इसके 2-इन-1 फीचर पर भी लागू होती है। विचार बहुत बढ़िया है और मैंने अपनी यात्रा के दौरान इसे दो बार इस्तेमाल किया, लेकिन यह मेरी फोटोग्राफी का मुख्य हिस्सा कभी नहीं बना।

कहां है कमी?

इसके टच कंट्रोल कुल मिलाकर सही काम करते हैं, बस कभी-कभार थोड़ी रुकावट महसूस होती है। लेकिन बदकिस्मती से, एक ऐसी समस्या भी थी जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मेरी 15 दिनों की यात्रा के दौरान, X-Half तीन बार हैंग हो गया। दो मौकों पर तो इस वजह से मैं वो पल ही नहीं शूट कर पाया जो मैं चाहता था। सबसे अजीब बात यह थी कि कैमरे को बटन से ऑफ करने पर भी समस्या हल नहीं हो रही थी। स्विच 'OFF' पोजिशन में होने के बाद भी स्क्रीन चालू ही रहती थी।

हालांकि यह रोज-रोज होने वाली समस्या नहीं थी, लेकिन पल भर के पलों को कैद करने के लिए बनाए गए कैमरे में कभी-कभार का हैंग होना भी परेशान करता है।

आज के जमाने की सहूलियतें

अच्छी बात यह है कि Fujifilm ने कनेक्टिविटी का पूरा ध्यान रखा है। इसका खास X-Half ऐप कैमरे को आपके स्मार्टफोन से जोड़ता है, जिससे बिना SD कार्ड निकाले या फाइलें मैन्युअल रूप से ट्रांसफर किए, तस्वीरें सीधे फोन में आ जाती हैं। यह ऐप iOS और Android दोनों के लिए उपलब्ध है।

फाइल ट्रांसफर बहुत तेज तो नहीं है, लेकिन सहूलियत के आगे यह इंतज़ार भारी नहीं लगता, खासकर तब जब आप सफर में हों और बिना ज्यादा झंझट के इंस्टाग्राम पर फोटो डालना चाहते हों।

और यहीं पर आज के दौर में X-Half बिल्कुल सही बैठता है। इसका 3:4 वर्टिकल फॉर्मेट सोशल मीडिया के लिए एकदम परफेक्ट लगता है, जबकि कैमरा आपको फोन के बजाय एक असली कैमरा इस्तेमाल करने का अहसास देता रहता है।

क्या आपको Fujifilm X-Half खरीदना चाहिए?

X-Half हर किसी को पसंद नहीं आएगा। 76,999 रुपये की MRP और भारत में लगभग 45,999 रुपये की औसत कीमत के साथ, यह एक फिक्स्ड-लेंस कॉम्पैक्ट कैमरे के लिए थोड़ा महंगा है। मुझे लगता है कि Fujifilm को इसे लगातार 40% डिस्काउंट पर बेचने के बजाय शुरुआत से ही इसकी कीमत थोड़ी कम रखनी चाहिए थी। अगर आप इसे खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं, तो किसी सेल का इंतजार करना ज्यादा समझदारी होगी।

लेकिन अगर आप पुराने सेकंड-हैंड कैमरे खोजने के चक्कर में पड़े बिना मॉडर्न इमेज क्वालिटी और रेट्रो लुक का मजा लेना चाहते हैं, तो यह एक बेहतरीन ऑप्शन है।

आपको इसमें शार्प तस्वीरें, शानदार फिल्म सिमुलेशन मोड, जेब में आ जाने वाली बॉडी, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और सबसे बढ़कर कुछ अलग इस्तेमाल करने का अहसास मिलता है। Fujifilm X-Half हर किसी की पसंद नहीं बनेगा, और मेरे लिए यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।

यह कैमरा थोड़ा अलग है, एक नया एक्सपेरिमेंट है। इसमें रेट्रो फील है और कई बार यह थोड़ा इम्प्रैक्टिकल भी लगता है। लेकिन कई दिनों तक इस्तेमाल करने के बाद मुझे इससे एक तरह का लगाव हो गया। मैं स्मार्टफोन उठाने के बजाय बार-बार X-Half को हाथ में लेने लगा, सिर्फ इसलिए क्योंकि मेरा मन ज्यादा से ज्यादा तस्वीरें क्लिक करने का करता था।

और शायद यही किसी कैमरे की सबसे बड़ी खासियत हो सकती है- वह आपको सिर्फ फोटो लेने के लिए नहीं, बल्कि ज्यादा तस्वीरें लेने के लिए एक्साइट करे। शायद कैमरे से मिलने वाला सबसे अच्छा अनुभव भी यही है।

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