Google के पूर्व इंजीनियर ने चुराई AI चिप की सीक्रेट टेक्नोलॉजी, चीनी स्टार्टअप से जुड़ा था मामला

Google के पूर्व इंजीनियर Linwei Ding को कंपनी की गोपनीय AI तकनीक चीनी कंपनियों तक पहुंचाने के मामले में करीब एक साल जेल की सजा मिली है। मामले में Google के TPU GPU और AI सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल थी। अदालत ने इसे कंपनी की संपत्ति चुराने की गंभीर और व्यवस्थित कोशिश बताया है।

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Google के पूर्व इंजीनियर को चीनी स्टार्टअप के लिए कंपनी की AI तकनीक चुराने के मामले में करीब एक साल जेल की सजा सुनाई गई है। (फोटो: Reuters)
Google के पूर्व इंजीनियर को चीनी स्टार्टअप के लिए कंपनी की AI तकनीक चुराने के मामले में करीब एक साल जेल की सजा सुनाई गई है। (फोटो: Reuters)

In Short

  • Google के पूर्व इंजीनियर Linwei Ding को 12 महीने से एक दिन कम जेल की सजा मिली
  • Ding ने Google की TPU GPU और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गोपनीय जानकारी ट्रांसफर की
  • उसे 1.79 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा और 23.75 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा

By Gaurav Kumar:

अमेरिका की एक अदालत ने Google के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर Linwei Ding को कंपनी की गोपनीय AI तकनीक चुराने के मामले में करीब एक साल जेल की सजा सुनाई है। Ding को 12 महीने से एक दिन कम जेल में रहना होगा। इसके बाद वह दो साल तक निगरानी में रहेगा।

अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक Ding ने Google की AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गोपनीय जानकारी चीनी कंपनियों तक पहुंचाई थी। इन दस्तावेजों में Google के बड़े AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जानकारी शामिल थी।

AI चिप से जुड़ी क्या जानकारी चुराई?

Ding ने जिन दस्तावेजों को चीनी कंपनियों तक पहुंचाया उनमें Google के Tensor Processing Unit यानी TPU और Graphics Processing Unit यानी GPU सिस्टम से जुड़ी जानकारी शामिल थी। Google के कस्टम TPU उसकी प्रमुख AI तकनीकों में गिने जाते हैं और इनकी मदद से कंपनी बाहरी कंपनियों पर निर्भर हुए बिना AI मॉडल को ट्रेन कर सकती है।

इसके अलावा दस्तावेजों में वह सॉफ्टवेयर भी शामिल था जो चिप्स को आपस में जोड़ने और काम करवाने में मदद करता है। हजारों चिप्स को मिलाकर सुपरकंप्यूटर तैयार करने वाले सॉफ्टवेयर और Google के कस्टम SmartNIC की जानकारी भी इसमें थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जानकारी मिलने से कोई कंपनी AI सुपरकंप्यूटर तैयार करने की प्रक्रिया के बड़े हिस्से को दोहराने से बच सकती है। Google को ऐसी तकनीक विकसित करने में लाखों डॉलर और करीब एक दशक लग सकता है।

500 से ज्यादा फाइलें ट्रांसफर करने का आरोप

अभियोजन पक्ष के मुताबिक Ding ने 21 मई 2022 से 2 मई 2023 के बीच Google के नेटवर्क से गोपनीय सामग्री अपने निजी Google Cloud अकाउंट में ट्रांसफर की। मुकदमे के दौरान अभियोजकों ने कहा कि उसने करीब एक साल में 500 से ज्यादा गोपनीय फाइलें अपलोड कीं।

बाद में दाखिल किए गए आरोपपत्र में 1,000 से ज्यादा अलग फाइलों का जिक्र किया गया। अभियोजन पक्ष ने 2,000 से ज्यादा पन्नों की गोपनीय जानकारी से जुड़े सबूत भी पेश किए।

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार दिसंबर 2023 में Google छोड़ने से दो हफ्ते से भी कम समय पहले Ding ने यह सामग्री अपने निजी कंप्यूटर पर डाउनलोड की थी।

चीनी स्टार्टअप से भी जुड़ गया था

मामले में Ding के चीन से संबंध भी जांच के दायरे में रहे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक गोपनीय जानकारी ट्रांसफर करना शुरू करने के कुछ महीनों बाद चीन की एक शुरुआती टेक कंपनी ने उसे Chief Technology Officer यानी CTO का पद ऑफर किया।

Ding 2022 के आखिर में उस कंपनी Rongshu से मिलने चीन गया और दिसंबर के आसपास उसके निवेशकों के साथ बैठकों में भी शामिल हुआ।

इसके बाद 2023 में उसने चीन में Zhisuan नाम की टेक कंपनी शुरू की। इस कंपनी का लक्ष्य बड़े AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना था।

अभियोग में Zhisuan के एक दस्तावेज का भी जिक्र किया गया, जिसमें Google के बड़े कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म के अनुभव को दोहराकर चीन के लिए उपयुक्त कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने की बात कही गई थी।

अदालत ने सुनाई सजा

San Francisco की ज्यूरी ने जनवरी में Ding को व्यापारिक गोपनीयता चुराने से जुड़े सात मामलों में दोषी पाया था। इसके अलावा आर्थिक जासूसी से जुड़े सात आरोप भी थे, लेकिन बाद में जज ने इन आरोपों को अलग कर दिया।

US District Judge Vince Chhabria ने सजा सुनाते हुए Ding की गतिविधियों को Google की संपत्ति चुराने की “व्यवस्थित और बेखौफ कोशिश” बताया। जेल की सजा के अलावा Ding को दो साल की निगरानी में रहना होगा। उसे 189,000 डॉलर से ज्यादा यानी करीब 1.79 करोड़ रुपये का मुआवजा और 25,000 डॉलर यानी करीब 23.75 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा।

कौन है Linwei Ding?

Linwei Ding, जिसे Leon Ding के नाम से भी जाना जाता है, चीन का नागरिक है। वह 2010 में मास्टर डिग्री करने के लिए अमेरिका आया था। इसके बाद उसने Silicon Valley की कई टेक कंपनियों में काम किया और 2019 में Google ने उसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर नियुक्त किया।

2021 में वह अमेरिका का वैध स्थायी निवासी बन गया। Google में उसकी भूमिका के कारण उसे बड़े AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच मिली थी।

AI की वैश्विक रेस के बीच आया फैसला

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच AI तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज है। अमेरिका ने चीन को सबसे एडवांस GPU तक पहुंच सीमित की है, जबकि चीनी कंपनियां अपने घरेलू चिप्स विकसित करने पर जोर दे रही हैं।

हाल में Ox Alpha नाम का AI मॉडल भी चर्चा में आया, जिसके बारे में कहा गया कि इसे पूरी तरह घरेलू स्तर पर बने चिप्स पर ट्रेन किया गया। यह मॉडल Z.ai के GLM-5 परिवार का हिस्सा है।

ऐसे माहौल में Google की AI चिप और सुपरकंप्यूटिंग तकनीक से जुड़ी गोपनीय जानकारी की चोरी का यह मामला अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा की गंभीरता को भी दिखाता है।

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